विश्‍वसनीयता की लड़ाई लड़ रहे छोटे अखबारों के पत्रकार : पुण्‍य

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आज के दौर में मीडिया विश्वसनीयता के संकट से गुजर रहा है. ऐसे में सूचना, समाचार एवं विचारों के संप्रेषण में छोटे समाचार पत्रों की अपनी अलग भूमिका है। हिमाचल के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिमला के गेईटी थियेटर में साप्ताहिक समाचार पत्र 'मोनाल टाईम्स' के रजत जयंती समारोह में अपने अध्यक्षीय भाषण में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण व्यवसाय है, जिसके लिए कड़ी लगन एवं प्रतिबद्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने देश के स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रिंट और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया के लिए विश्वनीयता सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे हर कीमत पर बनाए रखा जाना चाहिए। जी न्यूज चैनल के सम्पादकीय सलाहकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि छोटे समाचार पत्रों की पत्रकारिता विश्वसनीयता की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाचार पत्र या चैनल के लिए विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण है। मीडिया अपने नवीन विचारों से राजनीतिक सरोकारों का मार्गदर्शन करता रहा है।

वाजपेयी

वरिष्ठ पत्रकार जेएन साधु और पीसी लोहमी ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। वरिष्ठ पत्रकार राम दयाल नीरज, सत्येन शर्मा, रविन्द्र रणदेव, सीता राम खजूरिया और अमर उजाला के स्थानीय सम्पादक गिरीश गुरूरानी को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सांसद वीरेन्द्र कश्यप, विधायक सुरेश भारद्धाज, किशोरी लाल के अलावा जेपी नड्डा, रामलाल, रूपा शर्मा, राजेश शारदा, नगर निगम ए.एन.शर्मा, सूचना, एवं जन सम्पर्क विभाग के निदेशक बीडी शर्मा, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक प्रेम शर्मा, उपायुक्त ओंकार शर्मा और शहर के गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.


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