सम्मानित हुईं कला व संगीत की महान विभूतियां

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राजधानी दिल्ली के एक सभागार में बृहस्पतिवार को संगीतमयी शाम में कला और संगीत की उन विभूतियों को सम्मानित किया गया जिनकी मौजूदगी से कला व संगीत का क्षेत्र खुद को सम्मानित महसूस करता है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय माकन ने पद्म विभूषण बांसुरी वादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया और पद्म भूषण कथक नृत्यांगना उमा शर्मा को भारत के संगीत रत्न अवार्ड से सम्मानित करते हुए कहा कि यह मौका पाकर वह खुद को बेहद सम्मानित महसूस कर रहे है। इंडिया हैबीटेट सेंटर में दि आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट आफ इंडिया द्वारा आयोजित संगीत सम्मान अवार्डस-2010 का शुभारंभ मुख्य अतिथि गृह राज्य मंत्री अजय माकन ने दीप प्रज्वलित करके किया।

इस मौके पर उनके साथ ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष ठा. चक्रपाणि सिंह, अध्यक्ष ललित भसीन, सचिव परमजीत कौर, डा. रचना और मुम्बई के कवि-उदघोषक देवमणि पाण्डेय भी मंच पर मौजूद थे। इस संगीतमयी शाम का शुभारंभ पांच वर्षीय ऊर्जा अक्षरा ने सरस्वती वंदना से किया। मुख्य अतिथि श्री अजय माकन ने भोपाल के ध्रुपद गायक गुंडेचा ब्रदर्स प. उमाकांत एवं प. रमाकांत गुंडेचा को संगीतश्री सम्मान और प्रसिद्ध पखावज वादक प. डालचंद शर्मा को दिल्ली रत्न से सम्मानित किया। इसके अलावा लोक गायिका लक्ष्मी सिंह को भी सम्मानित किया गया। ट्रस्ट की ओर से संस्थापक अध्यक्ष ठा. चक्रपाणि सिंह ने मुख्य अतिथि अजय माकन को स्मृति चिह्न प्रदान किया।

इस मौके पर अजय माकन ने कहा कि समाज निर्माण में कलाकारों की अहम भूमिका होती है। श्री माकन ने आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट आफ इंडिया की स्मारिका का लोकार्पण भी किया। इस संगीतमयी शाम को उमा शर्मा ने अपने कथक नृत्य से सराबोर कर दिया। ध्रुपद गायक गुंडेचा ब्रदर्स की शास्त्रीय गायकी ने खूब वाह-वाही बटोरी। अपने सम्मान का उत्तर देते हुए प. हरिप्रसाद चौरसिया ने कहा कि वह अब भी विद्यार्थी हैं और सीख रहे हैं। जैसा सम्मान उन्हें आज यहां मिला है, वह अदभुत है। समारोह के संचालन के लिए ख़ास तौर से मुम्बई के कवि-उदघोषक देवमणि पाण्डेय को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने साहित्यिक गरिमा के साथ मंच संचालन किया।


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