राजस्‍थान में पत्रिका फिर नम्‍बर वन

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मुम्बई। भारतीय पाठक सर्वेक्षण की मुम्बई में जारी ताजा सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक पत्रिका समूह एक करोड़ 82 लाख 36 हजार कुल पाठक संख्या के साथ हिन्दी के शीर्ष पांच समाचार पत्रों में अपना स्थान कायम किए हुए है।  राजस्थान पत्रिका लगातार राजस्थान का सिरमौर तो बना हुआ ही है उसी के पत्रिका ने पिछली तिमाही में 6.16 लाख नए पाठक जोड़ते हुए मध्यप्रदेश में सर्वाघिक तेज बढ़त वाले अखबार का गौरव बरकरार रखा है।

भारतीय पाठक सर्वेक्षण की मुम्बई में जारी ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार पत्रिका समूह को देश के किसी भी भाषा के पहले आठ अखबारों में स्थान मिला है। इन आंकड़ों में पत्रिका के ग्वालियर व जबलपुर संस्करणों के आंशिक आंकड़े शामिल हैं जबकि पिछले साल ही शुरू किए गए छत्तीसगढ़ में पत्रिका के संस्करणों को शामिल नहीं किया गया है।

मध्यप्रदेश में अर्जित जबरदस्त विश्वास :  पत्रिका ने धमाका मध्यप्रदेश में किया है। करीब ढाई वर्ष पहले भोपाल से पहला संस्करण शुरू कर समूचे मध्यप्रदेश पर छाए पत्रिका ने वर्ष 2010 की अंतिम तिमाही में वहां 6.16 लाख नए पाठक जोड़े हैं। इससे पहले की तिमाही में यह आंकड़ा 4.50 लाख पाठकों का था। इस तरह से पत्रिका मध्यप्रदेश में भी बढ़त की सर्वाघिक रफ्तार वाला अखबार बना हुआ है।

पत्रिका ने गत वर्ष छत्तीसगढ़ में भी प्रवेश कर पाठकों का जबर्दस्त विश्वास अर्जित किया है। मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ में अल्पसमय में ही पत्रिका को पाठकों का जो स्नेह मिला है वह पाठकों का पत्रिका की निर्भीक लेखनी पर भरोसा दर्शाता है। वहां पत्रिका ने हर मुद्दे पर जनता की आवाज उठाई तथा पीडितों को राहत दिलाने का काम किया। साभार : राजस्‍थान पत्रिका


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