नेशनल रीडरशिप सर्वे और इंडियन रीडरशिप सर्वे का विलय

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: नए संगठन का नाम आरएससीआई रखा गया : काफी इंतजार के बाद नेशनल रीडरशिप सर्वे (एनआरएस) तथा इ‍ंडियन रीडरशिप सर्वे ने आपस में विलय कर लिया है. मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल की 20 सितम्बर को हुई वार्षिक बैठक में दोनों के विलय पर अंतिम मुहर लगाया गया. इस समझौते के बाद नए संस्‍था का नाम रीडरशिप स्‍टडीज काउंसिल ऑफ इ‍ंडिया (आरएससीआई) कर दिया गया. पिछले दो सालों से इन दोनों संगठनों को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही थी.

ऑडिट ब्‍यूरो ऑफ सर्कुलेशन (एबीसी) अगले सप्‍ताह होने वाली अपनी वार्षिक मीटिंग में इस समझौते पर हस्‍ताक्षर करेगा. ऑडिट ब्‍यूरो ऑफ सर्कुलेशन तथा मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल ने इस बात पर भी सहमति जताई है कि दोनों संगठनों के दस-दस नवगठित आरएससीआई के बोर्ड में शामिल होंगे. नए संगठन का पहला चेयरमैन एमआरयूसी से बनने की संभावना है. उम्‍मीद जताई जा रही है कि एमआरयूसी के चेयरमैन हरमुसजी कामा इस पद के लिए मुख्‍य उम्‍मीदवार हो सकते हैं.

गौरतलब है कि आईआरएस का नेतृत्‍व एमआरयूसी तथा एनआरएस का नेतृत्‍व एबीसी करती रही है. अब आरएससीआई में दोनों संगठनों की बराबर भागीदारी रहेगी. हालांकि आरएससीआई द्वारा कराए गए सर्वेक्षण को भी आईआरएस ही कहा जाएगा क्‍योंकि आईआरएस पिछले कई वर्षों से भारतीय प्रिंट मीडिया की जाना पहचाना ब्रांड नेम बन गया है.


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