चौहान ने तिजोरी का मुंह खोला और पंजाब केसरी से सौदा पट गया!

E-mail Print PDF

पंजाब केसरी, दिल्ली के स्वयंभू महान संपादक श्रीमान अश्विनी कुमार लगभग हर रोज पहले पेज पर अपनी बेबाक राय के जरिये लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ कमर कसने और भ्रष्ट नेताओं का भंड़ाफोड़ करने की नसीहत देते रहते हैं। उनकी कथनी और करनी का अंतर आज के पंजाब केसरी में खुलकर सामने आ गया हैं। आज दिल्ली के सभी अखबारों ने अपने पहले पेज पर प्रमुखता के साथ लोकायुक्त द्वारा राष्ट्रपति से दिल्ली सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजकुमार चौहान को बर्खास्त करने की सिफारिश से संबंधित समाचार प्रकाशित किया है, लेकिन पंजाब केसरी ने इसकी जरूरत कतई नहीं समझी। ऐसा क्यों?

इसको लेकर आज दिनभर दिल्ली के पत्रकारों के बीच चर्चा होती रही। दिल्ली सचिवालय में पंजाब केसरी के बेचारे पत्रकार मुंह छिपाते घूमते रहे। वे बेचारे दलील देते रहे कि पेज 9 पर खबर दी गई है। लेकिन पेज 9 पर पहली नजर कॉलम में खानापूर्ति के नाम पर मरे हुए हेडिंग से भाषा की खबर इस तरीके से दी गई है कि पाठक की नजर हीं न पडे़। कहा जा रहा है कि राजकुमार चौहान ने दिल्ली के तमाम अखबारों को मेनैज करने के लिए बृहस्पतिवार की सायं अपनी तिजोरी का मुंह खेल दिया था।

मंत्रिमंडल से बाहर होने के कगार पर पहुंचे चौहान की दाल और कहीं तो गली नहीं लेकिन पंजाब केसरी में सौदा पट गया। मोटी रकम देकर चौहान के एक चंपू और हज कमेटी से जुडे़ छुटभैये नेता, जो आतंकवाद के खिलाफ एक मोर्चा भी चलाते है, ने यह व्यवस्था की कि खबर न छपे। वे अपनी कोशिश में कामयाब भी रहे लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि इस मामले में अश्विनी चोपड़ा को भी शीशे में उतारा गया या नीचे के लोग ही मलाई खा गए। कुछ भी हो पंजाब केसरी की साख जो पहले ही मिट्टी में मिली हुई है, अब गर्त में जा पहुंची है। पंजाब केसरी को छोड़कर कोई अन्य अखबार चौहान के झांसे में नहीं आया। पंजाब केसरी के महान संपादक चोपड़ा से आग्रह है कि पाठकों पर रहम करें और अपने गिरेबां में झांके।

अशोक शर्मा

This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it


AddThis
Comments (8)Add Comment
...
written by SB, March 01, 2011
मलीक तो माहान है पर चमचो से परेशान है
...
written by SB, March 01, 2011
मलीक तो माहान है पर चमचो से परेशान है :
...
written by anil lamba, February 27, 2011
श्रीमान जी अश्वनी चोपड़ा और इनकी पत्नी किरण चोपड़ा दोनों को अच्छी तरह से जानता हूँ | और ऐसा नहीं की ये दोनों मुझे ना जानते हों अच्छी तरह से जानते हैं | ये दोनों रुपयों के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं | एक दिन अश्वनी को जेल भी होगी और मेरे ही बयानों पर क्योंकि मैं आपको बता दूँ कि इनके ऊपर कड़कड़डूमा कोर्ट में एक केस विचाराधीन है और मैं गवाह हूँ |
...
written by anil lamba, February 27, 2011
श्रीमान जी अश्वनी चोपड़ा और इनकी पत्नी किरण चोपड़ा दोनों को अच्छी तरह से जानता हूँ | और ऐसा नहीं की ये दोनों मुझे ना जानते हों अच्छी तरह से जानते हैं | ये दोनों रुपयों के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं | एक दिन अश्वनी को जेल भी होगी और मेरे ही बयानों पर क्योंकि मैं आपको बता दूँ कि इनके ऊपर कड़कड़डूमा कोर्ट में एक केस विचाराधीन है और मैं गवाह हूँ |
...
written by shiv kumar , February 26, 2011
Asia bhi kabhi hota hai ki kush log kishi ke nam par kamal kar jate hae aur asli insan ko tab pata chalta hai jab chhiria khet chug jati hai, ho sakta hae hi kush Ashwani bhai ke sath hoa ho. -Shiv kumar --Sub Editor, Jag Bani , jalandhar-(pb) mob--9988376991
...
written by arvind singh, February 26, 2011
bhadas par ashwini ji ke baare me yah khabar padhakar dil ko badi thes pahuchi,kyunki ashwini ji ki lekhani ka me kayal hu, bahut hi bebak aur kaafi saandaar hoti hai unaki sampadakiya. wastav me unaki sampadaki padhkar yah sochane ko majboor hona padata hai ki wastav me bahut hi gyani aur mahaan hai shri ashwini ji,lekin ab agar unhi ke akhabaar ke baare me is tarah ki baate samane aai hai to jaroor isame bhi sachai hogi,isliye yah khabaar padhakar badi peeda hui. ashwini ji ko ya unake logo ko katai aisa nahi karana chaiye tha,
...
written by dharmendra, February 26, 2011
kahin kuch to majburiaa rahi hongi ashwani bhi insan hai bhai

dharmendra
jamshedpur
...
written by मदन कुमार तिवारी , February 26, 2011
धन्यवाद अशोक जी , खिचाई करने के लिये । इसी तरह इन बेइमानों की बखिया उधेडते रहि्ये , फ़िर देखिये चाहकर भी ये बेईमानी नही कर सकते हैं।

Write comment

busy