हिंदुस्तान, बदायूं के एक खबर की हेडिंग देखिये

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हिंदुस्‍तान वैसे तो लगातार ऐसे ऐसे कार्य करने के लिए जाना जाता है जिसे कोई नहीं कर पाता है. दशहरा पर भी हिंदुस्‍तान ने सदियों पुरानी परम्‍परा को बदलकर एक नए परम्‍परा का आगाज किया. अभी तक छोटी-मोटी गलतियों के लिए अपनी पहचान बनाने वाला अखबार अब बड़ी गलतियों से अपनी पहचान बनाने में जुटा है. और उसके इस कार्य को अंजाम दिया है हिंदुस्‍तान का बदायूं संस्‍करण.

लगातार अनोखे कारनामें करने वाला हिंदुस्तान, बदायूं  अपनी गलतियों से कोई सबक नहीं ले रहा है. यही वजह है कि अखबार में गलतियां रुक नहीं पा रही है. बरेली में बैठे अधिकारी भी न जाने क्या कर रहे हैं. हिंदुस्तान ने अपने 11 अक्टूबर के अंक में एक खबर छापी है, जिसका हेडिंग लगाया गया है ''सत्य पर असत्य की जीत का प्रतीक है रामलीला'' यानि हिंदुस्तान ने वो कर दिखाया जो कोई नहीं कर पाया. चूंकि ये हेडिंग पांच कालम में लगी है सो सभी का ध्यान इस पर जाना स्वाभाविक था. इस हेडिंग पर हिंदुस्तान की जमकर हंसी उड़ी आप भी देखिये कि हिंदुस्तान, बदायूं  की रामलीला.


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