पत्रकारिता में पेड न्‍यूज व प्रायोजित इंटरव्यू चिंता का विषय

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: लखनऊ में आयोजित कार्यशाला का दूसरा दिन : राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक मीडिया कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एक्सप्रेस न्यूज डेली के ग्रुप एडिटर प्रो. बलदेव राज गुप्ता ने अपनी तीन घण्टे के लम्बे परन्तु रोचक सत्र में पत्रकारिता जगत की प्राथमिक किन्तु महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ मीडिया के सामाजिक सरोकार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज पत्रकार वही व्यक्ति बन सकता है जिसके पास शब्दों का अथाह भण्डार हो।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता शब्दों का भण्डार नही है, वह व्यक्ति पत्रकारिता का काम नही कर सकता है। आज की पत्रकारिता में पत्रकारों को तकनीकी ज्ञान होना अनिवार्य हो गया है। नवोदित पत्रकारों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान, अनुभव व अध्ययन काम आयेगा। उन्होंने नवोदित पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जन सरोकार के मुद्दों पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उनसे पीछे नहीं हटना चाहिए।

उन्होंने विकास परक पत्रकारिता पर भी विशेष ध्यान देते हुए कहा कि अब विकास पत्रकारिता ने भी महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। विगत चुनावों में विकास एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरा है, अतः विकास पत्रकारिता व लेखन का भविष्य बहुत उज्ज्‍वल है। इससे अछूता नही रहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को खाने में घटिया दाल व रायता परोसी गई, जिस पर सरकार ने जांच बैठा दी है, इसको एक प्रमुख समाचार पत्र में पाँच कालम समाचार के रूप में छापा गया है, परन्तु यह सामाजिक सरोकार का विषय नही हो सकता। अब पेड न्यूज की बात थी, परन्तु अब इलेक्ट्रानिक मीडिया में भी पैसे लेकर प्रायोजित इण्टरव्यू के प्रश्न पूछे जा रहे हैं। मीडिया जगत में यह चिन्ता का विषय है। उन्होंने कार्यशाला में भाग ले रहे नवोदित पत्रकारों को डायरी लेखन, अनुवाद, समाचार लेखन, लेख-लेखन आदि विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी।

साइबर जर्नल्जिम की बारीकियों एवं सावधानियों के प्रति आगाह करते हुए उत्‍तर प्रदेश समाचार सेवा के सम्पादक सर्वेश सिंह ने कहा कि आज अंग्रेजी के साथ ही पत्रकारिता के छात्रों को हिन्दी टाइपिंग में कुशलता प्राप्त करने की जरूरत है। इसी सत्र में एमकेसीएल के स्टेट को-आर्डिनेटर विवेक मिश्र ने बेबसाइट के बारे में जानकारी दी। इसके अगले सत्र में साउण्ड, स्टूडियों, कैमरा हैण्डलिंग एवं स्टूडियों लाइटिंग तथा वीडियो एडिटिंग की जानकारी चित्रलेखा स्टूडिया के मैनेजर संजय कश्यप एवं सुनील कुमार ने दी।

महुआ न्यूज चैनल के ब्‍यूरो प्रमुख कुमार सौवीर ने सोशल नेटवर्किग साइट्स पर कार्य करने का गुर सिखाया। आज के दिन के मुख्य वक्ता पीटीआई झारखण्ड प्रदेश के प्रमुख एवं मीडिया एथिक्स के जानकार इन्दुकान्त दीक्षित ने नीरा राडिया प्रकरण के माध्यम से मीडिया एवं आचार संहिता विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया।

संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया मालिक भले ही अपने घाटे-मुनाफे का हिसाब लगाते हों परन्तु पत्रकारों की सोच सदैव सामाजिक सरोकार और भारतीयता से जुडी है। पत्रकार इसी समाज की समास्याओं से रूबरू हो रहा है। अतः वह बाजारवाद के बाद भी अपने दायित्वों का निवर्हन कर रहा है। नये पत्रकारों को अपना रोल माडल चुन लेना चाहिए। कार्यशाला का कल अंतिम दिन होगा, जिसमें माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बीके कुठियाला भाग लेगें।


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