भागलपुर में प्रभात खबर से डरे हिंदुस्तान-दैनिक जागरण ने दाम आधा किया

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भागलपुर में प्रभात खबर के आगे हिंदुस्तान और दैनिक जागरण, दोनों अखबार झुक गए. इन दोनों को भी कम दाम में जनता को अखबार उपलब्ध कराने की घोषणा करनी पड़ी. दरअसल हुआ यूं है कि प्रभात खबर ने बिहार में आकर दूसरे बड़े अखबारों को घुटने के बल बैठने पर मजबूर कर दिया है. अगर ये मजबूरी न होती तो हिंदुस्तान और दैनिक जागरण जैसे जमे जमाए अखबार अपनी खेती उजड़ती देख दाम कम करने के लिए दबाव में न आए होते. भागलपुर में प्रभात खबर करीब दस बारह दिन पहले लांच हुआ.

प्रभात खबर का दाम दो रुपये रखा गया. हिंदुस्तान और दैनिक जागरण यहां पहले से ही चार रुपये में बिकते रहे हैं. हां, प्रभात खबर के आने पर इन दोनों अखबारों ने इतना किया कि हाकरों का कमीशन बढ़ा दिया. पहले कमीशन एक रुपये बीस पैसा हुआ करता था तो प्रभात खबर के आने के बाद कमीशन बढ़ाकर दो रुपये कर दिया. लेकिन पाठकों की मांग के आगे हाकरों की सदिच्छा काम न आई. दस-ग्यारह दिनों में स्थिति ऐसी आ गई कि प्रभात खबर की जितनी बिक्री होती, उतनी बिक्री दैनिक जागरण और हिंदुस्तान की मिलाकर होती. पांच-पांच हजार से ज्यादा कापियां गिर गईं तो दैनिक जागरण और हिंदुस्तान के बड़े अधिकारी जागे.

हालांकि शुरुआत में इन दोनों अखबारों के अधिकारियों ने यह रिपोर्ट अपने बासेज को दी थी कि प्रभात खबर के आने से कुछ खास असर नहीं पड़ेगा लेकिन जब ग्यारह दिन में ही भयानक असर दिख गया तो सबके पसीने छूटने लगे. तब दैनिक जागरण और हिंदुस्तान ने भी दो रुपये में अखबार देने की घोषणा कर दी. दाम घटाए जाने को बिहार में प्राइस वार शुरू होने का लक्षण माना जा रहा है. यह कम लोगों को पता होगा कि हिंदी इलाके में बिहार ही है जहां के पाठक सबसे ज्यादा पैसे देकर अखबार पढ़ पाते हैं. यहां आमतौर पर चार रुपये में अखबार बेचने की परंपरा रही है जो अब भागलपुर से टूट चुकी है. इसका फायदा बिहार के पाठकों को मिलेगा.


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