अंग्रेजी टॉप टेन में थोड़ी फेरबदल, टीओआई नम्‍बर एक, हिंदू को नुकसान

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अंग्रेजी के भी टॉप टेन अखबारों में कोई इस सूची से बाहर नहीं हुआ है परन्‍तु उनके स्‍थान आपस में ऊपर नीचे जरूर हो गए हैं. इस बाद हिंदुस्‍तान टाइम्‍स और डेक्‍कन क्रॉनिकल को समेत सात अखबारों को ठीक-ठाक पाठक मिले हैं, जबकि हिंदू, मुंबई मिरर और ट्रिब्‍यून के पाठक संख्‍या में गिरावट आई है. सबसे ज्‍यादा पाठकों का फायदा डेक्‍कन क्रॉनिकल को हुआ है तो सबसे ज्‍यादा नुकसान मुंबई मिरर को उठाना पड़ा है.

पहले स्‍थान पर टाइम्‍स ऑफ इंडिया का कब्‍जा है. 29 हजार नए पाठकों के साथ इसकी संख्‍या 74 लाख 71 हजार हो गई है, जो पिछली तिमाही में 74 लाख 42 हजार थी. दूसरे स्‍थान पर मौजूद हिंदुस्‍तान टाइम्‍स ने 45 हजार नए पाठक अपने साथ जोड़े हैं. पिछले तिमाही के 36 लाख 92 हजार के आंकड़े को एचटी ने 37 लाख 37 हजार तक पहुंचा दिया है. तीसरे नम्‍बर पर द हिंदू का कब्‍जा है. पिछले दो तिमाही से हिंदू के पाठक संख्‍या में कमी देखी जा रही है. इस बार 18 हजार पाठकों की कमी के साथ इसकी पाठक संख्‍या 20 लाख 95 हजार से 20 लाख 77 पर पहुंच गई है.

चौथे पायदान पर द टेलीग्राफ का कब्‍जा है. छह हजार की मामूल बढ़त के साथ यह अखबार 12 लाख 3 हजार से 12 लाख 9 हजार के आंकड़े को छू लिया है. पांचवे नम्‍बर पर डेक्‍कन क्रॉनिकल ने अपना कब्‍जा बरकरार रखा है. 53 हजार नए पाठकों को जोड़ते हुए इसने अपनी संख्‍या 10 लाख 35 हजार से बढ़ाकर 10 लाख 88 हजार तक पहुंचा दी है. डीएनए ने छठे स्‍थान पर अपना कब्‍जा बरकरार रखा है. 2 हजार की मामूली बढ़त के साथ यह 8 लाख 22 हजार से 8 लाख 24 हजार तक पहुंच गया है. इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स ने 16 हजार नए पाठकों के साथ सातवें स्‍थान पर अपना कब्‍जा जमाया है. पिछली तिमाही में डीएन और मुंबई मिरर ने इसे आठवें स्‍थान पर ढकेल दिया था. ईटी की पाठक संख्‍या 7 लाख 69 हजार से बढ़कर 7 लाख 85 हजार हो गई है.

मुंबई मिरर पिछली तिमाही के सातवें स्‍थान से खिसक कर आठवें स्‍थान पर पहुंच गया है. उसे इस तिमाही में 22 हजार पाठकों का घाटा हुआ है. उसकी पाठक संख्‍या 7 लाख 80 हजार से घटकर 7 लाख 58 हजार रह गई है. ट्रिब्‍यून ने नौवें स्‍थान पर अपना कब्‍जा जमाए रखा है. 2 हजार पाठकों को खोने के बाद इसकी पाठक संख्‍या 5 लाख 69 हजार से घटकर 5 लाख 67 हजार रह गई है. दसवें स्‍थान पर द न्‍यू इंडियन एक्‍सप्रेस का कब्‍जा है. 9 हजार नए पाठकों के साथ इसकी पाठक संख्‍या 5 लाख 50 हजार से बढ़कर 5 लाख 59 हजार हो गई है.


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Comments (1)Add Comment
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written by Noval Thakur, September 30, 2011
जागरण का हिमाचल, विशेषकर शिमला में क्या सूरते हाल है? जागरण प्रबंधन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। साम, दाम, दंड, भेद अपनाने के बाद भी शिमला शहर में जागरण की रीडर शिप लगातार गिर रही है।

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