बीएसए ने ठोंका अमर उजाला पर पांच लाख रुपये की मानहानि का मुकदमा

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बस्‍ती जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अमर उजाला के ब्‍यूरोचीफ एवं संपादक पर पांच लाख रुपये मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है. अमर उजाला में छपी कुछ खबरों पर आपत्ति जताते हुए उन्‍होंने सिविल तथा क्रिमिनल दोनों मामले दर्ज कराए हैं. अमर उजाला ने शिक्षा विभाग में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार की कई खबरें प्रकाशित की थी, जिससे बीएसए बुरी तरह बौखला गए हैं. बीएसए के खिलाफ कुछ शिकायतों पर एडी बेसिक भी जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी हैं.

बस्‍ती में पिछले कई सालों से जमे देवी सहाय तिवारी के खिलाफ सांसद जगदम्बिका पाल एवं विधान परिषद सदस्‍य देवेन्‍द्र प्रताप सिंह ने कमिश्‍नर को पत्र लिखकर जनपद में पचास करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगाया था. इसी को आधार बनाकर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी. इस खबर से बेसिक शिक्षाधिकारी देवी सहाय बुरी तरह खफा हो गए. उन्‍होंने ब्‍यूरोचीफ पुष्‍कर पांडेय की शिकायत संपादक मृत्‍युंजय कुमार से की. संपादक ने अपने स्‍तर पर जांच के बाद खबर को सही पाया तथा ब्‍यूरोचीफ के पक्ष में खड़े हो गए.

इसके बाद बीएसए ने अखबार के संपादक तथा ब्‍यूरोचीफ के खिलाफ नोटिस भिजवाया. इसके बाद अमर उजाला ने बेसिक शिक्षा विभाग में व्‍याप्‍त गोरखधंधे के खिलाफ अभियान चला दिया, जिसमें कुछ शिक्षक निलंबित भी हुए. इससे बीएसए और बौखला गए तथा अखबार पर मानहानि का मुकदमा ठोंक दिया. उन्‍होंने इसके लिए चालीस हजार रुपये कोर्ट फीस भी जमा करा दी है. हालांकि इस मामले में कुछ दूसरे अखबार वाले भी दिलचस्‍पी लेकर बीएसए को सलाह दे रहे हैं.

इस संदर्भ में पूछे जाने पर अमर उजाला के ब्‍यूरोचीफ पुष्‍कर पाण्‍डेय ने कहा कि अखबार में बीएसए के खिलाफ खबरें नहीं छापी गईं बल्कि विभाग में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार के बारे में लिखा गया, जो उनको नागवार गुजरा. उनके भ्रष्‍टाचार के खिलाफ एडी बेसिक ने भी जांच की है. जनप्रतिनिधियों ने भी संगीन आरोप लगाए हैं. इस संदर्भ में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी देवी सहाय तिवारी से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि अखबार का जो मन करे खबरें छाप दे. कोई आधार तो होना चाहिए. जितना पैसा आया सबका काम कराया गया. संपादक ने भी मेरी बात नहीं सुनी. अब कोर्ट का सहारा ले रहे हैं.

बीएसए के खिलाफ भ्रष्‍टाचार की जांच किए जाने के संबंध में एडी बेसिक मृदुला आनंद से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि बीएसए के खिलाफ कुछ शिकायतें मिली थी, जिसकी जांच करके उन्‍होंने जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंप दी है. जांच रिपोर्ट के संबंध में उन्‍होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया. अमर उजाला, गोरखपुर के संपादक मृत्‍युंजय कुमार से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि जब मेरा प्रतिनिधि सही है और किसी ठोस आधार पर खबर लिख रहा है तो फिर उसको रोकने की बजाय उसके साथ खड़ा होना चाहिए और वो ही मैंने किया. खबरों को लेकर इसके पहले भी समझौता नहीं हुआ आगे भी नहीं किया जाएगा. जो खबर सच होगी वो लिखी जाएगी.


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