नईदुनिया, पत्रिका और भास्‍कर की जंग, पिस रहा विज्ञापनदाता

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ग्वालियर इन दिनों अखबारी जंग का अखाड़ा बना हुआ है। यह जंग तब से और तेज हो गई है जब से पत्रिका ने ग्वालियर में कदम रखा। ग्वालियर  को अखबार के मालिक सदैव से कमाऊ मानते रहे हैं। लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब रेवेन्यू कलेक्शन की बात होती है। विज्ञापनदाता सीमित हैं और वे इस अखबारी जंग में पिस रहे हैं। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि किसे विज्ञापन दें और किसे न दें।

दैनिक भास्कर और पत्रिका की जंग जाहिर है। इसी जंग को आगे बढ़ाते हुए अब दैनिक भास्कर ने नईदुनिया में सेंध लगाना शुरू कर दी। मार्केटिंग का काम देखने वाले अभिक सूर को दैनिक भास्कर ने अपने पाले में लेते हुए भिलाई भिजवा दिया है। सूर प्रसन्न हैं। वे अपने घर रायपुर के निकट पहुंच गए हैं। अब दैनिक भास्कर के ग्वालियर में पदस्थ जनरल मैनेजर आशुतोष मिश्रा नईदुनिया के जीएम अनिल सेंगर पर डोरे डाल रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने दो दिन पहले सिटी सेंटर स्थित एक कैफे काफी डे में लंबी मंत्रणा की। सेंगर को आश्वस्त किया गया है कि नईदुनिया छोडऩे पर उन्हें भास्कर की इंदौर के आसपास स्थित किसी यूनिट का प्रभारी बनाया जा सकता है।

सेंगर को इंदौर से ग्वालियर भेजा गया है। वे भी होम सिकनेस के चलते छटपटा रहे हैं और किसी भी तरह घर वापस लौटना चाहते हैं। दैनिक भास्कर की मंशा यह है कि नईदुनिया के लिए रेवेन्यू जुटाने वाली टीम तोडक़र नईदुनिया की कमर तोड़ो। दैनिक भास्कर विज्ञापनदाताओं से यह बात पहले ही कह चुका है कि पत्रिका में उनका विज्ञापन नहीं दिखना चाहिए। इस तरह भास्कर रेवेन्यू कलेक्शन में नंबर बने रहना चाहता है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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Comments (3)Add Comment
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written by ram khare, March 23, 2011
manishji chamtkari aur dridh nischayi adami haine yadi bhaskar patrika wale unse bat kar rahe honge to uske pichhe sirf unka kam hi hai `par ye kanhi se bhi nahi lagta ki manish sharmaji ka sath vo chode payenge unko pala badl vana itna aasan bhi nahi hai jitna log samjh rahe hain naidunia jabalpur ko is sithi tak lane me unhone pasina bhi khoob bahaya hai
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written by Ajeet Singh, March 20, 2011
my dear jabalpur is bigger market than gwalior, its near about 30 to 35% bigger than gwalior, keep urself wel informed than comment, no.2 manish is trying was patrika, jabalpur and raipur, not in bhaskar but somehow salary matter was not sorted out with patrika, vaise bhi apko malum hona chahiye ki patrika is not gud pay master, patrika wants lion in the price of monkey
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written by Name, March 19, 2011
Yahi haal Jabalpur ka bhi hai. Jabalpur ka market to Gwalior se bhi chhota hai. Yahan ke GM manish mishra aur Alok Vani ko bhi Bhaskar apne pale main karna chahta hai. Darasal Marketing ke logom ki Salary circulation se kam hai saath hi Naidunia mai indore se aaye kuchh executives ki salary unake reporting managers se bhi zyada hai. Jabalpur ki marketing team tootani tay hai.

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