''लाइव में वही बोलो जैसा कहा जा रहा है, नहीं तो तुम्‍हारी पत्‍नी को वेश्‍यावृत्ति में फंसा देंगे''

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: आर्यन टीवी के एक खबर के पीछे का सच : पूर्व चैनल हेड समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर : टीआरपी के लिए चैनल किस तरह का खेल करते हैं. कैसे लोगों को मोहरा बनाते हैं यह सामने आया है आर्यन टीवी के एक कारनामे से. आर्यन टीवी के पूर्व चैनल हेड संजय मिश्रा, सर्वेश कुमार सिंह समेत चार लोगों पर भागलपुर के रहने वाले डा. मनीष कुमार ने पटना की कोतवाली थाना में मामला दर्ज कराया है कि इन लोगों ने उनकी पत्‍नी को बंधक बनाकर झूठा समाचार चलवाया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

डा. मनीष के अनुसार - ''मैं अपने निजी काम के चलते पटना के होटल विनायक में 17 दिसम्‍बर 2010 से रूका हुआ था. मेरे साथ मेरी पत्‍नी भी थी. इस बीच मैं महाराजा काम्‍पलेक्‍स गया तो वहां मेरी मुलाकात आर्यन टीवी के रिपोर्टर हीरालाल से हुई. मैं अपना एक एनजीओ खोलना चाहता था, इसी के चलते परेशान था. हीरालाल ने कहा कि मैं आपके एनजीओ का रजिस्‍ट्रेशन करा दूंगा.

31 अक्‍टूबर को हीरालाल ने मुझे फोन करके अपने ऑफिस बुलाया. लगभग 11 बजे हीरालाल ने कहा चलिए मेरे साथ. मैं जैसे ही आर्यन चैनल के ऑफिस के बाहर निकला, रीता देवी नाम की एक महिला ने मुझे चप्‍पलों से मारना शुरू कर दिया. इस सीन को पहले से तैयार आर्यन टीवी के हीरालाल और अन्‍य लोगों ने शूट करना शुरू कर दिया. इसके बाद कैमरा शूट बंद करके आर्यन के अन्‍य स्‍टाफ भी मुझे मारने लगे.

मारते हुए ही मुझे आर्यन के ऑफिस के कैंटीन में ले जाया गया. वहां मुझसे कहा गया कि जैसा कहा जा रहा है वैसा बोलो नहीं तो अभी और मारेंगे. इसके बाद सर्वेश कुमार ने मेरा मोबाइल छीन लिया और जिस होटल में मैं रूका हुआ था उसका पता पूछा. इसके बाद होटल जाकर हीरालाल ने मेरी पत्‍नी सुधारानी से कहा कि जल्‍दी आपके पति की जान खतरे में है. मेरी पत्‍नी जब चैनल के ऑफिस में आई तो उसे मुझसे मिलने नहीं दिया गया.

उसे अलग से एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया गया. मुझे सर्वेश और मनोज कुमार सिंह ने कहा अभी लाइव चलेगा. संजय मिश्रा ने कहा कि लाइव में वैसा ही बोलना जैसा हमलोग बोलेंगे. नहीं तो तुम्‍हारी पत्‍नी को वेश्‍यावृत्ति के केस में फंसा देंगे. लगभग दो बजे के बाद लाइव चला, जिसमें रीता देवी ने कहा कि मेरी बेटी के साथ यौन शोषण किया है पटना के होटल में. लाइव के समय ही पुलिस को बुलाया गया.''

डा. मनीष का कहना है कि अगर मैंने गलती की थी तथा मुझे ग्‍यारह बजे पकड़ा गया तो फिर दो बजे लाइव के समय क्‍यों पुलिस को बुलाया. जिस समय पकड़ा उसी समय क्‍यों नहीं पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया गया. होटल से क्‍यों मेरी पत्‍नी को बिना पुलिस की मौजूदगी में डरा-धमकाकर लाया गया?

डा. मनीष ने बताया कि जब पुलिस थाने में रीता देवी से पूछा गया क्‍या तुम्‍हारी बेटी के साथ यौन शोषण किया है डाक्‍टर ने, तब रीता देवी ने कहा मुझे नहीं पता यौन शोषण क्‍या होता है! आर्यन चैनल वालों ने मुझे कहा था कहने के लिए इसलिए कह दिया. जब कोतवाली पुलिस ने यौन शोषण का मतलब समझाया तो उसने बताया कि डाक्‍टर ने कभी मेरी बेटी को देखा ही नहीं है तो यौन शोषण कैसे करेंगे.

उन्‍होंने कहा कि जब अनीता देवी को लगा कि वह झूठे केस में फंस जाएगी तो उसने कहा कि डाक्‍टर ने मुझसे तीन हजार रुपये ठगे थे. इसके बाद रीता देवी ने अपने एफआईआर तथा 164 के बयान में भी लिखा है कि आर्यन के मनोज कुमार सिंह ने ही 30 दिसम्‍बर की रात दो घंटे तक मुझसे बात की और उसके कहने पर ही मैं ने डाक्‍टर को मारा और यौन शोषण का आरोप लगाया.

डा. मनीष ने बताया कि मैं जमानत मिलने के बाद प्रधानमंत्री, राष्‍ट्रपति, मुख्‍यमंत्री बिहार, महिला आयोग, मानवाधिकार आयो‍ग को आवेदन भेजा है. अभी तक आर्यन वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. लाइव न्‍यूज चलने के बाद मेरी जिंदगी बदतर हो गई है. 20 फरवरी 11 को कोतवाली पटना में काफी दबाव के बाद एफआईआर लिखी गई. जिसमें संजय मिश्रा, सर्वेश कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह और हीरालाल को नामजद किया गया है. केस संख्‍या 64/11 है.

मनीष ने कहा कि अगर मुझे 30 मार्च तक न्‍याय नहीं मिला और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं अपनी पत्‍नी के साथ आत्‍म हत्‍या कर लूंगा. क्‍योंकि जिस तरह से टीआरपी के लिए मेरे और मेरी पत्‍नी की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया, उससे बदतर तो अब मुझे मौत ही लग रही है. लोगों की निगाहें हमेशा घूरती रहती हैं, लगता है जैसे मैं बहुत बड़ा अपराधी हूं. मेरी जीवन नरक हो गया है.

जब इस बारे में इस चैनल के तत्‍कालीन हेड संजय मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि वो सरासर झूठ बोल रहा है. चैनल ने उस दौरान अपने पत्रकारीय दायित्‍व का निर्वहन किया. हम आरोप लगाने वाली महिला के पास नहीं गए थे. वो खुद चल कर चैनल के पास आई थी. उसने खुद मनीष पर आरोप लगाए थे, चैनल ने नहीं.

संजय मिश्रा ने कहा कि जहां तक आरोपों की बात है तो यह खबर रिकार्डेड नहीं चली थी कि कोई काट-छांट या छेड़छाड़ खबर के साथ किया जा सके. तीनों लाइव चल रहे कार्यक्रम में अपनी-अपनी बात कही थी. महिला ने मनीष पर सीधा आरोप लगाया था कि यह नौकरी का झांसा देकर यौन शोषण का प्रयास कर रहा था. कार्यक्रम देखने के बाद ही पुलिस आई थी, और तीनों को पकड़कर ले गई.

उन्‍होंने कहा कि जब हम अपने पत्रकारीय दायित्‍व का निर्वहन करते हैं तो एक पक्ष आहत होता ही है. इसके लिए हम पत्रकारिता करना तो नहीं छोड़ सकते. और एक टीम लीडर होने के नाते अपने रिपोर्टर पर यकीन करना हमारा धर्म है. मेरे लिए रिपोर्टर का फेस वैल्‍यू महत्‍वपूर्ण था. हमने उसकी बातों पर पूरा विश्‍वास किया. सब कुछ ऑन लाइव था. और दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे. लाइव कार्यक्रम में किसी के साथ जबर्दस्‍ती नहीं की जा सकती है.

इस संबंध में जब कथित तौर पर पूरे खेल को रचने वाले रिपोर्टर हीरालाल से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि डा. मनीष मुजफ्फरपुर की रहने वाली रीता देवी से नौकरी के नाम पर पैसे ठगे थे. वे मनोज की परिचित थीं. हमलोगों ने दोनों को पैसे दिलाने के लिए बुलाया था पर रीता देवी उसे चप्‍पल से मारने लगीं तो हमने इसे रिकार्ड कर लिया और खबर बना लिया.

हीलालाल ने बताया कि इसके बाद हमलोगों ने तीनों को पुलिस को सौंप दिया. पुलिस तीनों का पकड़ कर ले गई. इसके बाद क्‍या हुआ हमलोगों को नहीं पता. पर बाद में पता चला कि रीता देवी भी उनलोगों से मिल गई. हीरा ने माना कि इन लोगों से उनलोगों के खिलाफ कुछ मामला दर्ज कराया है, पर मामला क्‍या है इसकी जानकारी उन्‍हें नहीं है.

इस संदर्भ में जब पटना कोतवाली में इस केस की जांच करने वाले आईओ किशोरी सिंह से बात की गई तो उन्‍होंने बताया कि हां डा. मनीष ने मामला दर्ज कराया है. मारपीट, छेड़खानी और दुर्व्‍यवहार का मामला दर्ज किया गया है. जब उनसे कार्रवाई के संदर्भ में बात कही गई तो उन्‍होंने कहा कि अभी पेट्रोलिंग में हूं ऑफिस में होता तो बता देता क्‍या कार्रवाई हुई है.

उल्‍लेखनीय है कि आर्यन से चैनल हेड संजय मिश्रा तथा स्‍टेट हेड सर्वेश कुमार सिंह जा चुके हैं.


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