बैटिंग विकेट पर कैसे पैदा होंगे बॉलर : मनोज प्रभाकर

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न्‍यूज एक्‍सप्रेस: न्‍यूज एक्‍सप्रेस के मंथन में सचिन को बताया महान : पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मनोज प्रभाकर इस बात से चिंतित हैं कि बैटिंग विकेट पर तेज़ बॉलर कैसे पैदा हो सकते हैं। भारतीय विकेट और हमारे गेंदबाज़ों की स्थिति पर न्यूज़ एक्सप्रेस के मंथन कार्यक्रम में चर्चा करते हुए मनोज प्रभाकर ने कहा कि एक गेंदबाज़ को बनाने के लिए कप्तान को साहसी होना चाहिये और उसे हिम्मत दिखानी चाहिये कि वो विकेट पर घास छोड़ सके।

भारत में तेज़ गेंदबाज़ों की कमी पर मनोज प्रभाकर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में बॉलरों को प्रमोट करने की जरूरत है। यहां का क्रिकेट पूरी तरह से बैटिंग ओरिएंटेड है, कप्तान सारे बैट्समैन होते हैं। बैट्समैन पहले अपना इंट्रेस्ट देखता है बाद में टीम या बॉलर का। विकेट भी बैटिंग के हिसाब से तय होती है।

क्रिकेट के नये फार्मेट से मनोज बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं उनका कहना है कि जहां एक्सपोजर है वहां पॉलिटिक्स है और जहां पैसा है वहां करप्शन है। क्रिकेट में एक्सपोजर, ग्लैमर और पॉलिटिक्स मनोजतीनों ही है। उन्होंने कहा कि आज क्रिकेट का बेस खत्म हो रहा है। इसके लिये क्रिकेट का सिस्टम और ग्लैमर दोनों ही ज़िम्मेदार है।

मनोज प्रभाकर को लगता है कि मीडिया को सकारात्मक भूमिका निभाते हुए ग्राउंड पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, बजाए इसके कि वह हर वक्त खिलाड़ियों के लाइफ स्टाइल को टारगेट करता रहे। प्रभाकर ने कहा कि क्रिकेट में बहुत पैसा है लेकिन पैसा तब मिलता है जब परफॉरमेंस दिखे। नाम मिलने के बाद ही क्रिकेट में पैसा मिलता है। अगर परफॉरमेंस अच्छी नहीं होगी तो कोई भी इसमें पैसा नहीं लगाएगा। उन्होंने कहा कि आज हर जगह शॉटकट अपनाया जा रहा है। पैरेंट्स बच्चे को क्रिकेट के उसी इंस्टीच्यूट में डालना चाहते हैं जहां चांस जल्दी मिले।

मनोज का मानना है कि सचिन तेंदुलकर टीम का ऐसा नग है, जिसने आज भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह से संभाल रखा है। वह एक बड़ी ताकत हैं और अगर उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया तो इसके बाद मुझे इसका डाउनफॉल होता नजर आता है। सचिन का बेसिक इतना स्ट्रांग है कि वह उसे लक्ष्य से जरा भी नहीं हिलने देती। आज से 15 साल पहले उसने जो डिसाइ़ड किया था, आज भी अपने उन सिद्घांतों पर कायम है। उनहोंने कहा कि सचिन जैसा संयम मैंने आज तक वर्ल्ड के किसी प्लेयर में नहीं देखा।

मनोज ने भविष्य में देश को अच्छे खिलाड़ी मिलने की राह में बाधाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि क्रिकेटर के पास जब पैसा आ जाता है तो उसका ध्यान बेसिक से हट कर अन्य चीजों में भटकने लगता है और इससे उसका खेल भी प्रभावित होता है। क्रिकेट के टैलेंट सर्च में भी खिलाड़ी के बेसिक टैलेंट पर ध्यान नहीं दे कर आज कुछ और ही तलाशा जाता है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट बोर्ड भी राजनीतिज्ञ और अफसरों के हाथ में है। क्रिकेट की जरूरतों को एक क्रिकेटर ही बेहतर समझ सकता है इसलिए बोर्ड क्रिकेटर के हाथ में होना चाहिए, तभी क्रिकेट में सुधार संभव है। विश्वकप में भारत और पाकिस्तान के मुकाबले के बारे में उन्होंने हंसते हुए कहा कि अब तो ये दो देशों की जंग बन चुकी है। प्रेस विज्ञप्ति


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Comments (1)Add Comment
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written by Dr.Hari Ram Tripathi,Journalist ,LKO, March 28, 2011
hariramtripathi has sent you this email in hindi.

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क्रिकेट के मैदान में राष्ट्रगीत का अपमान==हरीराम त्रिपाठी
जनगण मन अधिनायक --------हमारा राष्ट्रगीत है | इसे गाने के लिए सावधान की मुद्रा मे खड़ा रहना चाहिए | यह केवल 52 सेकंड मे पूरा होता है | क्रिकेट के मैदान मे हर मैच के पहले दोनो टीमो के देशों का राष्ट्रगीत गाया जाता है | भारतीय टीम के कई खिलाड़ी राष्ट्रगीत के समय सही मुद्रा मे नही रहते | पिछ्ले 20 मार्च( रविवार) को चेन्नई मे हुए मैच मे पीयूष चावला ,युसुफ पठन,मुनाफ़ पटेल और विराट कोहली राष्ट्रगीत के समय सावधान मुद्रा मे नही थे | भारत- आस्ट्रेलिया के बीच हुए पिछ्ले मैच में भी इनमे से तीन खिलाड़ी गलत तरीके से खड़े थे | क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन को भी आस्ट्रेलिया मे हुए एक मैच मे राष्ट्रगीत के समय विश्राम की मुद्रा मे देखा गाया था |
पूरा देश क्रिकेट का दीवाना है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नही जाता |
देश के खबरिया चैनल भी इस पर मौन रहते हैं | क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भी इस गलती के लिए ज़िम्मेदार है |
सभी मैचो की रेकार्डिंग देखी जाय तो हर मैच मे यही नज़ारा मिलेगा | आयोजकों तक यह बात नहीं पहुँची तो 30 मार्च को मोहाली में भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौज़ूदगी मे राष्ट्रगीत का अपमान संभव है |
==त्रिवेणी न्यूज़ द्वारा देशहित में ज़ारी=Issued By Triveni News In the National Interest.

If you are unable to read the message on top, read the same message in English -
kriket ke maidan men rashtrgit ka apman==hariram tripathi
jangan man adhinayak --------hamaraa rashtragit hai | ise gane ke liye savdhan ki mudra me khada rahna chahiye | yah keval 52 sekand me pura hota hai | kriket ke maidan me har maich ke pahle dono teemo ke deshon ka rashtrgit gaya jata hai | bhartiy tim ke kai khiladi rashtrgit ke samy sahi mudra me nahi rahte | pichhle 20 march( ravivar) ko chennai

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