स्ट्रिंगर प्रजाति से मुक्‍त होगा सीएनईबी

E-mail Print PDF

सीएनईबी न्‍यूज चैनल अब अपने ढांचे को बदलने जा रहा है. चैनल से अब स्ट्रिंगर नाम की प्रजाति को समाप्‍त किया जा रहा है. चैनल एक नए स्‍ट्रेटजी के साथ सभी जगह अपनी पहुंच बनाने की कोशिश में लगा हुआ है. तमाम चैनलों के स्ट्रिंगरों की लगातर कई प्रकार की शिकायतों को देखते हुए सीएनईबी प्रबंधन ये कदम उठाने जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि इसकी शुरुआत फिलहाल यूपी और उत्‍तराखंड से की जाएगी.

बताया जा रहा है कि सीएनईबी प्रबंधन ने यूपी और उत्‍तराखंड में नियुक्‍त अपने सभी स्ट्रिंगरों को कुछ समय पूर्व हटा दिया है. यानी उनको सेवा देने से रोक दिया गया है. सूत्रों का कहना है ऐसा इसलिए किया गया है क्‍योंकि एक स्ट्रिंगर कई चैनलों को अपनी फीड और खबरें भेजते हैं. जिसके चलते कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरियां और खबरें भी दूसरे चैनलों पर पहले चल जाती हैं या सेम फीड दोनों के पास होती हैं. इससे दर्शक असमंजस में पड़ जाता है.

सीएनईबी के लोग खबर को सबसे पहले तथा सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाने की कवायद में लगे हुए हैं. इसी क्रम में अब वो स्ट्रिंगरों की सेवा को समाप्‍त करने जा रहा है. अब स्ट्रिंगर नाम का जीव चैनल से जुड़ा हुआ नजर नहीं आएगा. इसकी जगह चैनल अपना रिपोर्टर रखेगा या फिर रिटेनर रखेगा जो पूरी तरह चैनल के लिए उत्‍तरदायी और जिम्‍मेदार होगा.

माना जा रहा है कि सीएनईबी प्रबंधन सिर्फ खबरों के लिए ही नहीं बल्कि स्ट्रिंगरों की लगातार तमाम तरह की मिलने वाली शिकायतों के मद्देनजर भी यह कदम उठाने जा रहा है. हालांकि प्रबंधन की ओर से यह कहा गया है कि इसकी शुरुआत हो चुकी है और यूपी के सारे स्ट्रिंगर हटा दिए गए हैं, परन्‍तु कथित तौर पर सीएनईबी के लिए काम करने वाले चंदौली जिले के स्ट्रिंगर का कहना है कि वो अभी भी सीएनईबी से जुड़ा हुआ है तथा आज ही उसकी खबर चली है.


AddThis
Comments (24)Add Comment
...
written by pankaj, April 24, 2011
शायद सचाई ये नहीं है .. अगर सूत्रों की मने तो स्ट्रिंगर को उनकी मेहनत का पैसा नहीं दिया गया लगभग २ साल से उतर प्रदेश व उत्‍तराखंड के किसी भी स्ट्रिंगर को उनकी खबर का पैसा नहीं दिया गया है ... शायद सीएनईबी न्‍यूज चैनल अपनी इस हरकत को छिपाना चाहता है इसी लिए सीएनईबी ग्रुप ने इस तरह से अपने आप को चर्चो में आने से बचाने की कोशिस की है
...
written by Hari jdfjhk, April 15, 2011
स्ट्रिंगर प्रजाति अगर चैनल में ना हो तो चैनल चलाने में लाले गल जायेगे श्रीमान जी।जिस किसी ने भी इस वाक्तत्य को लिखा हैं, वह बेसक मानसिक रुप से दीवालिया होकर लिखा हैं।हर एक की कुछ न कुछ भूमिका रहती हैं। कृपया प्रजाति लिखनेवाला खुद को जरा देखे कि वह क्या चंद्रमा से आया है।
...
written by kunvar pratap singh, April 06, 2011
.... अनुरंजन झा जी की नजर तो कई चीजों पर है। स्ट्रींगर की सैलरी तो कुछ भी नहीं... अभी देखते रहिए आगे आगे होता है क्या...ये आदमी सबकुछ खत्म करके दम लेगा..... इससे पहले कोस्ट कटिंग के नाम पर कई लोगों को इन्होने चैनल से चलता किया... और उनकी जगह औने पौने दाम पर गोबर टाइप के लोगों को भर लिए.... जो केबिन में बैठकर योग भोग और मालामाल हो रहे हैं... एक सज्जन हैं जिनको बुढ़ापे में भी अपनी खूबसूरती की पड़ी है... जी न्यूज से निकाले गये थे लेकिन अब भी खुद को तुर्रम खान समझने की गलतफहमी पाल रखे हैं। खैर..... झा जी ने चैनल में कुछ अच्छे काम भी किए मसलन कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई.... क्यों अच्छा काम है न.....लेकिन ये क्या सैलरी बढ़ते ही कटौती की बरछी भी कर्मचारियों के सीने पर चला दी गई.... एलटीए के नाम से ....चैनल में एक एलटीए नाम का फंड कट रहा है... जो बिना ब्याज के कर्मचारियों को साल भर के बाद मिलेगा... चैनल के कर्मचारी इसी आस में बैठे हैं कि पैसा इकट्ठा हो रहा है लेकिन झा भइया कब लेके भाग जाएंगे लोगों को पता भी नहीं चलेगा। अभी एक नया काम उन्होने चैनल में शुरू किया है.... कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह काटी जा रही है.. किस लिए ये तो झा जी को ही पता है........ये पैसा क्या वाकई उस काम के लिए काटा जा रहा है... जो कर्मचारियों को कहा गया है... या फिर इसे भी लेके फुर्रर्रर्र होने का इरादा है... वैसे गाड़ी तो आ ही गई है... अब घर की बारी है ... अब बिहार से कोई थैला तो भरकर लाए नहीं थे... कम समय में कमाई करना है तो ये सब तरीका अपनाना ही पड़ेगा... क्यो झा भइया कह दी न आपके मन की बात.... लगे रहिए...... फिर मौका नही मिलेगा... वैसे चाहें तो आप इस कमेंट का जवाब दे सकते हैं .....
...
written by अभिजीत सिन्हा , April 06, 2011
यशवंत भाई........
मै इस चैनल की रग-रग से वाकिफ हूँ........शायद जितने भी स्ट्रिन्गेर हैं..वो मुझे अच्छी तरह जानते होंगे....मैंने यहाँ तीन साल काम किया है ...सी एन ई बी पर अभी stringer के कई लाख रूपये बकाया है...उनकी पीड़ा को शायद अनुरंजन झा नहीं समझते हैं....अभी भी मेरे सारे stringer दुखी होकर मुझ से अपनी पीड़ा बताते हैं......माफ़ कीजियेगा अनुरंजन सर जो सच्च है वो मै कहता जरुर हूँ.....मै भी इस चैनल में काम कर चूका हूँ.......assignment पर रहा हूँ.......सभी stringer ये जानते हैं की जबतक राहुल देव और पंकज शुक्ला थे तब तक उनको समय समय पर भुगतान किया जाता रहा......लेकिन पता नहीं आप कैसे पत्रकार हैं जो सर अपने बारे में ही सोचते हैं.......शर्म करना चाहिए आपको की आप ...............इस लाइन को पूरा तो करना चाह रहा था पर सोचा शायद आपको समझ में आ जाये.............यशवंत जी मुझे लगता है की अनुरंजन जी stringer के बिल पर भी नज़र गाड़े हुए हैं.........शर्म करो यार....
...
written by Abhinay kumar, April 05, 2011
Sir Me CNEB Ko UTTARAKHAND Se News ki Seva Dena Chahta hu..................! PLz...........

Contact : Abhinay Kumar
Mob No : +91 9719357995, +91 8923654533
...
written by ,,,,singh suraj singh,,,,, April 04, 2011
नई सोच जरुर है लेकिन चलेगी नहीं, अब बात करते है स्ट्रिंगरों की चेनल के अंदर ऐसे कितने दलाल बैठे है जो स्ट्रिंगर से चोरी छुपे अपने काम करवाते है इस का उदहारण देखना है तो दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले मे देख लो , क्या क्या गुल खिलवा रहे है अंदर बैठे रहनुमा, ये तो एक example है और जाने क्या क्या होता है तुम्हारी रह गुजर मे, जिस हालत को ले कर चेनल को आंसू बहाने पड़ रहे है वो खुद CNEB की देन है , यहाँ टेलेंट चाटुकारों की तवायफ की तरह है, अब पता चला है हुक्मरानों को की कैसे भीद पिटी है , यहाँ के हालत ये है की कोई भी आया आई डी ली दस हजार का कैमरा खरीद कर बन गया JOURNALIST , शर्म करो अपनी इस हालात पर मीडिया को बर्बाद करने वालों खोल कर बैठ गए घटिया सा चेनल और मात्र 500 रुपयों मे चाहिए इन को EXCLUSIVE स्टोरी ,,,,,,,,,,,,,,,,, शर्म करो मीडिया के दलालों शर्म करो..................................
...
written by RAVI RANJAN, April 02, 2011
देखिये, साफ़ बात है, जहाँ जहाँ अनुरंजन झा जैसे लोग जायेंगे वहां तो बेडा गर्क तो होना ही है, जो लोगों के पेट में लात मरने में सबसे आगे रहते हैं, और रही बात स्टिंगर की तो, बिना उनके चैनल चलाना अब कठिन है, फिर स्ताफ्फर हो या फिर रिटेनर सभी एक थाली को चाटते हैं....बची खुची खबर भी नहीं आ पायेगी समय पर...और इतनी सुबिधा दे नहीं सकते ये लोग, सीढ़ी बात जल्द ही टला लग जायेगा सी एन ई बी में अगर यही हालत रहे तो.....
...
written by कुंवर प्रताप, April 01, 2011
य़शवंत अगर कॉमेंट छापना है तो पूरा छापिेए.... नहीं तो ये लिखकर प्रकाशित कर दीजिए की कुंवर प्रताप का कमेंट मुझे नहीं छापना है। क्या आपसे में जान सकता हूं कि किस आधार पर आपने हमारे कमेंट्स में एडिट किया। क्या भाषा गलत थी या फिर हमने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिससे किसी व्यक्ति संस्थान या आपके पोर्टल की मर्यादा को ठेस पहुंचा। कमेंट में तो औरों से द्वारा ऐसे शब्द कहे या लिखे जाते हैं जो बेहद भद्दा और अमर्यादित होतें हैं और उन्हे भड़ास प्रकाशित भी करता है। पर हमारे कमेंट क्यों नहीं पूरी तरह प्रकाशित होते... हमने वही लिखा जो सच है... और सामने वाले को पूरा मौका है अपनी बात रखने का....लेकिन आप जिस तरह से तोर मरोड़ कर कमेंट पेश कर रहे हैं इससे यही लगता हैकि मिली भगत है..हमें क्या है कहीं और लिख लेंगे आज कल कुकुरमुत्ते की तरह बहुतेरे भड़ासी पैदा हो गये हैं.....आपकी विश्वसनीयता ही शर्मसार हो रही है।
कुंवर प्रताप
...
written by surendra akode , April 01, 2011
cneb ...wale ...jara stringer se jara bach rahana ..jald hi sab court jayenge
...
written by surendra akode , April 01, 2011
अब पैसा तो स्ट्रींगरों को देना नहीं है.... तो बहाना दिया जा रहा है 9766577254
...
written by kunvar pratap singh , March 31, 2011
ये तो होना ही था.....

अब पैसा तो स्ट्रींगरों को देना नहीं है.... तो बहाना दिया जा रहा है कि एक ही स्ट्रींगर कई चैनलों को फीड देते हैं.. इसलिए एक्सक्लूसिव खबर न दिए जाने की वजह से उनको निकाला जा रहा है या यूं कहें उनसे पिंड छुड़ाया जा रहा है।
...
written by media_sushil, March 30, 2011
stringer ki dasha kya hoti hai use channel wale kaise chuste hai ye to amir khan ki film pipli live dekhkar saf pata chal jata hai.ye channel wale stringers ko achut kyo samjte hai,kya wo patrakar nahi.delhi me bethne walo pura electronic media stringaro k dum par chal raha hai.delhi walo inhe bhi samman do,time se pemant do phir dekho inki kabiliyat.cneb ka funda sirf aur sirf channel se jude stringaro ka paisa hadpne ka hai.
...
written by deepak. gorakhpur, March 29, 2011
साहब, कथनी और करनी में बडा अंतर होता है....... किसी चैनल के स्ट्रिंगर को जब चैनल वाले पैसे नही देंगे और उसे आश्‍वासन की घुट्टी पिलाकर गधे की तरह काम लिया जायेगा तो उसकी भी मजबूरी हो जाती है कि एक साथ दो या अधिक चैनलों को फीड भेजे....... दिल्‍ली का पत्रकारिता से ही कोई चैनल नही चलता, किसी दूरदराज जिले में तपती दोपहरी के समय या फिर बरसात में खबर कवर करके उसे फीड करने वाले स्ट्रिंगरों पर क्‍या गुजरती है जब उनको गाडी के तेल या मोबाइल का खर्चा तक नही मिल पाता और उनकी खबर पर आपके संवाददाता लोग स्‍टूडियो में बैठ कर अपने नाम से खबर चलवाकर तीर मारने का दावा करते हैं....... आपकी पहल तो सराहनीय है पर अगर स्‍ट्रिंगर को भी चैनल समय से पैसा देना शुरू कर दे तो यह स्‍ट्रिंगर ही बडे बडे तुर्रम खान जैसे रिपोर्टरों की भी ........ मार सकते हैं...
...
written by jyoti kumari, March 29, 2011
to kya ab bhi stringero ko paise ki parjati se banchit rahna padega.ab naye hathkande dhund liye hai
...
written by r k, March 28, 2011
kolkata ka kaya hoga ji
...
written by manoj, March 28, 2011
kya garenti ki Reporter apni news kisi aur channel ko nahi bechega.... aksar field me sabhi channel ke reporter news ka transfer ek dusre se lete aur dete rahte hai....
...
written by ashish gupta, March 28, 2011
swagat yogy kadam .... bahut bahut badhai ab kam se kam mehanat ka paisa to milega smilies/smiley.gif
...
written by kumar MJ, March 28, 2011
dus din pahle hi UP Ke bhadohi (carpet city) jile me CNEB ne stringer niyukt kiya hai.jiski ID city channel ke id ke saath dikhti hai khabar chahe chote se dharne ka bhi ho chote se accident ka. ab upar wala hi jane ki kya hoga aage.
...
written by veer chauhan, March 28, 2011
वैसे आईडिया अच्छा है लेकिन फ्लॉप हो जाएगा, क्योंकि आज जिस तरीके से मीडिया का चेहरा बदला है उसमें एक्सक्लूसिव नाम की कोई चीज़ नहीं है. फिर भी कोशिश करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन गांरटी चैनल के रिटेनर या स्टाफ रिपोर्टर की नहीं ली जा सकती क्योंकि फील्ड में एक दूसरे का सहयोग किये बगैर काम नहीं किया जा सकता, वॉयस ऑफ़ इंडिया ने एक्सक्लूसिव के चक्कर में चिप वाले कैमरे खरीदे थे लेकिन फिर भी दिल्ली में पार्टियों के दफ्तर में सिमौजूद कैमरा मैन और रिपोर्टर कई बार ट्रांसफर लेते देते दिखाई देते थे फिर कोशिश करने में क्या हर्ज़ है
...
written by bhimmanohar, March 28, 2011
mai cneb e sewa dena chahta hun plz kuch batayen.....
b.manohar
09359139815
...
written by surendra kumar, March 28, 2011
cneb ke sabhi stringers ke 10 hajar se lekar 80 hajar tak ka bill baaki hai.. phone karne par koi response nahi milta.. ab reporter rakhe ya retainer ya phir bhagwan ko hi rakh lein.. kaagjee ranniti aur bhadasi bhasanbaaji se channel nahi chalta..
...
written by jyoti kumar, March 28, 2011
To kya Stringero ke Bakaya Paisa se bhi sabhi stringero ko mukat kijiyega ye kuch din aur news lene ka naya drama hi parbandhan ne suru kiya hoga.stringer jara bach ke CNEB se .
...
written by vikrant sharma , March 28, 2011
कही ऐसा तो नहीं स्ट्रिंगर अब इन चोरो को अपनी खबर फ्री देने से मना कर दिए हो, साले चोर की औलाद दलाल प्रबंधक और चोर बनिए का चैनल पहले स्टिगारो का सालो साल का हिसाब साफ़ कर दो फिर दुनिया की नौटंकी चो....ना | साले कितने रिपोर्टर और रिटेनर राजा हरिश्चंद की औलाद हैं सबको मालूम है दोबारा ऐसी बाकचो..दी की ना तो ......डाल के....... फाड़ दी जायगी ............सी एन ई बी के डौगी ...
...
written by vinod mahajan, March 28, 2011
laikin mai kaihna chahunga ki kya garunty hai ki ritainor ya ripoter ye sab nahi karaingai jabki dusrai chainals kai ripoter ya ritainor yai sab kar rahai hai to stingars bhi galat nahi hai yai adat bhi chainal ki siniors nai dali visual lakar do kahi se bhi kaisai bhi

Write comment

busy