गायत्री परिवार ने हरिद्वार प्रेस क्‍लब को हाईटेक बनाया

E-mail Print PDF

पत्रकारिता उद्योग या व्यवसाय नहीं बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। आमजन हों या समाज का खास वर्ग, रचनाधर्मी पत्रकारिता लोगों की अनेक समस्याओं का निदान करने में सहायक सिद्ध होती है। आज जरूरत है कि देश में आध्यात्मिक पत्रकारिता को बढ़ावा मिले। इसके लिए पत्रकारों की नई पीढ़ी को मुखरता के साथ आगे आना होगा। यह बात अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने बतौर मुख्य अतिथि हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकारों की विशाल सभा में कही।

वह प्रेस क्लब के प्रमुख कार्यालय कक्ष, कमेटी रूम व कम्प्यूटर लैब का लोकार्पण करने के बाद हरिद्वार मीडिया परिवार को सम्बोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि शान्तिकुन्ज द्वारा लोकहित में प्रेस क्लब के प्रथम तल की साज-सज्जा के साथ-साथ कार्यालय एवं कम्प्यूटर आदि की समस्त व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने कहा कि हरिद्वार को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए सभी लोग प्रतिबद्ध हों। धर्मनगरी हरिद्वार को वैटिकन सिटी का दर्जा देने की वकालत करते हुए उन्होंने मीडिया जगत सहित नगर के सभी वर्गों से इस शहर को स्वच्छ, स्वस्थ व सुन्दर बनाने का आह्वान किया। डॉ. पण्डया ने गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा के जन्मशताब्दी कार्यक्रमों की भी चर्चा की और बताया कि आगामी 06 से 10 नवम्बर को हरिद्वार में विचार पुरुष की जन्मशताब्दी का विशाल महाकुम्भ गायत्री तीर्थ शान्तिकुन्ज द्वारा आयोजित किया जाएगा।

इसके लिए हरिद्वार के बड़े क्षेत्र में जन्मशताब्दी नगर बसाया जायेगा। आचार्यश्री को एक प्रतिष्ठित पत्रकार बताते हुए डॉ. पण्डया ने उनके द्वारा लिखित 3,000 हजार से अधिक पुस्तकों तथा आठ भाषाओं में देश-विश्व भर के लगभग 25 लाख पाठकों तक प्रतिमाह पहुँचने वाली मासिक पत्रिका ‘अखण्ड ज्योति’ का भी जिक्र किया।

अगले तीन वर्षों को वैश्विक स्तर पर परिवर्तन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण अवधि बताते हुए डॉ. पण्ड्या ने रचनात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, रामेश्वरम तीर्थ की तरह देवघर, बद्रीनाथ व केदारनाथ आदि तीर्थों की सफाई, तरुपुत्र योजना तथा आगामी गुरुपूर्णिमा पर पूरे देश में एक करोड़ वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। डॉ. पण्ड्या ने सभी रचनात्मक कार्यों का प्रसार आमजन तक करने की अपील पत्रकार बन्धुओं से की।

इलेक्ट्रानिक मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने आस्था चैनल और स्वामी रामदेव के उपलब्धि भरे कार्यक्रमों की भी चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहरी विकास, गन्ना एवं पर्यटन मंत्री मदन कौशिक ने शान्तिकुन्ज द्वारा प्रेस क्लब के सौंदर्यीकरण जैसा जनहितकारी कार्य कराने के लिए शान्तिकुन्ज की सराहना की।

गायत्रीतीर्थ को धर्मनगरी का प्रमुख रचनाधर्मी आश्रम बताते हुए उन्होंने इसे विश्वभर के लागों की श्रद्धा व आस्था का केन्द्र बताया। मंत्री जी ने शिक्षा, योग विज्ञान व अध्यात्म के क्षेत्र में हरिद्वार को अग्रणी भूमिका में लाने के लिए डॉ. पण्ड्या की सराहना की। पर्यटन मंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय योग महोत्सव को परमानेन्ट इवेन्ट बनाने की घोषणा की। हरिद्वार प्रेस क्लब को प्रान्त का सबसे व्यस्थित मीडिया केन्द्र बताते हुए उन्होंने यहां के पत्रकारों के सकारात्मक दृष्टिकोण को सराहा।

इसके पूर्व प्रेस क्लब के अधयक्ष बृजेन्द्र हर्ष ने सभी का स्वागत करते हुए प्रेस क्लब भवन की भूमि व्यवस्था से लेकर उसके निर्माण तथा शान्तिकुन्ज द्वारा हरिद्वार मीडिया को सभी आवश्यकताओं से युक्त सुव्यवस्थित कार्यालय की उपलब्धता तक की यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने इसके लिए शान्तिकुन्ज परिवार के प्रति मीडिया जगत  की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।

शान्तिकुन्ज संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्होंने 1958 से मिले उनके सान्निध्य को भी याद किया। श्री हर्ष ने शान्तिकुन्ज द्वारा जनसेवार्थ दी गई सुविधाओं का सम्पूर्ण उपयोग कर अपने कौशल को जनहित में और अधिक तन्मयता से लगाने का संकल्प हरिद्वार मीडिया की ओर से व्यक्त किया। सभा का संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर जायसवाल ने तीन हजार से अधिक पुस्तकों के लेखक आचार्य श्रीराम शर्मा को ‘युगव्यास’ की पदवी से विभूषित महर्षि अरविन्द से ज्यादा उपलब्धि-भरा महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने डॉ. पण्ड्या को वैज्ञानिक दृष्टि का श्रेष्ठ सन्त बताते हुए वैज्ञानिक अध्यात्मवाद का पुरोधा कहा। इस मौके पर प्रेस क्लब सदस्यों ने डॉ. पण्डया व श्री कौशिक को अंगवस्त्र व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। आभार ज्ञापन प्रेस क्लब के महासचिव संजय रावल ने किया। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठतम पत्रकार एनआर गोयल एवं डॉ. कमल कान्त बुधाकर सहित प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी प्रतिनिधियों के अलावा शान्तिकुन्ज व देसंविवि के कार्यकर्ता एवं विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हरिद्वार से धीरेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट.


AddThis