हाइकु संग्रह 'इंद्रधनुष' का लोकार्पण

E-mail Print PDF

सहारनपुर के नौ हाइकुकारों के हाइकु संग्रह 'इंद्रधनुष' का लोकार्पण देश के प्रख्यात साहित्यकार व 'हंस' के संपादक राजेंद्र यादव और जाने-माने कथाकार वल्लभ डोभाल सहित अनेक साहित्यकारों ने किया। हाइकु जापानी विधा की छोटी कविता है, जिसमें मात्र 17 अक्षर होते हैं।  डा. द्वारिका प्रसाद स्मृति न्यास द्वारा सेक्टर 62 नोएडा के एक सभागार में आयोजित समारोह में 'इंद्रधनुष' का लोकार्पण किया गया।

इस हाइकु संग्रह में सहारनपुर के डा. सुरेंद्र सिंघल, कृष्ण शलभ, डा. वीरेंद्र आजम, रजनीकांत, डा. आरके सैनी,  हरिराम पथिक,  डा. सपना सिंह,  कमलेश भट्ट कमल और सहारनपुर के निवर्तमान मंडलायुक्त और प्रमुख साहित्यकार आरपी शुक्ल के 42-42 हाइकु शामिल हैं। संग्रह का संपादन आरपी शुक्ल ने ही किया है।  'इंद्रधनुष'  के रंगों से युक्त मुखपृष्‍ठ वाली इस पुस्तक में प्रत्येक हाइकुकार का रंगीन पृष्ठ पर पूर्ण परिचय तो है ही, साथ ही हाइकु से संबंधित रेखा चित्र भी हैं, जिससे यह हाइकु संग्रह आकर्षक तथा और अधिक पठनीय हो गया है।

संग्रह के संपादक आरपी शुक्ल ने इस अवसर पर कहा कि संग्रह में सभी हाइकुकारों के चुनिंदा हाइकुओं को ही शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जापानी विधा की इस कविता में प्रथम पंक्ति में पांच, दूसरी में सात और तीसरी में पांच अक्षर होते हैं। इस तरह यह त्रिपदी 17 अक्षर की कविता है, जो अपने आप में गहरा अर्थ रखने वाली पूर्ण कविता का लघु रूप है। समारोह के अध्यक्ष राजेंद्र यादव, प्रख्यात कथाकार वल्लभ डोभाल व हंस के कार्यकारी संपादक संजीव और  सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा. सुधांशु ने भी हाइकु पर अपने विचार व्यक्त किए। संचालन अरुण आदित्य ने किया।


AddThis