हिंदी भाषी राज्‍यों में जागरण को झटका, कम हुए पाठक

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: कई गैर हिंदी भाषी राज्‍यों में नए पाठक जुड़े : दैनिक जागरण भले ही लगातार सत्रहवीं बार नम्‍बर एक होकर अपनी पीठ ठोंक रहा है, पर अगर इंडियन रीडरशिप सर्वे की चौथी तिमाही के एआईआर पर नजर डालें तो ये प्रबंधन को परेशान करने वाले हैं. उत्‍तर प्रदेश, बिहार, दिल्‍ली, उत्‍तराखंड, हिमाचल, उड़ीसा, चंड़ीगढ़, छत्‍तीसगढ़ जैसे राज्‍यों में इनकी पाठक संख्‍या कम हुई है. यानी इन राज्‍यों में पाठक जागरण से दूर हुए हैं.

अगर जागरण के मजबूत गढ़ और सबसे ज्‍यादा जनसंख्‍या वाले राज्‍य उत्‍तर प्रदेश पर नजर डालें तो यहां जागरण के पाठकों की संख्‍या सात हजार कम हुई है. पिछली बार यह संख्‍या 89 लाख 45 हजार थी, जो इस बार घटकर 89 लाख 38 हजार हो गई है. बिहार में भी पाठक जागरण से छिंटक कर दूर हुए हैं. यहां पर 45 हजार पाठक कम हुए हैं. पिछले बार बिहार में पाठक संख्‍या 25 लाख 27 हजार थी, जो इस बार घटकर 24 लाख 82 हजार रह गई है.

उत्‍तराखंड की बात करें तो यहां भी 18 हजार पाठक जागरण से दूर हुए हैं. उत्‍तराखंड में पिछली बार पाठक संख्‍या 5 लाख 86 हजार थी जो इस बार घटकर 5 लाख 68 हजार हो गई है. इसी तरह दिल्‍ली में भी जागरण के 14 हजार पाठक कम हुए हैं. 10 लाख 96 हजार की जगह अब 10 लाख 82 हजार पाठक रह गए हैं.

वहीं हरियाणा, वेस्‍ट बंगाल, पंजाब और जम्‍मू-कश्‍मीर जैसे गैर-हिंदी भाषी राज्‍यों में जागरण से नए पाठक जुड़े हैं. हरियाणा में जागरण की पाठक संख्‍या में 75 हजार नए पाठक जुड़े हैं. पिछली बार के 9 लाख 27 हजार के मुकाबले इस बार 10 लाख 2 हजार पाठक हो गए हैं. झारखंड में भी इसके साथ 65 हजार नए पाठक जुड़े हैं. यहां पाठक संख्‍या 8 लाख 23 हजार से 8 लाख 88 तक पहुंच गई है.

पंजाब में भी जागरण के पाठक संख्‍या में मामूली वृद्धि हुई है. पिछली बार के मुकाबले यहां पाठक संख्‍या 8 लाख दो हजार से बढ़कर 8 लाख 19 हजार तक पहुंच गई है, यानी 17 हजार नए पाठक जुड़े हैं. पश्चिम बंगाल में पाइक संख्‍या अब 1 लाख 52 हजार तक पहुंच गई है. जो पिछली बार से 22 हजार ज्‍यादा है.


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