पत्रिका अखबार में खबर- भास्कर के खिलाफ प्रदर्शन

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जबलपुर में एक प्रदर्शन हुआ. पत्रिका अखबार ने छापा- भास्कर के खिलाफ प्रदर्शन. भास्कर ने प्रकाशित किया- अवैध को वैध बनाने के लिए प्रदर्शन. एक घटना को दो अखबार किस तरह अलग-अलग एंगल से कवर करते हैं, उसे इन दो खबरों के जरिए जाना जा सकता है. लेकिन एक बात तो तय है कि जबलपुर में भास्कर के खिलाफ अच्छी खासी लामबंदी हो चुकी है. भास्कर के खिलाफ इस लामबंदी का पूरा फायदा पत्रिका अखबार उठा रहा है.

इसी कारण पत्रिका अखबार ने बाबू विधायक के द्वारा निकली गई रैली को जमकर छापा, वहीँ भास्कर जबलपुर ने बाबू की रैली को अवैध करार देते हुए छापा है. अब तक जो लड़ाई दीवारों की पुताई तक थी, आज सड़क पर आ गई है. लीजिए, दोनों खबरों को पढ़िए.

पत्रिका अखबार में प्रकाशित खबर

भास्कर अखबार में प्रकाशित खबर


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Comments (4)Add Comment
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written by sadaab hameed, March 22, 2011
bashkar to bjp ke natao ka bikau akhbar hai use to apne kaam nikalne se matlab hai. mp mai arbo ke kaam bjp ke netao ke sahyog se chal rahe hai
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written by rahul, March 13, 2011
dono khbro ko dekha or samjhne ki koshish bhee ki or khabr ko dekhkar mujhe yahi mahsus hua ki bhaskar patrika se jyada sachha hai is khabar me ..kyoki khabar me maliko ke khilaf likha gaya hai or sath hi satta ke vidhayak ka virodh is baad ko or pukhta kar deta hai ki kahi na kahi koi badi gadbad hai or jis tarah se patrika ne apni bhdas nikali hai usse saaf pata lagta hi ki wo madya pardesh me rasukhdaro ka sahyog kar sube me apni pakad banana chahti hai .....khabar pada kar mai apne alp gyan se yahi vishleshan kar sakta hu ...
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written by santosh, March 09, 2011
पत्रिका अखबार का तो पता नही पर भास्कर का झूठा न्यूज ये है की बोकारो का एक रिपोर्टर राजेश जो भास्कर में अपने को बोकारो का चीफ बताते चलते है .अनुमंडल कार्यालय में महाशय दिन भर भूमि दलाली करते प्रतिदिन नज़र आ जायेंगे [उनका एक दिन चास बोकारो कुवर सिंह कॉलोनी में रहने वाला एक नवयुवक टाटा से भाड़े की कार से पुरुलिया (प .बंगाल ) होते हुए अपने निवास आ रहा था की इतने में बोडर तैनात गोरखा उसे रुकने के लिए इशारा दिया जिससे वो डर से कार भागने लगा |कार को न रुकते देख गोरखा ने गोलिया चला दी जिससे चालक की मौत हो गयी |सभी अखबार में छापा की युवक की अनजाने में मौत |पर भास्कर के रिपोर्टर राजेश ने छपवा दिया की मुठभेड़ में दो उग्रवादी मरे गए |जिसे में रांची में पड़ा तो दंग रह गया.|उसी तरहउनका कैमरामैन शशि का हाल है सराब के लिए तो किसी का फोटो छपवा लो |अपनी मर्जी चलने की बात करती है.का यही आपकी मर्जी है केवल उल्लू बनाते है भास्क्र्वाले
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written by Ankit Khandelwal, March 09, 2011
bhakar ke photo main unhone dainik bhaskar word ko photoshop se mita diya hain.. photo dekharke hi pata chal jaata hain ki veha kya likha hoga..

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