हिंदुस्‍तान के राउरकेला कार्यालय में भी लग गया ताला

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: अपडेट : स्‍टाफ को दे दी गई पैदल करने की जानकारी : हिंदुस्‍तान के बंगाल ऑपरेशन पर ताला लगने के अब उड़ीसा ऑपरेशन को भी बंद करने का एलान किया जा चुका है. आज से राउरकेला मोडम कार्यालय को भी बंद कर दिया गया. इसकी जानकारी काम करने वाले स्‍टाफ और पत्रकारों को दी जा चुकी है. यानी हिंदुस्‍तान का पत्रकारों को बेरोजगार और पैदल करने का सिलसिला अभी और भी लंबा चलने वाला है.

राउरकेला मोडम कार्यालय हिंदुस्‍तान, जमशेदपुर यूनिट से जुड़ा हुआ था. इस मोडम कार्यालय में राउरकेला के अलावा भुवनेश्‍वर, सुंदरगढ़, संभलपुर, अनगुल, कटक जिलों की खबरें भी आती थीं. उड़ीसा में हिंदुस्‍तान का सर्कुलेशन पांच हजार के आसपास था. हिंदुस्‍तान प्रबंधन ने इस मोडम कार्यालय पर ताला लगाने का अपना फरमान कल ही पूरे कर्मचारियों को बता दिया. सूत्रों के अनुसार इस कार्यालय में आधा दर्जन के लगभग पत्रकार कार्यरत थे. वैसे हिंदुस्‍तान के उड़ीसा ऑपरेशन से लगभग डेढ़ दर्जन पत्रकार जुड़े हुए थे. इस फरमान से सभी बेरोजगार हो गए हैं. बताया जा रहा है कि अखबार को यहां से बढि़या रिवेन्‍यू मिलता था. औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते अखबार का बिजनेस भी ठीक ठाक था, बावजूद इसके कार्यालय पर ताला लगाए जाने का मतलब जुड़े पत्रकार नहीं समझ पा रहे हैं. जमशेदपुर प्रबंधन ने इसे हाई कमान का फैसला बताकर अपना पल्‍ला झाड़ लिया है.

खबर है कि आज कार्यालय से कम्‍प्‍यूटर भी मंगा लिया गया है. यानी ऑपरेशन कल की बजाय आज ही बंद कर दिया गया. इसके पहले आज हिंदुस्‍तान के आसनसोल कार्यालय भी आज ताला लटका दिया गया है. अब धीरे-धीरे सारे सामान वापस मंगाए जा रहे हैं.


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Comments (4)Add Comment
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written by chandan dubey, February 18, 2011
ab hindustan jamshedpur ki bari he, hindustan jamshedpur ke teen edition band ho gae hindustan pehle se hi jamshedpur men choute number pe he jis tarah kam crculation wale edition k band kiya gaya he usi tara ab kam circulation wale unit ki bari he.
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written by chandan dubey, February 18, 2011
company ne abhi pura nirnday nahi liya hai ki sab ka kya hoga isliye dherya rakho aur dekho ki aage kya hota hai, ummid hai ki kucchh achha hi hoga.
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written by guddu, February 17, 2011
bina kisi purva suchna k hindustan k is sanskaran ko band kar dena corporate media ka sab se krur chehera hai. rourkela sanskaran k pathkon tatha yahan se jude patrakaron ki kya galti thi. agar is sanskaran ko band karne ka faisla le hin liya gaya tha to purva ke ank me do line ki suchna nahi di ja sakti thi? lekin nahi ye corporate akhabar pathko ko apna kept samjhte hain jab tak jaruri hua use kiaya jab kam nikal gaya to chhor diya.pathkon ki haisayat kept se jyade nahi hai sayad inki najar me. kya yeh wohi hindustan akhbar hai jise birlaji ne arambh kiya tha?
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written by parveen, February 17, 2011
yashwant bhai,
subh samachar patrakaro k liye. ab to bechare koi bhi aisa kaam jaroor karenge jisase unke pariwar ki daal roti chal jayegi. dehat me kahawat hai ki wesya roothi to dhan dharam dono bacha. is tarah patrakaro ka soshan karane wala akhabaar unhe hata de to samajho imandar aadami ki kismat khul gai. jaao bhaiyo koi behtar kaam talaso. rajnetao ke talawe akhabaar maliko k proffit k liye sahlana to nahi parega.

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