कैमरे में कैद होंगी स्वतंत्र चेतना के पत्रकारों की गतिविधियां

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गोरखपुर। अपने पत्रकारों को मनरेगा मजदूरों से भी कम वेतन देने के लिए चर्चित स्वतंत्र चेतना समूह गोरखपुर में एक बार फिर सुर्खियों में है। खबर है कि स्वतंत्र चेतना अखबार के प्रधान कार्यालय में संपादकीय सहयोगियों की हर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वहां क्लोज सर्किट कैमरे लगा दिए गए हैं। कुल 4 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं।

मजे की बात यह है कि कैमरे की जद में अखबार के महाप्रबंधक एम.वाई. खान व सिटी इंचार्ज रविन्द्र शर्मा भी हैं। बताते हैं कि संपादकीय विभाग में कैमरा लगाए जाने के बाद से ही पत्रकार नाराज हैं। देश में संभवत: स्वतंत्र चेतना पहला क्षेत्रीय हिन्दी अखबार बन गया है जिसने अपने संपादकीय विभाग के कामकाज पर नजर रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगवाए हैं। मानीटरिंग स्वयं अखबार के संपादक करेंगे।

कैमरे लग जाने के बाद संपादकीय विभाग के अलावा प्रसार विभाग व विज्ञापन विभाग के लोग भी उसकी जद में आ गए हैं। सीसी टीवी कैमरा लग जाने के बाद सभी विभागों के कर्मचारी अपने को असहज महसूस कर रहे हैं। काम के दौरान बातचीत या हंसी मजाक कर लेने वाले पत्रकार अब खुद को बंधुआ मजदूर जैसा महसूस करने लगे हैं। कैमरा लगने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों की मानें तो वहां कैमरा लगाने की कवायद काफी समय से चल रही थी जिसे अब अमली जामा पहनाया जा सका है।


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