क्‍या हो गया है हिंदुस्‍तान को, एक खबर दो बार

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आखिर क्‍या हो गया है हिंदुस्‍तान के पत्रकारों को खबर के अंदर तो अक्‍सर गलतियां देखेने को मिलती हैं, अब खबरों का रिपिटिशन भी होने लगा है. एक ही खबरें दो-दो जगहों पर लगने लगी हैं. कल यानी 17 फरवरी को दैनिक हिंदुस्‍तान के दिल्‍ली एडिशन में एक ही खबर दो जगह प्रकाशित हुई है. यह खबर दिल्‍ली पुलिस को कैट के एक आदेश से संबंधित है. जिसमें एक महिला की बर्खास्‍तगी को गलत बताया गया है.

संक्षिप्‍त तौर पर यह खबर पहले पन्‍ने पर तो है ही, इसके अलावा अंदर भी दो जगह यह खबर है. पृष्‍ठ संख्‍या सात पर यह खबर 'महज आरोपी होने पर नौकरी से नहीं हटा सकते' की हेडिंग से छपी है. यही सेम खबर पृष्‍ठ संख्‍या चौदह पर भी 'बरी हो गए तो फिर अपराधी कैसे' की हेडिंग से छापी गई है. पहली खबर का स्रोत कार्यालय संवाददाता है जबकि दूसरी खबर का स्रोत एजेंसी को लिखा गया है. अब सच क्‍या है यह तो अखबार मैनेजमेंट ही बता सकता है. परन्‍तु इससे अखबार की जगहंसाई जरूर हो रही है.

हिंदुस्‍तान

हिंदुस्‍तान

एएन शिबली हिंदुस्‍तान एक्‍सप्रेस के ब्‍यूरोचीफ हैं.


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Comments (3)Add Comment
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written by ajay, February 21, 2011
इलाहाबाद में २० फरवरी का हिंदुस्तान देखें.. जिसमे कृषि राज्यमंत्री श्री के वी थोमस की महंगाई सम्बन्धी खबर में उनके बजाये चर्चित सीवीसी श्री पीजे थोमस की फोटो लगा दी है..!!!
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written by shravan shukla, February 21, 2011
aakhir jagah bhi to bharni chahiye..pad news nahi mila hoga to yahi sahi
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written by manish thakur, February 18, 2011
yeh koi nai bat nahi hain. jab nakaro va gadho ki kaman milegi to aisa hi hoga. yashwant jab hindustan ka editior hi gadha hain to team kaise hogi. is newspapar ka to bhagwan hi malik hain.

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