पत्रिका ने वितरकों को बांटे दीवाली के उपहार

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दीवाली पर पत्रिका प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों को एक ओर जहां बोनस व उपहार दिए हैं वहीं अखबार बांटने वाले वितरकों को भी उपहार के रूप में विमल सूटिंग का पैंट-शर्ट उपहार स्वरूप वितरित किया है। प्रबंधन ने राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी सभी वितरकों को उपहार दिए हैं। भोपाल से प्राप्त सूचना के अनुसार एक भव्य दीवाली मिलन समारोह आयोजित कर पत्रिका एजेंट ब्रजेश रिछारिया व मुईन भाई ने करीब 400 वितरकों के बीच उपहार वितरण का शुभारंभ कराया।

 

 

इस अवसर पर अतिथि के रूप में भाजपा के प्रदेश मंत्री रामेश्वर शर्मा, पार्षद किशन सूर्यवंशी, पत्रिका के यूनिट हैड गजराज भंडारी तथा सहायक महाप्रबंधक वितरण वीपीएस भदौरिया उपस्थित हुए। अपने उदबोधन में गजराज भंडारी ने पत्रिका को मिली अपार सफलता के लिए वितरकों का आभार व्यक्त किया। श्री रामेश्वर शर्मा ने अपने भाषण में पत्रिका की इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पत्रिका को मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ में मिल रही इस सफलता का कारण एक ओर जहां निष्पक्ष और निर्भीक लेखनी है वहीं वितरकों की इस फौज का अटूट भरोसा भी है। इस अवसर पर श्री भदौरिया द्वारा वितरकों को आश्वस्त किया गया कि पत्रिका वितरकों का पूरा सम्मान करती है और उन्हें हर अवसर पर याद भी करती है, यह पत्रिका संस्थान की परंपरा है। पत्रिका का उच्च प्रबंधन हमेशा वितरक हित व उत्थान की बात सोचता है।

यही कारण है कि पत्रिका को भी वितरकों का बराबर स्नेह मिलता है। इस अवसर पर पत्रिका समूह के प्रबंध निदेशक श्री निहार कोठारी द्वारा वितरकों के लिए भेजा गया एक पत्र भी वितरकों को दिया गया। ज्ञात रहे कि पत्रिका ने वितरकों को 469 रुपये एमआरपी का एक गिफ्ट बांटा है, जिसमें स्क्रैच कार्ड का एसएमएस करने पर लाखों रुपये के पुरस्कार विमल कम्पनी द्वारा घोषित किए गए हैं। मध्य प्रदेश के इतिहास में इतना महंगा गिफ्ट पहली बार किसी अखबार द्वारा वितरकों को बांटा गया है, जबकि राजस्थान में राजस्थान पत्रिका की ओर से वितरकों को महंगे महंगे उपहार देने की परंपरा  राजस्थान पत्रिका के संस्थापक स्व. श्री कर्पूर चन्द्र जी कुलिश ने वर्षों पहले डाली थी, जो आज भी कायम है।


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