आह! हिंदुस्‍तान : सक्‍सेस किसी की, फोटो किसी और का

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यशवंतजी, हिंदुस्तान में इन दिनों बड़ी-बड़ी गल्तियां हो रही हैं, जैसे लोग नींद में काम कर रहे हों। 5 अक्तूबर 2011 को हिंदुस्तान के नई दिशाएं सप्लीमेंट में ऐसी ही एक गलती देखने को मिली। हुआ यों कि नई दिशाएं के पृष्ठ चार पर मोबाइल रिपेयरिंग पर एक अर्टिकल छपा। इसमें सक्सेस स्टोरी में जिस व्यक्ति की फोटो दिखती है, उसे मोबाइल मैकनिक बताया गया है। मगर सच्चाई यह है फोटा वाला व्यक्ति, एक वेब डिजाइनर है।

जब इस वेब डिजायनर के दोस्तों ने हिंदुस्तान कार्यालय में सम्पर्क किया तो उन्‍हें गोलमोल जवाब दिया गया। हिंदुस्‍तान के तमाम एडिशनों में इस तरह की गल्तियां होना आम बात हो गई हैं। पिछले दिनों बनारस एडिशन में भी खबर किसी और का और फोटो किसी और का प्रकाशित हो गया था। तमाम अखबार में शाब्दिक स्‍तर पर छोटी-मोटी गल्तियां तो होती रहती हैं पर हिंदुस्‍तान तो जैसे गल्तियां करने की कसम खा बैठा हो।

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.


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Comments (2)Add Comment
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written by ravi, October 22, 2011
sriman amit sharma

uppar dikh rahi galti hindustan(nai dishayen) new delhi ki den hai. jab Head office hi gadbad ho to sub station bhi to usi line pe chalega.
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written by amit sharma, October 11, 2011
लगातार गलतियों पर गलतिया करने वाला हिंदुस्तान बदायूं कोई सबक नहीं ले रहा है यही वजह है कि गलतिया रुक नहीं पा रही है . बरेली में बैठे अधिकारी भी न जाने क्या कर रहे है. हिंदुस्तान ने अपने ११ अक्टूबर के अंक में एक खबर छापी है जिसका हेडिंग लगाया गया है ''सत्य पर असत्य की जीत का प्रतीक है रामलीला '' यानि हिंदुस्तान ने वो कर दिखाया जो कोई नहीं कर पाया. चूंकि ये हेडिंग पांच कालम में लगी है सो सभी का ध्यान इस पर जाना स्वाभाविक था . इस हेडिंग पर हिंदुस्तान की जमकर हंसी उडी

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