न्‍यायालय के आदेश के बावजूद प्रेस पंजीयक नहीं कर रहा हिंदुस्‍तान मामले की जांच

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मुंगेर। भारत सरकार के प्रेस पंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली ने न्यायालय के आदेशों का सम्मान करना पूरी तरह छोड़ ही दिया है। केन्द्रीय सूचना आयोग के केस नं0 - सीआईसी/ओके/सी/2008/657/एडी में 10 दिसंबर, 2008 को पारित आदेश को भी प्रेस पंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली ने दो वर्ष सात माह के अधिक समय से कूड़ादान में डाल रखा है। प्रेस पंजीयक के हाथ न्यायालय के आदेश के पालन में कांप रहे हैं क्योंकि जांच की कार्रवाई देश के शक्तिशाली मीडिया हाउस मेसर्स एचटी मीडिया लिमिटेड के दैनिक हिन्दुस्तान के अवैध प्रकाशन और अरबों रुपयों के सरकारी राजस्व के घपले से जुड़ा है।

सूचना आयुक्त अन्नपूर्णा दीक्षित ने अपने आदेश में प्रेस पंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली के केन्द्रीय लोक सूचना पदाधिकारी सीपीआईओ को आदेश दिया है कि -‘‘सीपीआईओ भागलपुर और मुजफफरपुर, बिहार के जिला पदाधिकारियों के परामर्श से दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ के भागलपुर और मुजफफरपुर के अवैध प्रकाशनों की जांच करे और इस आदेश की प्राप्ति के एक माह के अन्दर जांच रिपोर्ट आवेदक श्रीकृष्ण प्रसाद, मुगेर, बिहार और आयोग को सुपुर्द करें।’’

सूचना आयुक्तने अपने आदेश के पैरा 6 में स्पष्ट लिखा है कि-‘‘आयोग मानता है कि यह प्रेस पंजीयक कार्यालय की जवाबदेही बनती है कि वह कार्यालय, जिलों-जिलों में भिन्न-भिन्न संपादकों और भिन्न-भिन्न समाचारों के साथ बिना घोषणा पत्र के अवैध रूप से प्रकाशित हो रहे समाचार पत्रों की गतिविधियों पर नजर रखे।’’

सूचना आयुक्त ने आदेश में लिखा है कि आवेदक श्रीकृष्ण प्रसाद ने 21 अप्रैल, 2007 को सूचना के अधिकार कानून के तहत प्रेस पंजीयक कार्यालय के लोक सूचना पदाधिकारी से सूचना मांगी थी। जब सूचना लोक सूचना पदाधिकारी से नहीं मिली, तो आवेदक ने केन्द्रीय सूचना आयोग में 25 जून, 2007 को प्रथम अपील की। आवेदक श्री कृष्ण प्रसाद ने प्रेस पंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली के लोक सूचना पदाधिकारी से जो सूचना मांगी थीं, वह इस समाचार के साथ हू-ब-हू प्रकाशित किया जा रहा है।

‘‘बिहार सरकार के वित्त (अंकेक्षण) विभाग के अंकेक्षण प्रतिवेदन संख्या-195।05-06 के आलोक में भारत सरकार के समाचार पत्र पंजीयक (प्रेस रजिस्‍ट्रार) आवेदक को बतावें कि बिना निबंधन और जिला पदाधिकारी के समक्ष बिना घोषणा पत्र दाखिल किए क्रमशः 03-08-2001 और 28-03-2001 से भागलपुर और मुजफफरपुर (बिहार) से गैरकानूनी ढंग से दैनिक हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से प्रकाशित करने और अरबों रुपये का चूना राज्य और केन्द्र सरकार के राजस्व एवं निजी विज्ञापन दाताओं को लगानेवाले प्रबंधकों, मुद्रकों और संपादकों के विरुद्ध कौन सी कानूनी कार्रवाई प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्‍स एक्ट के तहत की है या कानूनी कार्रवाई का आदेश संबंधित जिला पदाधिकारियों को दिया है, की गई काररवाई से संबंधित कागजात उपलब्ध करावें। ’’

इस समाचार के लिखने तक प्रेस पंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली ने केन्द्रीय सूचना आयुक्त के आदेश का पालन नहीं किया है जो न्यायिक जगत और भारतीय प्रजातंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। अब आवेदक श्रीकृष्ण प्रसाद मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष अपनी फरियाद रखने जा रहे हैं और आयोग के आदेश को ठेंगा दिखानेवाले पदाधिकारियों को समुचित सजा दिलाने की मांग करने जा रहे हैं।

मुंगेर से काशी प्रसाद की रिपोर्ट.


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