सोमवार को नहीं छपा जनवाणी का डाक एडिशन

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सोमवार को मेरठ यूनिट से जुड़े कई जिलों के लोगों को जनवाणी पढ़ने को नहीं मिला. सारे अखबार मौजूद थे पर जनवाणी बाजार से गायब. खबर एक सवाल कई. सबने अपने अपने तरीके से अखबार न मिलने को लेकर सवाल उठाए. किसी ने हॉकर से पूछा बंद हो गया क्‍या अखबार, किसी ने हड़ताल के बारे में पूछा, किसी ने हॉकरों की हड़ताल के बारे में पूछा, किसी ने और कोई कारण पूछा, अखबार ना आने को लेकर काफी हो हल्‍ला रहा.

हॉकरों ने सीधा जवाब दिया कि अखबार ही नहीं आया. अखबार छप नहीं पाया. ऐसे ही जवाब देते हॉकरों ने कल का सुबह गुजारा. हम भी जनवाणी के डाक एडिशनों के लोगों तक नहीं पहुंच पाने के कारणों की तह में गए. पता चला कि प्रिंटिंग मशीन में तकनीकी खराबी के चलते डाक एडिशन छप ही नहीं पाए. किसी तरह आनन-फानन में मशीन को चालू किया गया, तब जाकर सिटी और अपकंट्री एडिशन का प्रकाशन हो सका. हालांकि इस दौरान यूनिट में काफी अफरातफरी मची रही. अखबार के तमाम वरिष्‍ठ लोग मौके पर जमे रहे. मंगलवार को सभी एडिशन अपने समय से प्रकाशित हुए.

इस संदर्भ में जब अखबार के संपादक यशपाल सिंह से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि डाक एडिशन को छोड़कर बाकी सभी एडिशन प्रकाशित हुआ था. पैनल में खराबी के चलते डाक एडिशन नहीं छप पाया, जिसे जल्‍द सुधार लिया गया तथा इससे 62 हजार सिटी एवं अपकंट्री एडिशन की प्रतियां प्रकाशित की गईं. उन्‍होंने कहा कि मशीन हैं, खराब हो जाती हैं. इन स्थितियों से तमाम अखबार और यूनिट अक्‍सर जूझते रहते हैं.


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Comments (3)Add Comment
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written by amit jani, October 18, 2011
badi jimmedari hai gau mata bhi kabhi kabhi doodh nahi deti
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written by amit jani, October 18, 2011
ye to ho hi jata hai itni badi jimmedari bhi to hai
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written by shivam tyagi, October 18, 2011
are yashpaal ji ka demotion mat kariya bhai ye to group editor hai bhai. editor se jankari kyo li gai. ha ye jaroor pucha ja sakta hai ki aakhir kaun se akhbaar aisi paristhitiyo se aksar jujhte rehte hai. saath hi likha hai ki der raat tak varisth jame rahe. jankari k anusaar yashpaal ji to akhbaar ko taxi me ladwai bina office hi nahi chodte hai.

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