खबरों के बीच गालियां, कई संपादकीयकर्मी नपे

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पिछले दिनों राजस्थान पत्रिका के अलवर संस्करण में एडिशन के फाइनल होते समय किसी स्टाफ सदस्य ने एक न्यूज में गालियां छपी होने का पता लगाया और सबको सूचित किया तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पूरा अखबार देखा गया तो कई खबरों में गालियां लिखी हुई मिली। इसके कारण समाचार पत्र के छपने में देरी हो गई। पता चला है किसी संपादकीय स्टाफ ने सिटी चीफ प्रेम पाठक व डेस्क पर कार्यरत नितेश सोनी का कम्प्यूटर खोलकर न्यूज के मध्य में गालियां लिख दी।

उस समय दोनों पाठक और सोनी अपनी टेबल पर नहीं थे। इस मामले में रिपोर्टर राजेश पंडित को पत्रिका प्रबंधन ने घर भेज दिया है और उनकी सेवाएं समाप्त करने का नोटिस थमा दिया है। इस मामले में पत्रिका की जांच टीम ने सभी के बयान लिए हैं। सिटी चीफ प्रेम पाठक व नितेश सोनी का स्थानांतरण जोधपुर कर दिया गया है। इस मामले में संपादीकय प्रभारी शिवभान सिंह का जाना भी तय माना जा रहा है।


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Comments (5)Add Comment
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written by amrita, September 17, 2011
ये पत्रिका प्रबंधन की अपने कर्मचारियों को निकालने का एक पुराना तरीका है । पहले ये दो गुट की बात करते थे जो कभी थे ही नहीं लोग चुतिया बनते थे अब तकनीक से तालमेल बिठाकर कंम्प्यूटर के बहाने संपादकों की सुपारी अपने गुर्गेा केा देते है । जोधपुर में भी इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ है ।
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written by babulal, September 15, 2011
chutiye hain patrika wale bhi. kya jaanch karwai hai? jo peedit hain, unka hi tabadla? kya koi bhi journlist khud apne login se galiya submit karega bhala? dhanya hain patrika prabandhan. gulab kothari-nihaar kothari-bhuvnesh jain, govind chaturvedi, sukumaar verma ko pranaaaaam.
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written by tarkesh kumar ojha, September 14, 2011
wah kya sin hai - tarkesh kumar ojha , kharagpur (west bengal)
contact_ 09434453934
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written by kapil, September 14, 2011
rajsthan patrika alwar sanskarn may bhut dino say apsi vivad chal raha tha.
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written by dhanish sharma, September 14, 2011
kuch nya karna ki soch rha honga.galat kya hai isma..comptition ka vakt hai bhai..

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