बिहार टाइम्स कानक्लेव : यशवंत, प्रांजय, आनंद, अकू के भाषण सुनें

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बिहार टाइम्स डॉट कॉम द्वारा पटना में अल्टरनेटिव मीडिया पर आयोजित कानक्लेव में मंचासीन पत्रकारों द्वारा दिए गए भाषणों के वीडियो अभिषेक आनंद (पटना में पत्रकारिता के छात्र) के सौजन्य से उपलब्ध हो गए हैं.

 

 

कल मुकेश कुमार के भाषण को आप लोगों ने सुना था. आज वरिष्ठ पत्रकार प्रांजय गुहा ठाकुरता, विश्लेषक और पत्रकारिता शिक्षक आनंद प्रधान, हिदुस्तान पटना के स्थानीय संपादक अकू श्रीवास्तव और भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के भाषण को सुनिए. इस आयोजन के बारे में आई-नेक्स्ट, पटना में प्रकाशित रिपोर्ट को भी यहां दे रहे हैं. साथ ही कानक्लेव के पहले दिन की शाम को आयोजित डिनर की दो तस्वीरें (एक उपर और एक नीचे) दे रहे हैं. नीचे बिलकुल आखिरी तस्वीर कानक्लेव के उदघाटन समारोह की है. अब केवल मणिकांत ठाकुर की स्पीच का वीडियो आना बाकी है जिसे अभिषेक जल्द से जल्द भड़ास4मीडिया के पास भेजने वाले हैं. जल्द ही कुछ अन्य तस्वीरें भी दिखाई जाएंगी. फिलहाल इन भाषणों, रिपोर्टों को देखें, सुनें और बांचें. -एडिटर


ये भाषण के वीडियो....

यशवंत का संबोधन

आनंद के विचार

प्रांजय का वक्तव्य

अकू के उदगार

बदलाव बेहद जरूरी है

होटल मौर्या में आयोजित दो दिनी बिहार कानक्लेव 2010 समाप्त

i next reporter

PATNA (19 Dec) : बिहार में बदलाव के दौर में चैलेंजेज पर चर्चा दूसरे दिन भी जारी रही. होटल मौर्या में आयोजित दो दिवसीय बिहार कॉन्क्लेव 2010 में विदेशों में रहने वाले बिहारियों ने लोकल लोगों के साथ मिलकर, बदलाव पर चर्चा की. चर्चा के दौरान बिहार में स्कोप, एनर्जी एंड इंवायरमेंट के साथ मीडिया के रोल, आईटी एंड रूरल डेवलपमेंट, फाइनेंसियल इंक्लूजन पर भी चर्चा की गयी. कभी स्लाइड प्रेजेंटेशन के साथ चर्चा, तो कभी ओपन फोरम में चर्चा. कॉन्क्लेव में आईटी के साथ रूरल डेवलपमेंट पर भी चर्चा हुई, जिसमें देश-विदेश की कई इंटेलेक्चुअल्स शामिल हुए.

इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत : इस दौरान ग्लोबल एसएपी ऑपरेशंस के हेड दीपक कुमार ने कहा कि बिहार को आईटी हब बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव बेहद जरूरी है. वहीं कॉल टू कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी अनिल सिन्हा ने कहा कि दो दशक पहले तक बेंगलुरू भी पटना की तरह ही था, लेकिन आज आईटी हब है. इस सेशन में एनटीसी इंटरनेशनल, जापान के प्रो मेकोटो काटो के साथ यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लास्गो, यूके के स्कॉलर डा भाष्कर चौबे भी मौजूद थे. कॉन्क्लेव का दूसरा दिन लगभग मीडिया के ही नाम रहा. दो दिवसीय प्रोग्राम का सबसे लंबा सेशन ट्रेडिशनल मीडिया में आये चेंजेज, इमर्जेस ऑफ अल्टरनेटिव मीडिया पर चला. इसमें मीडिया के हर पहलू पर चर्चा हुई. इस दौरान सीनियर जर्नलिस्ट प्रंजॉय ठाकुर, फिल्म मेकर अरविंद सिन्हा आदि ने अपनी राय रखी.

ट्रेडिशनल मीडिया और अल्टरनेटिव मीडिया दोनों एक ही काम कर रहे हैं, बस इनका तरीका डिफरेंट है. अल्टरनेटिव मीडिया कई ऐसे प्रेशर्स से फ्री है, जो ट्रेडिशनल मीडिया को झेलना होता है.

अकु श्रीवास्तव सीनियर जर्नलिस्ट

यूएसए और वेस्ट यूरोप में न्यूज पेपर्स का रेवेन्यू और सर्कुलेशन लगातार गिर रहा है. एक अनुमान के मुताबिक 2040 में यूएसए में आखिरी अखबार निकलेगा, जो एक भयानक संकेत है.

डा आनंद प्रधान एसोसिएट प्रोफेसर आईआईएमसी नई दिल्ली

बदलते समय के साथ चुनौतियां बदली हैं. आज मीडिया पर भी प्रेशर बढ़ गया है, दोतरफा प्रेशर. खुद को बेदाग बनाए रखने की चुनौती अधिक मुश्किल हो गयी है.

मुकेश कुमार, चैनल हेड न्यूज एक्सप्रेस, नई दिल्ली

अल्टरनेटिव मीडिया की जरूरत अब अधिक है, क्योंकि सवाल अब बड़े नामों पर उठे हैं. राडिया केस अल्टरनेटिव मीडिया को और भी रेलेवेंस बनाता है. मीडिया पर्सस और पब्लिक दोनों को अल्टरनेटिव मीडिया को सपोर्ट करना चाहिए.

यशवंत सिंह, एडिटर भड़ास फॉर मीडिया

ट्रेडिशनल मीडिया और अल्टरनेटिव मीडिया एक-दूसरे के कॉम्प्लीमेंटरी हैं, ना कि कंट्राडिक्टरी. नई मीडिया के आने से ट्रेडिशनल के पास चुनौतियां बढ़ गयी हैं. ऐसे में दोनों में सामंजस्य जरूरी है.

अजय कुमार, एडिटर बिहार टाइम्स


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