इंदौर में नौ दिनी राष्ट्रीय पुस्तक मेले का शुभारंभ

E-mail Print PDF

: बेहतर जीवन का रास्ता दिखाती हैं पुस्तकें- मंडलोई : आज के दौर में जब ज़िंदगी टीवी के परदे में सिमट रही है, ऐसे में पुस्तकें ज़िंदगी को सजाने, संवारने और सम्हालने की राह दिखाती हैं. यह बात विख्यात कवि एवं दूरदर्शन के उपमहानिदेशक लीलाधर मंडलोई ने कही.

वे श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति परिसर में नेशनल बुक ट्रस्ट एवं समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पुस्तक मेले के उदघाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे. इस अवसर पर जाने माने कार्टूनिस्ट, लेखक एवं कलाकार आबिद सुरती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे.

अपनी सहज और सरल कविताओ से साहित्य जगत में विशिष्ट स्थान बनाने वाले श्री मंडलोई ने लेखन में वैज्ञानिक चेतना की बात कही और इस महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की चेतना के विकास में निर्णायक भूमिका निभाती हैं. नौ दिनों तक चलने वाले किताबों के इस मेले का शुभारंभ महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे ने पुष्प श्रंखला काटकर किया. उन्होंने श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित इस मेले के लिए के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट की सराहना की.

समारोह के मुख्य अतिथि श्री आबिद सुरती ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन को सही मार्गदर्शन देती है. उन्होंने अपने जीवन की कई घटनाओं के माध्यम से किताबो के महत्त्व को रेखांकित किया. इसके पहले एनबीटी के उपनिदेशक इमरान उल हक ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि २६ सितम्बर तक चलने वाले किताबों के इस मेले में देश के लगभग प्रमुख सत्तर प्रकाशक और विक्रेता भाग ले रहे हैं. मेले में दो लाख से भी ज़्यादा किताबें प्रदर्शित की गयी हैं.


AddThis