हाल-ए-हिंदुस्‍तान, बनारस : एनई बनाए गए इनपुट हेड, डीएनई देखेंगे आउटपुट

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ऐसा दैनिक हिंदुस्‍तान में ही हो सकता है कि एनई खबरों को झाड़ने-पोछने का काम करे और डीएनई अखबार में खबरों को लगाए जाने का स्‍थान तय करे. और ये हो रहा है हिंदुस्‍तान, वाराणसी में. खबर है कि कुछ दिन पहले ही दैनिक जागरण से इस्‍तीफा देकर हिंदुस्‍तान पहुंचे एनई रजनीश त्रिपाठी को इनपुट हेड का प्रभार सौंपा गया है, जबकि डीएनई अनिल मिश्रा आउटपुट हेड बना दिए गए हैं. यानी एनई की जिम्‍मेदारी डीएनई के हवाले कर दी गई है.

दो दिन पहले हुए इस बदलावा में इस तरह की व्‍यवस्‍था की गई है. अनिल मिश्रा से वरिष्‍ठ पद पर हिंदुस्‍तान आए रजनीश को बनारस एवं इस यूनिट से जुड़े जिलों की आने वाली खबरों को ठीक ठाक कराने का काम सौंप दिया गया है. जबकि पद में उनसे जूनियर अनिल मिश्रा को खबरों का चयन करने तथा कौन सी खबर किस पेज पर जाएगी इसकी जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. एक तरह से अनिल मिश्रा ही असली एनई बना दिए गए हैं. खबरों के चयन की जिम्‍मेदारी भी उन्‍हीं के पास है. रजनीश केवल विभिन्‍न स्रोतों से आने वाली खबरों का चयन कर उसे ठीक करवाएंगे.

कार्यालय में जो बैठने की व्‍यवस्‍था है उसमें भी रजनीश के पद की वरिष्‍ठता का ख्‍याल नहीं रखा गया है. रजनीश को एनई की कुर्सी की बजाय चीफ सब एडिटर योगेश यादव की कुर्सी पकड़ाई गई है. अब तक जिस कुर्सी पर योगेश बैठते थे, उसे रजनीश को सौंप दिया गया है. योगेश की कुर्सी उनके ही बगल में लगा दी गई है. इतना ही नहीं अनिल मिश्रा रजनीश त्रिपाठी को रिपोर्ट भी नहीं करेंगे. उनकी रिपोर्टिंग सीधे संपादक को होगी, जबकि नियमानुसार उनकी रिपोर्टिंग अपने एनई रजनीश त्रिपाठी को होती तथा रजनीश अपनी रिपोर्टिंग संपादक को करते. नए फरमान के बाद रजनीश त्रिपाठी और अनिल मिश्रा अपनी रिपोर्टिंग संपादक को करेंगे.

खबर है कि रजनीश के आने के बाद से संपादक का गुट खुश नहीं है. जबर्दस्‍त गुटबाजी के लिए कुख्‍यात रहे हिंदुस्‍तान, वाराणसी कार्यालय में गुटबाजी फिर चरम पर पहुंच गई है. अनिल मिश्र एवं संदीप त्रिपाठी की जोड़ी काफी समय तक हिंदुस्‍तान की सत्‍ता का पैमाना तय करती थी, परन्‍तु संदीप त्रिपाठी के जाने के बाद यह समीकरण टूटने लगा था. माना जा रहा था कि रजनीश के आने के बाद कामकाजी स्थितियां सुधरेंगी परन्‍तु जिस तरह की स्थिति बन गई है, उससे अब यह मुश्किल लग रहा है.

हालांकि रजनीश त्रिपाठी के हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन करने से पहले डीएनई अनिल मिश्रा ही एनई के रूप में आउटपुट की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे, पर अब रजनीश त्रिपाठी के आने के बाद भी एनई की जिम्‍मेदारी वही संभाल रहे हैं. ऐसे में कर्मचारी सवाल करने लगे हैं जब पूरी व्‍यवस्‍था पुरानी ही है तो नए एनई की क्‍या जरूरत थी. कहा जा रहा है कि नवीन जोशी गुट के माने जाने वाले संपादक अनिल भास्‍कर को शशि शेखर के नजदीकी बताए जाने वाले रजनीश त्रिपाठी कुछ जम नहीं रहे हैं, जिसके चलते उन्‍होंने अपने वीटो पॉवर का इस्‍तेमाल करते हुए अनिल मिश्रा को ही आउटपुट हेड बनाए रखा है.

हिंदुस्‍तान से ही खबर है कि बनारस यूनिट से जुड़े जिलों में केवल आजमगढ़ में ही हिंदुस्‍तान नम्‍बर एक पर था, पर अब यह खिसक कर दूसरे स्‍थान पर चला गया है. जागरण ने अन्‍य जिलों की तरह आजमगढ़ में भी हिंदुस्‍तान को पछाड़ दिया है. पिछले आठ सालों से हिंदुस्‍तान लगातार जागरण और अमर उजाला से आगे चल रहा था. परन्‍तु पिछले कुछ समय में जागरण ने उसे पीछे छोड़ दिया है. सूत्रों का कहना है कि संपादक के पसंदीदा परन्‍तु कमजोर ब्‍यूरोचीफ के चलते आजमगढ़ में ऐसी स्थिति आई है. हिंदुस्‍तान का सर्कुलेशन घटकर लगभग सोलह हजार दो सौ के आसपास हो गया है, जबकि जागरण ने मामूली बढ़त लेते हुए अपने सर्कुलेशन को साढ़े सोलह हजार के पार पहुंचा दिया है.


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Comments (1)Add Comment
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written by gaurav, September 21, 2011
ladte raho, marte roho. are bhaiya yaha tak padh hee liye the to thodi aur mehnet karte. sarkari naukri karte. is naukri ka kuch pata hai. kaun kab uper charan puj kar jhatka de jaye pata nahi. abhi bhee samay hai pf aadi ke paise se koi dhandha kar lo. bhagwan bhala kare.naye patrakar ko bhee yahi salah hai mari.

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