राजेन्‍द्र माथुर की 75वीं वर्षगांठ पर गोष्‍ठी में पधारें

E-mail Print PDF

: राजेंद्र माथुर के लेखों के संग्रह 'राम नाम से प्रजातंत्र तक' का होगा लोकार्पण : राजेंद्र माथुर पर केंद्रित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन होगा : मूर्धन्‍य संपादक और प्रखर साहित्‍यकार राजेन्‍द्र माथुर की स्‍मृति में उनकी 75वीं वर्षगांठ 7 अगस्‍त को मनाई जाएगी. इस मौके पर राजेन्‍द्र माथुर समिति तथा भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद ने एक विचार गोष्‍ठी का आयो‍जन किया है. गोष्‍ठी का विषय है - 21वीं सदी में पत्रकारिता तथा भारत की अंतरराष्‍ट्रीय छवि. कार्यक्रम के प्रमुख वक्‍ता केन्‍द्रीय पर्यावरण राज्‍यमंत्री जयराम रमेश, पूर्व केन्‍द्रीय मंत्री व सांसद मणिशंकर अय्यर, ललित कला अकादमी अध्‍यक्ष अशोक वाजपेयी तथा दूरदर्शन की महानिदेशक अरूणा शर्मा हैं.

इस दौरान राजेन्‍द्र माथुर के लेखों के संग्रह 'रामनाम से प्रजातंत्र तक' का लोकापर्ण किया जाएगा. जिसका प्रकाशन सामयिक प्रकाशक ने किया है. स्‍व. माथुर के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्‍म का प्रदर्शन भी किया जाएगा. 7 अगस्‍त के कार्यक्रम के लिए सभी सपरिवार निमंत्रित हैं.

कार्यक्रम स्‍थल- भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद, आजाद भवन, इन्‍द्रप्रस्‍थ एस्‍टेट, आईटीओ, नई दिल्‍ली

दिन- शनिवार, 7 अगस्‍त 2010

समय- शाम 5.30 बजे

जन्मदिवस पर आयोजित इस समारोह में राजेन्द्र माथुर के जीवन पर आधारित वरिष्ठ टी.वी. पत्रकार राजेश बादल द्वारा निर्मित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा. आजाद भारत के चुनिन्दा संपादकों पर वृतचित्रों की श्रंखला बनाने की कड़ी में पहली फिल्म राजेंद्र माथुर पर बन चुकी है. आधा घंटे की इस फिल्म में राजेंद्र माथुर के दुर्लभ वीडियो के अलावा उनके रेडियो साक्षात्कारों के हिस्से और 36 साल में लिखे उनके चुनिन्दा लेखों के हिस्से शामिल किये गए हैं. इसके अलावा राजेंद्र माथुर की पत्रकारिता को समझने वाले और उनके करीब रहे लोगों से बातचीत भी इसमें दिखाई गयी हैं.

राजेश बादल के मुताबिक यह फिल्म नए पत्रकारों के लिए बेहद उपयोगी तो है ही, उन लोगों के लिए भी काम की है, जिन्होंने न तो राजेंद्र माथुर को देखा है, न उनके साथ काम किया और न उनको पढ़ा है. श्री बादल ने बताया कि इस फिल्म के शो देश भर में हिंदी मीडिया से जुड़े लोगों के लिए किये जायेंगे. मीडिया संस्थानों और कॉलेजों में भी फिल्म दिखाई जायेगी, जहाँ पत्रकारिता पढाई जाती है. ज्ञात हो कि राजेश बादल राजेंद्र माथुर और सुरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ करीब बारह साल तक साथ काम कर चुके हैं और पिछले 34 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं.


AddThis