आई-नेक्‍स्‍ट ने गलती की है या मानसिक उत्‍पीड़न!

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आईनेक्‍स्‍टअभिषेक त्रिपाठी व अचलेन्द्र कटियार को आई-नेक्‍स्‍ट को बॉय बोले काफी दिन व्यतीत हो चुके हैं, लेकिन आई-नेक्‍स्‍ट प्रबंधन यह मानने के लिये तैयार नहीं है। अचलेन्द्र कटियार ने आज समाज व अभिषेक त्रिपाठी ने जनसंदेश, कानपुर ज्वाइन कर लिया है। अभिषेक व अचलेन्द्र को मनाने की काफी कोशिश आई-नेक्‍स्‍ट प्रबन्धन द्वारा की गयी, जिसमें उन्‍हें सफलता नहीं मिली। अब आई-नेक्‍स्‍ट द्वारा दूसरे तरीके के हथकंडे अपनाए जाने लगे हैं।

अचलेन्द्र को जहां डराने-धमकाने का काम हो रहा है, वहीं अभिषेक त्रिपाठी के विरुद्ध साजिश हो रही है, जिसका प्रत्य‍क्ष उदाहरण आज के आई-नेक्स्ट अखवार में दिखाई दे रहा है। अभिषेक को आई-नेक्‍स्‍ट छोड़े एक सप्ताह से अधिक हो गया है, जिससे संबंधित खबर भड़ास पर भी आ चुकी है। आज के आई-नेक्स्ट अखबार में एक खबर ''अभिषेक त्रिपाठी'' के नाम से प्रकाशित की गई है। यानी यह खबर बाईलाइन लगाई गई है (खबर साथ में सलग्‍न है)। अब इसको आई-नेक्स्ट अखबार की गलती माना जाए अथवा जानबूझ कर किया जा रहा मानसिक उत्‍पीड़न।

आईनेक्‍स्‍ट

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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