गांडीव प्रबंधन और कर्मचारियों में हो गई सुलह

E-mail Print PDF

वाराणसी से प्रकाशित सांध्य दैनिक गांडीव से खबर आ रही है कि जनवरी, 2009 से अबतक अंतरिम दिए जाने व दो साल के भीतर सभी पावतों का भुगतान कर दिए जाने की घोषणा के बाद कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच सहमति हो गयी है और फिलहाल विवाद खत्म हो गया है। अपर लेबर कमिश्नर के सामने पांच साल का समझौता रजिस्टर मय स्थायी कर्मचारियों के दस्तखत गुरुवार को पुट अप होगा। इस तरह एक विवाद का अंत हो गया।

ज्ञात हो कि इसके पूर्व काफी दिनों से गांडीव के कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच जिच चल रही थी। कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल रहा था। गांडीव प्रबंधन ने बताया था कि अखबार का ग्रेड सात से आठ हो गया है, इससे जाहिर है कि उसके पास राजस्व कम होता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि गांडीव का पिछला जो ग्रेड था उसका बेसिक ग्रेड आठ में जाने के बावजूद बना रहना चाहिए फिर कतिपय कर्मचारियों की सैलरी एक से लेकर डेढ़ हजार रुपये कम कैसे हो जा रही है। जब अखबारों का ग्रेड बदलता है तो फिटमेंट की शर्तों को परख लेना चाहिए। सैलरी कम होने का तो सवाल ही नहीं है। कतिपय कर्मचारी नौकरी की पूरे समय तक गारंटी चाहते थे। प्रबंधन का मूड देखकर तो ऐसा ही लग रहा था कि वह कर्मचारियों की नौकरी की गारंटी देने के मूड में नहीं था।

हालांकि अब लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर किसी दबाव में प्रबंधन ने सहमति मान भी ली है तो भी पहले नेता टाइप कर्मचारियों को निकाल बाहर करने की पूरी तैयारी है। यह सहमति समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अजय मुखर्जी, काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्त पप्पू आदि की मौजूदगी में कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच हुई। कर्मचारी अंतरिम सन 2008 से मांग रहे थे जबकि काफी मेहनत मशक्कत के बाद प्रबंधन नवंबर 2010 से इसे देने को राजी हो रहा था। कर्मचारियों को भय है कि अब चूंकि कर्मचारी-प्रबंधन के बीच सहमति पत्र पर दस्तखत हो गया तो कई नेता टाइप कर्मचारियों की छुट्टी होनी तय है। इस नाते कर्मचारी भी काफी फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं। इस सहमति पत्र पर दादा अजय मुखर्जी, काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त पप्पू, गांडीव की मालकिन मीरा अरोड़ा सहित सभी 16-17 स्थायी कर्मचारियों के दस्तखत हैं। देखना यह है कि यह सहमति आगे क्या गुल खिलाती है। साभार : पूर्वांचलदीप


AddThis
Comments (0)Add Comment

Write comment

busy