नवभारत टाइम्‍स ने लांच किया ग्रेटर नोएडा के लिए अलग संस्‍करण

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नवभारत टाइम्‍स ने दिल्‍ली-एनसीआर में अपने विस्‍तार को बढ़ाते हुए गुरुवार को ग्रेटर नोएडा संस्‍करण लांच किया. इस संस्‍करण में स्‍थानीय खबरों को वरीयता दी जाएगी. यह अखबार अत्‍यधिक स्‍थानीय होने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आठ पेज का सप्‍लीमेंट ग्रेटर नोएडा के लिए उपलब्‍ध कराया है. अखबार के मूल्‍य में कोई वृद्धि नहीं की गई है.

उल्‍लेखनीय है कि दिल्‍ली एनसीआर में अत्‍यधिक स्‍थानीय होने के अपने रणनीति पर चलते हुए एनबीटी प्रबंधन 2007 में गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा संस्‍करण की लांचिंग की थी. पर विश्‍वव्‍यापी मंदी के दौरान प्रबंधन ने 2008-09 में अपने ये संस्‍करण बंद कर दिए थे. प्रबंधन फिर से अपनी उसी पुरानी रणनीति पर चलते हुए इन संस्‍करणों को दुबारा शुरू कर रहा है. ग्रेटर नोएडा से पहले सन 2010 में गुडगांव संस्‍करण को रिलांच किया गया था.

प्रबंधन इन संस्‍करणों में ज्‍यादा से ज्‍यादा स्‍थानीय खबरों को समेट कर अपनी बढ़त राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में और अधिक बढ़ाना चाहता है. नवभारत टाइम्‍स में ग्रेटर नोएडा संस्‍करण के शुरुआत की जानकारी भी पाठकों को दी गई है. 'सलाम! ग्रेटर नोएडा' शीर्षक से नवभारत टाइम्‍स में जो खबर प्रकाशित की गई है वह नीचे दी जा रही है.

सलाम! ग्रेटर नोएडा

आज से एनबीटी ग्रेटर नोएडा का भी अलग संस्करण। दिल्ली का रूप-रंग और दायरा जितनी तेजी से बदला है, उसी रफ्तार से एनसीआर भी अपनी हदें बढ़ा रहा है। ग्रेटर नोएडा इसकी बेहतरीन मिसाल है। प्रॉपर्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी खूबियों के कारण ग्रेटर नोएडा यूथ की पहली पसंद बन रहा है। ठीक उसी तरह, जैसे एनबीटी दिल्ली-एनसीआर का नं. वन पेपर है और यूथ का खास चहेता। नं. 2 पेपर के मुकाबले हमारे रीडर्स की संख्या छह लाख ज्यादा है। आपके प्यार और उत्साह को देखते हुए हम आज से ला रहे हैं ग्रेटर नोएडा के रीडर्स के लिए आठ पेज का अलग अखबार, जो आपको एनबीटी के साथ मिलेगा। इसमें आपको 21वीं सदी के सबसे व्यवस्थित शहरों में से एक ग्रेटर नोएडा के विकास की बानगी तो मिलेगी ही, देश-दुनिया की भी झलक रहेगी। नोएडा के रीडर्स पहले की तरह एनबीटी नोएडा पाते रहेंगे। हैलो दिल्ली, एनबीटी नोएडा, एनबीटी गाजियाबाद, एनबीटी फरीदाबाद, एनबीटी गुड़गांव को रीडर्स ने अपनाया है, सराहा है क्योंकि उन्होंने एनबीटी से उम्मीद से ज्यादा पाया है। अब बारी ग्रेटर नोएडा की है। हम ग्रेटर नोएडा के लोगों को सलाम करते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि उन्हें भी मिलेगा... उम्मीद से ज्यादा।

ग्रेटर नोएडा संस्करण की जरूरतों को बतलाते हुए आज अखबार में आगाज ग्रेडर नोएडा नाम से एक कॉलम भी प्रकाशित किया गया है। एक बानगी देखिए। ‘आज से एनबीटी ग्रेटर नोएडा का भी अलग संस्करण। दिल्ली का रूप-रंग और दायरा जितनी तेजी से बदला है, उसी रफ्तार से एनसीआर भी अपनी हदें बढ़ा रहा है। ग्रेटर नोएडा इसकी बेहतरीन मिसाल है। प्रॉपर्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी खूबियों के कारण ग्रेटर नोएडा यूथ की पहली पसंद बन रहा है। ठीक उसी तरह, जैसे एनबीटी दिल्ली-एनसीआर का नं. वन पेपर है और यूथ का खास चहेता। नं. 2 पेपर के मुकाबले हमारे रीडर्स की संख्या छह लाख ज्यादा है। आपके प्यार और उत्साह को देखते हुए हम आज से ला रहे हैं ग्रेटर नोएडा के रीडर्स के लिए आठ पेज का अलग अखबार, जो आपको एनबीटी के साथ मिलेगा। इसमें आपको 21वीं सदी के सबसे व्यवस्थित शहरों में से एक ग्रेटर नोएडा के विकास की बानगी तो मिलेगी ही, देश-दुनिया की भी झलक रहेगी। नोएडा के रीडर्स पहले की तरह एनबीटी नोएडा पाते रहेंगे। हैलो दिल्ली, एनबीटी नोएडा, एनबीटी गाजियाबाद, एनबीटी फरीदाबाद, एनबीटी गुड़गांव को रीडर्स ने अपनाया है, सराहा है क्योंकि उन्होंने एनबीटी से उम्मीद से ज्यादा पाया है। अब बारी ग्रेटर नोएडा की है। हम ग्रेटर नोएडा के लोगों को सलाम करते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि उन्हें भी मिलेगा... उम्मीद से ज्यादा।‘


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Comments (1)Add Comment
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written by Rajesh Saxena, September 29, 2011
vineet jain ne hindi patrkarita ki jo kabar khodi hai, Navbharattimes main chapi yeh khabar uski jeeti jagti misaal hai.

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