क्या किसी महिला डीएम के बारे में ऐसा लिखा जाना चाहिए?

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यशवंत जी, इस लेटर के साथ जो अटैच्ड है, वह श्रीगंगानगर की जिला कलक्टर मुग्धा सिन्हा के बारे में है. जिस पत्रिका में छपा है, वह पाक्षिक है. उसका नाम है ''सीमावर्ती''. मेरा मानना है कि पत्रकारिता में शब्दों की गरिमा होनी ही चाहिए. शब्द गरिमा विहीन हो जायेंगे तो फिर पत्रकारिता का भी महत्व कम हो जाएगा. फिर एक महिला के बारे में तो लिखते समय बहुत ही सावधानी रखनी चाहिए. मामला भड़ास की अदालत में है, जो आज पत्रकारों की सबसे बड़ी अदालत है.  -शुक्रिया, भड़ास का एक शुभचिंतक

 


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