हिन्‍दी दीन-हीन नहीं, प्रभावशाली भाषा

E-mail Print PDF

: माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय में हिन्दी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित : भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में हिन्दी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि हिन्दी भाषा को दीन-हीन मानना एक गलत सोच है।हिन्दी भाषा दीन-हीन नहीं बल्कि दिन-ब-दिन प्रभावशाली और सम्पन्न हो रही है।

उन्‍होंने कहा कि हिन्दी भाषा की यह खासियत है कि यह हर भाषा के शब्दों के साथ सामंजस्य बैठा लेती है। चाहे मनोरंजन का क्षेत्र हो, राजनीति हो या विज्ञापन। हिन्दी सब जगह अपनी पैठ लगातार बढ़ा रही है। कार्यक्रम में विभाग के विद्यार्थियों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए। बीजेएमसी के ओमप्रकाश पवार ने मजबूत इच्छाशक्ति को हिन्दी भाषा की दशा सुधारने का एकमात्र मंत्र बताया।

प्रगति तिवारी ने कविता के माध्यम से हिन्दी भाषा के इस दर्द को उजागर किया कि उसको केवल हिन्दी दिवस के दिन ही याद किया जाता है। आलोक पाण्डेय ने हिन्दी भाषा के बीते और आने वाले कल के बारे में अपने विचार रखे। एमएएमसी की छात्रा शाहीन बानो ने इस अवसर पर गजल प्रस्तुत की। ‘कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे’ नीरज का यह सुप्रसिद्ध गीत विकास मिश्रा ने प्रस्तुत किया।

पुनीत कुमार पाण्डेय ने हिन्दी भाषा के विभिन्न कालों के इतिहास के बारे में उपयोगी जानकारी दी। अभिषेक कुमार झा ने कविता पाठ किया। इसी क्रम में एमएएमसी तृतीय सेमेस्टर के छात्र संजय शर्मा ने अपने अनुभवों को कविता के माध्यम से लोगों के बीच रखा। कृष्ण कुमार तिवारी, विकास शर्मा एवं देवाशीष मिश्रा ने भी कविता पाठ किया। इस अवसर पर विभाग की व्याख्याता डॉ. मोनिका वर्मा, सन्दीप भट्ट, शलभ श्रीवास्तव, पुर्णेन्दु शुक्ल सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। संचालन एमएएमसी की छात्रा एन्नी अंकिता एवं सोनम झा ने किया।


AddThis