पत्रकार स्‍वयं को बिकाऊ नहीं कीमती बनाएं

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'वर्तमान युग के पत्रकार स्वयं को बिकाऊ नहीं बल्कि कीमती और वजनदार बनाएं।' यह बात वरिष्‍ठ पत्रकार एवं सुनहरा राजस्थान के सम्पादक अनिल लोढ़ा ने रविवार को हरणी महादेव मंदिर के समीप स्थित महानन्दिनी टर्निंग प्‍वाइंट पर आयोजित राजस्थान पत्रकार संघ 'जार' के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

लोढ़ा ने कहा कि बाजारीकरण के इस आर्थिक युग में स्वंय को बेईमान बनने से रोक पाना अत्यन्त ही मुश्किल काम है। इसलिए संवाददाता को कठिन परिश्रम करके खुद को प्रोफेशनली इतना साऊण्ड बना लेना चाहिए कि जिस भी अखबार में वह काम करें वहां का प्रबधंन उसकी अहमियत को समझते हुए खूब कद्र करे। यदि ऐसा हो जाता है तो संस्थान खुद ही उसे इतना मेहनताना दे देगा कि कुछ और करने की तरफ उसका ध्यान ही नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल जो चल रहा है उससे निराश होने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि हिन्दुस्तान का बच्चा-बच्चा अपने ही जहर को अमृत में बदलना जानता है। इसलिए हमें सकारात्मक सोच रखते हुए पूरे धैर्य के साथ नया सवेरा होने का इंतजार करना चाहिए।

इस अवसर पर यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष एवं जार के संस्थापक सदस्य लक्ष्मी नारायण डाड ने कहा कि भले ही कितनी अड़चनें आए एक पत्रकार को अपने मूलधर्म से भटकना नहीं चाहिए। हालांकि पाठक भी सिर्फ सरकार, चमत्कार और बालात्कार की खबरें ही पढ़ना चाहते हैं लेकिन जो संवाददाता इन सबसे हटकर समाचार देगा उसी के लिए कहा जाएगा कि फलां अलग ही मिट्टी का बना इंसान है।

जिला सम्मेलन के दौरान एनयूजेआई के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रीय सचिव राजेश तोशनीवाल को मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर और शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। राजस्थान पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने आगुन्तकों का स्वागत करते हुए जार के सदस्यता अभियान की जानकारी दी तथा महासचिव ओम कसारा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन जार की महिला प्रकोष्‍ठ प्रमुख मधु जाजू द्वारा किया गया। सम्मेलन में जार के प्रदेश कोषाध्यक्ष कैलाश त्रिवेदी व संभागीय सचिव भूपेन्द्र ओझा सहित जिले भर के पत्रकार उपस्थित थे।


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