प्रतिस्‍पर्धा से पुलिस की चुनौतियां बढ़ी : राज चेंगप्‍पा

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पंचकूला :  प्रतिस्पर्धा ने पुलिस की चुनौतियों को पहले से भी ज्यादा बड़ा और संवेदनशील बना दिया है, साथ ही मीडिया और सूचना क्रांति में हो रही उथल-पुथल भी पुलिस के लिए एक समस्या बनी हुई है। ऐसे में हमें और हमारी पुलिस को पहले से भी ज्यादा मुस्तैद रहने की जरूरत है। द ट्रिब्यून समाचार पत्र के प्रधान संपादक राज चेंगप्पा ने पुलिस लाइन पंचकुला में 'प्रतिकूल परिस्थितियों में मीडिया के साथ संबंध' नामक विषय पर आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्‍य अतिथि के तौर पर यह बात कही।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रंजीव सिंह दलाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पुलिस अधिकारियों की पहली कार्यशाला आज सफलतापूर्वक संपन्न हुई। 23 से 25 मार्च तक चली यह कार्यशाला हरियाणा पुलिस अकादमी द्वारा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो तथा इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मॉस कम्‍युनिकेशन, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में राज्य के 24 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस सूचना तंत्र की जिस राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है वो न केवल दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण है बल्कि उसे देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनने की दिशा में एक अच्छा संकेत है। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागी पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्रों का उत्तर देते हुए कहा कि ये बात बिल्कुल सही है कि मीडिया कोई भी एकतरफा समाचार भेजने से पहले संबंधित पुलिस अधिकारी या थाना इंचार्ज का पक्ष जरूर जानें। इसके लिए पुलिस व मीडिया के बीच सीधा संवाद और तालमेल बहुत जरूरी है।

कार्यशाला में इंडियन इंस्टीच्यूट आफ मॉस कम्‍युनिकेशन, नई दिल्ली के प्रोफेसर श्री केएम श्रीवास्तव, अतिथि प्रवक्ता तथा आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक श्री गौतम कौल, एनडीटीवी के प्रतिनिधि अरविंद उत्तम तथा हरियाणा पुलिस के गुप्तचर विभाग के महानिरीक्षक राजबीर देशवाल ने मीडिया से जुड़े विषयों - मीडिया और पुलिस, सामान्य परिचय, समाचार की अवधारणा, प्रेस नोट लेखन, प्रेसवार्ता, पत्रकार सम्‍मेलन का आयोजन, प्रतिकूल परिस्थितियों में मीडिया से संवाद जैसे विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की तथा पुलिस अधिकारियों के अनुभवों को साझा किए।

पंचकूला से महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.


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