मोदी का कार्टून बनाने वाले से चिढ़े भाजपाई, जेल भिजवाया

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: मोदी पर कार्टून बनाना महंगा पड़ा युवा कार्टूनिस्ट को : इंदौर। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर कार्टून बनाना एक लोकल कार्टूनिस्ट के लिए सचमुच महंगा साबित हुआ। उसके खिलाफ न सिर्फ सांप्रदायिक तनाव फैलाने का मामला दर्ज हुआ बल्कि उसे गिरफ्तार भी होना पड़ा। बुधवार को उसे जमानत पर छोड़ा गया, लेकिन उसके बाद भी उसे छिप कर रहना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक 20 सितंबर को स्थानीय सांध्य दैनिक प्रभात किरण में कार्टूनिस्ट हरीश यादव का एक कार्टून छपा था जो मोदी द्वारा इमाम की टोपी ठुकराए जाने की घटना पर आधारित था। इस कार्टून के प्रकाशित होने के बाद हंगामा मच गया। अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने इसे इस्लाम का अपमान करने वाला कार्टून करार देते हुए इसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर दिया। पुलिस ने कार्टूनिस्ट को गिरफ्तार भी कर लिया। हालांकि बुधवार को स्थानीय अदालत ने यादव के जमानत पर रिहा कर दिया, लेकिन माहौल अब भी गरमाया हुआ है। कहा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय इस घटना से अब भी गुस्से में है।

मगर, यादव के सहयोगी और अखबार से जुड़े पत्रकार इस मामले में बीजेपी के लोगों का हाथ बताते हैं। उनके मुताबिक मोदी पर कार्टून छपने से नाराज बीजेपी के ही लोगों ने अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं भड़कने के नाम पर यह सब करवाया है। सांध्य दैनिक प्रभात किरण के मालिक प्रभात सोजातीय कहते हैं, 'मुझे कार्टून छापने का कोई अफसोस नहीं है। वह एक अच्छा कार्टून था और हमें आम पाठकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली।' उनके मुताबिक, 'सारा मामला बीजेपी माइनॉरिटी सेल के कुछ लोगों का किया-धरा है।' इस घटना के बाद हरीश यादव आशंकित बताए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक मिल रही धमकियों के मद्देनजर वह किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। समाचार एजेंसी भाषा से साभार

आगे पढ़ें- कार्टूनिस्ट को मिली जमानत


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Comments (1)Add Comment
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written by Triambak Sharma, October 01, 2011
Ek cartoonist ke saath ghati is ghatna ki hum sabhi cartoonist ninda karte hain. Saath hi Prabhat Kiran ke Prabhat Sojatiye ji ko sadhuwaad dete hain ki is maamle mein unhone damdaari se apna paksh rakha aur cartoonist ke saath khade hain.
Maine abhi tak wo cartoon dekha nahi hai, kripya use mail karen ya uska link bhejen. Cartoon dekhne ke baad hi hum uspar sahi pratikriya de sakenge.
Regards
Triambak Sharma
Editor
Cartoon Watch Magazine
www.cartoonwatchindia.com

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