कैमरे में कैद होंगी स्वतंत्र चेतना के पत्रकारों की गतिविधियां

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गोरखपुर। अपने पत्रकारों को मनरेगा मजदूरों से भी कम वेतन देने के लिए चर्चित स्वतंत्र चेतना समूह गोरखपुर में एक बार फिर सुर्खियों में है। खबर है कि स्वतंत्र चेतना अखबार के प्रधान कार्यालय में संपादकीय सहयोगियों की हर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वहां क्लोज सर्किट कैमरे लगा दिए गए हैं। कुल 4 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं।

मजे की बात यह है कि कैमरे की जद में अखबार के महाप्रबंधक एम.वाई. खान व सिटी इंचार्ज रविन्द्र शर्मा भी हैं। बताते हैं कि संपादकीय विभाग में कैमरा लगाए जाने के बाद से ही पत्रकार नाराज हैं। देश में संभवत: स्वतंत्र चेतना पहला क्षेत्रीय हिन्दी अखबार बन गया है जिसने अपने संपादकीय विभाग के कामकाज पर नजर रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगवाए हैं। मानीटरिंग स्वयं अखबार के संपादक करेंगे।

कैमरे लग जाने के बाद संपादकीय विभाग के अलावा प्रसार विभाग व विज्ञापन विभाग के लोग भी उसकी जद में आ गए हैं। सीसी टीवी कैमरा लग जाने के बाद सभी विभागों के कर्मचारी अपने को असहज महसूस कर रहे हैं। काम के दौरान बातचीत या हंसी मजाक कर लेने वाले पत्रकार अब खुद को बंधुआ मजदूर जैसा महसूस करने लगे हैं। कैमरा लगने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों की मानें तो वहां कैमरा लगाने की कवायद काफी समय से चल रही थी जिसे अब अमली जामा पहनाया जा सका है।


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Comments (4)Add Comment
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written by sahid pathan kanpur, October 14, 2011
camre lage hone se unhi patrkaron ko dikkat hogi jo kam km aur bc jyada karte hai
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written by Sharware Khan, October 08, 2011
i m agree with you
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written by Sharware Khan, October 08, 2011
aesa to sabhi patrakaron ke upr lagu hona chahiy, aor isse patrakarita karna asan ho jaega aor maza bhi aega



sharware khan {Swatantra chetna riportar nichlaul}
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written by Vikram, October 05, 2011
I want to correct the fact about fixing close circuit cameras in editorial and other departments , as far as I know swatantra chetna , Gorakhpur is not the first paper , which has close circuit cameras to watch the activities .
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Gujarat Vaibhav ( a hindi daiy Ahemdabad ) and Hint daily ( Ghaziabad ) , Rozana sab ki khabr(New Delhi ) are using close circuit camerassince last many years to watch the activities of their whole staff ( including Editorial staff ).

I think many many others too are using close circuit cameras.allover India.

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