''हमार टीवी ने नहीं जमा कराया सैकड़ों कर्मचारियों के पीएफ का पैसा''

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: प्रबंधन पर पूर्व कर्मचारियों का धन हड़पने का आरोप : हमार टीवी प्रबंधन ने हमार टीवी और फोकस टीवी के ज्‍यादातर कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया है. सिर्फ सन 2008 में कुछ म‍हीने पैसा जमा करने बाद अगले सालों में एक भी पैसा जमा नहीं कराया गया है. 2009 में ज्‍वाइन करने वाले कर्मचारियों के पैसे तो काटे गए लेकिन उसे जमा नहीं किया गया. ये कहना है हमार टीवी के साथ काम कर चुके किशन कुमार का.

किशन कुमार ने बताया कि वे पीएफ ऑफिस गए थे. वहां अव्‍वल तो जानकारी देने में ही हीलाहवाली की गई. ऐसा लग रहा था कि हमार टीवी प्रबंधन ने काफी पैसा खिला दिया है. उन्‍होंने बताया कि किसी प्रकार जानकारी मिली तो वो चौंकाने वाली थी. वहां मालूम चला कि हमार टीवी प्रबंधन ने हमार टीवी और फोकस टीवी के कर्मचारियों का मात्र 2008 दिसम्‍बर तक का ही पैसा जमा कराया है.

किशन कुमार ने बताया कि उसके बाद किसी कर्मचारी का पैसा पीएफ खाते में जमा नहीं कराया गया है. जो कर्मचारी 2009 में ज्‍वाइन किए उनका तो एक पैसा भी पीएफ खाते में जमा नहीं कराया गया है. प्रबंधन कर्मचारियों के साथ छल करते हुए पूरा पैसा खा गया है. उन्‍होंने बताया कि शिकायत के बाद पीएफ कार्यालय प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहा है. उन्‍होंने कहा कि पीएफ का पैसा नहीं मिलने के चलते हमें काफी आर्थिक दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है.

इसके पूर्व विजय पांडेय ने भी हमार टीवी प्रबंधन पर अपना पीएफ डकार जाने का आरोप लगाया था. उन्‍होंने कहा था कि प्रबंधन उनके समेत सैकड़ों कर्मचारियों का पीएफ का पैसा नहीं जमा किया है. विजय पांडेय ने यह भी कहा था कि जानकारी लेने पर भी प्रबंधन न सिर्फ हीलाहवाली करता रहा बल्कि फार्म पर सिग्‍नेचर करने से भी इनकार कर दिया था. जिसकी मांग पीएफ विभाग द्वारा बार-बार की जाती है.

पीएफ कार्यालय का चक्‍कर लगा आए कुबेरनाथ सिंह ने भी कहा कि हमलोगों द्वारा चैनल छोड़ने के बाद आज तक पीएफ का कोई अता पता नहीं है. प्रबंधन हमलोगों से जबरदस्‍ती करके इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया था. चैनल के वरिष्‍ठों ने तो हमलोगों से बदतमीजी भी की थी. हमलोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखाने का प्रयास भी किया गया था. परन्‍तु सारी सच्‍चाई सामने आने के बाद पोल खुल गई थी.

कुबेरनाथ ने बताया कि अब हमलोग पत्रकार कर्मचारी संगठन की तरफ से इस संदर्भ में लड़ाई लड़ने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं ताकि हमार टीवी हमलोगों के मेहनत का पैसा न खाने पाए. उन्‍होंने कहा कि यह कंपनी पूरी तरह जबरदस्‍ती और फ्राड करने पर उतारू है परन्‍तु हमलोग जल्‍द ही कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. पिछलें दिनों लोगों के व्‍यक्तिगत दिक्‍कतों की चलते इसे अंजाम नहीं दिया जा सका था. अब सब लोग तैयार हैं.

अपने पीएफ के लिए पीएफ ऑफिस का कई बार चक्‍कर लगा चुके भूपेंद्र सिंह ने भी कहा कि हमलोगों से दोगुना पैसा काटने के बाद भी मैनेजमेंट ने पीएफ एकाउंट में पैसा नहीं डाला. हमार छोड़ने वाले सैकड़ों कर्मचारियों का लाखों रुपए प्रबंधन दबा कर बैठा है. ऐसा लग रहा है कि मैनेजमेंट को इसी तरह पैसा दबाकर बैठने की आदत है. उन्‍होंने भी बताया कि हमने एक संगठन बनाया है, जिसके माध्‍यम से शीघ्र कोर्ट जाने का विकल्‍प खुला हुआ है.


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Comments (16)Add Comment
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written by Nisha, April 28, 2011
PF ka paisa nikalwane mai mai bhi sabke sath hu. zarurat padai tao mai bhi aa jaungi. kaam se kaam hamari mehnat ka paisa tao mile humko. always available for support
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written by dharmvir Singh, April 20, 2011
aap log agar hamare saath aana chahate hai to contact karain.... patna... ranchi...banaras.....([email protected])
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written by m k tripathi, April 17, 2011
kuber dada hume b apna no mail kar dijiye aur bhupendra dada aap b hume b to case karna hai aapka chota bhai M K T aur ha pf oficce se hume b yahi responce mila hai aap log face book se mujhe no bhej dijiye ga thank u
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written by kanchan, April 07, 2011
ye channel hi chor logo ka hian......... aur choro se imandaari ki ummid karna bewkoofi hain.....
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written by j b singh, April 07, 2011
अरे किशन भाई ये हमार टीवी वाले पी फ का पैसा ही नहीं बल्कि इ अस आई का पैसा भी खा कर बैठे है.
वर्स २००८ में नियुक्त हुए सभी कर्मचारियों के इ अस आई का पैसा हर माह काटते रहे . इतना ही नहीं पी फ और इ अस आई के नाम पर जो पैसा हर महीने काटे रहे वो भी नियमानुसार होने वाली कटौती से काफी अधिक था.
कर्मचारियों की कई बार कहने पर भी न तो पी फ का कोई प्रोसेस हुआ और न ही इ अस आई का कार्ड ही बना. तब से लेकरमई २०१० तक जब तक मै हमार टीवी में कम किया तब तक पैसे की नियमित कटौती की जाती रही और कन्विंस के नाम पर मिलने वाला पैसा भी कई माह तक नहीं दिया गया.
किशन जी एक मुकदमा कीजिये .. आपके पीछे हमार टीवी से पीडितो की लाइन लग जाएगी. मात्र वाराणसी से ही एक दर्ज़न से आधिक पीड़ित है.
j b singh हमार टीवी वाराणसी
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written by vijay pandey, April 05, 2011
hamara desh kitna ajib hai na .......poora desh cricket ke jasn me road per aa jata hai lekin apne haq ke liye ...............................?
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written by Aditya singh, April 04, 2011
Koi khas fark padney wala hai nahin uss moti chamdi ko

IT ki raid padni chahiye wahan to Ek bhi employee ki salary account me nahin balki hath me cash batti hai.

Waise bhi nichey ka staff bhi ab charitrvan hota ja raha hai Matang ki hi rah chal pada hai unka IT department wo bhi unhi ka khas karan thappa
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written by GURU GHATAAL, April 01, 2011
Maine to PF katwaya hi nahi is liye.....bahut danda kar raha tha anupam saala.....aap log FIR kar dijiye
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written by Dharmvir Singh, April 01, 2011
भैया कौन सा संगठन बनाया है आप कृप्या बताए हम सभी भी हमार टीवी के पिड़ित है हमे भी पीएफ का रुपया नही मिला है केस करना है हम किस नंबर पर संर्पक करें।
mera no. 08102086734
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written by rakesh singh , March 31, 2011
अपना संगठन का नाम बताईए .... वेतन में भी घोटाला हो रहा है । आज तक किसी का अकाउंट सेटलमेंट तो हुआ ही नहीं । ऐसा लग रहा है जैसे चैनल नहीं दुकान खुल गया है । आधा नकद आधा उधार ।
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written by nagmani pandey, March 31, 2011
is me naya kya hai... sabhi channal or papar me reportro ka pf jama nhi kiya jata
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written by gurjodh, March 31, 2011
bhai chor to MHone wala bhi hai............... department tak patrkaro ki shikayte pahunchwane ka kasht karen.....
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written by XYZ, March 31, 2011
इसमें एक नाम मेरा भी शामिल कर लिजिए...जो उच्च पद पर बैठे थे उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनकी मोटी तंख्वाह होती है और वो इसे छोड़कर कहीं और भी मोटी तंख्वाह पर ही काम कर रहे हैं..लेकिन जो मध्यम पद या उससे नीचे इस ऑफिस में काम करते थे उनके लिए एक एक पैसा मायने रखता है..हमे भी उस संगठन का नाम,पता औऱ फोन नंबर बता दीजिए हम भी साथ होने के लिए तैयार हैं..अगर हम आज चुप रह जाएंगे तो ना जाने कितने और लोग इनके फ्रॉड का शिकार होते जाएंगे..
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written by Ashok Singh, March 30, 2011
अरे किशन भाई ये हमार टीवी वाले पी फ का पैसा ही नहीं बल्कि इ अस आई का पैसा भी खा कर बैठे है.
वर्स २००८ में नियुक्त हुए सभी कर्मचारियों के इ अस आई का पैसा हर माह काटते रहे . इतना ही नहीं पी फ और इ अस आई के नाम पर जो पैसा हर महीने काटे रहे वो भी नियमानुसार होने वाली कटौती से काफी अधिक था.
कर्मचारियों की कई बार कहने पर भी न तो पी फ का कोई प्रोसेस हुआ और न ही इ अस आई का कार्ड ही बना. तब से लेकरमई २०१० तक जब तक मै हमार टीवी में कम किया तब तक पैसे की नियमित कटौती की जाती रही और कन्विंस के नाम पर मिलने वाला पैसा भी कई माह तक नहीं दिया गया.
किशन जी एक मुकदमा कीजिये .. आपके पीछे हमार टीवी से पीडितो की लाइन लग जाएगी. मात्र वाराणसी से ही एक दर्ज़न से आधिक पीड़ित है.
अशोक सिंह , पूर्व सीनीयर रिपोर्टर ,हमार टीवी वाराणसी
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written by रवि, March 30, 2011
भैया कौन सा संगठन बनाया है आपने कृप्या बताए हम सभी भी हमार टीवी के पिड़ित है हमे भी पीएफ का रुपया नही मिला है केस करना है हम किस नंबर पर संर्पक करें।
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written by D.K. singh, March 30, 2011
matng chor hai ........ saza milegi matng gabrao mat ..

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