गुलाब कोठारी के संपादकीय पर राजस्थान के पत्रकारों में मचा बवाल

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गुलाब कोठारी पत्रिका समूह के मालिक हैं. वे ऐसे मालिक संपादक हैं जो अपनी बात खरी-खरी कह जाते हैं, भले ही किसी को उनका कहा-लिखा बुरा लगे तो लगे. आज उन्होंने पत्रकारों की ऐसी-तैसी की है. उन्होंने राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित पहले पन्ने पर अपने लंबे संपादकीय लेख में निशाने पर पत्रकारों के वेतन आयोगों, पत्रकार संगठनों और पत्रकारों को रखा है. सही कहा जाए तो गुलाब कोठारी ने एक अखबार मालिक के दर्द को पूरी तरह सामने रखा है.

जैसे पत्रकार संगठन अपने पत्रकारों के हितों के आगे नहीं सोचते, उसी तरह गुलाब कोठारी ने एक अखबार मालिक के हित के अलावा न सोचा और एक अखबार मालिक किसी पत्रकार को गरियाने के लिए जो-जो तर्क व मानसिकता रखता है, उसका खुला प्रदर्शन गुलाब कोठारी ने किया है. गुलाम कोठारी का लेखन कितना उचित-अनुचित है, उस पर आप विचार करें और इसके लिए गुलाब कोठारी का लिखा पढ़ें. यहां यह बता दें कि गुलाब कोठारी के लिखे से राजस्थान के पत्रकारों के दिलों में आग लग चुकी है और सैकड़ों पत्रकारों ने बैठक कर गुलाब कोठारी की ऐसी-तैसी की है. उससे संबंधित खबर जल्द ही आप तक पहुंचाया जाएगा, उससे पहले गुलाब कोठारी के लिखे मूल आलेख को पढ़ें, क्लिक करें- भ्रष्ट भी, धृष्ट भी


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