''स्ट्रिंगर बनवाने के लिए वसूले दो लाख''

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: सहारा के पूर्व स्ट्रिंगर जरीन सिद्दीकी का आरोप :  टीवी चैनलों में जिलों के लिए स्ट्रिंगर, रिपोर्टर और ब्‍यूरोचीफ बनाने के नाम पर तरह-तरह के खेल होने, पैसा लेने-देने की बात उठती रहती है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है रायपुर से. रायपुर में सहारा न्‍यूज के लिए काम करने वाले जरीन सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि इंडिया न्‍यूज में उनके एक परिचित को स्ट्रिंगर बनवाने के लिए मुकुंद शाही और फारुख नवाजे ने दो लाख रुपये वसूले और काम भी नहीं कराया. अब पैसा भी वापस नहीं कर रहे हैं.

जरीन सिद्दीकी ने बताया कि वो सन 2008 में  सहारा समय के लिए रायपुर में काम करते थे. इलेक्‍ट्रानिक मीडिया में होने के चलते तमाम पत्रकारों से परिचय था. इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के लोग खबरों के आदान-प्रदान के चलते एक दूसरे पर विश्‍वास भी करते थे. ऐसे में इंडिया टीवी के लिए काम करने वाले फारुख नवाजे ने मुझसे एक दिन कहा कि इंडिया न्‍यूज में रायपुर ब्‍यूरो खाली है, अगर कोई परिचित हो तो बोलो लगवा दूंगा. इसके लिए दो लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे.

जरीन ने बताया कि मैंने अपने एक परिचित चिंतामणि को यह बात बताई तो वह इसके लिए तैयार हो गया. इसके बाद फारुख के सहयोग से हमलोग इंडिया न्‍यूज के दिल्‍ली ऑफिस में मुकुंद शाही से मिले. बातचीत के बाद उन्‍होंने आश्‍वासन दिया कि वो चिंतामणि को रायपुर का ब्‍यूरो दिलवा देंगे. इंडिया न्‍यूज के ऑफिस के भीतर बात होने पर हमलोगों को भी विश्‍वास हो गया कि काम हो जाएगा.

जरीन ने बताया कि इसके बाद मैंने चिंतामणि से दो लाख रुपये फारुख नवाजे को दिलवा दिया. इसके बाद काफी दिनों तक चिंतामणि का कोई काम नहीं हुआ. बार-बार हमलोगों को टाला जाने लगा. इस दौरान हम कई बार दिल्‍ली आए, उसमें भी काफी पैसा खर्च हो गया. फिर भी चिंतामणि को रायपु ब्‍यूरो की जिम्‍मेदारी नहीं मिल पाई. जिसके बाद चिंतामणि मेरे ऊपर पैसा वापस कराने का दबाव बनाने लगा. मैं दोनों तरफ से चक्‍कर में फंस गया.

जरीन ने बताया कि किसी तरह यहां वहां से कर्ज लेकर मैंने चिंतामणि के पैसे वापस किए. पर बीच में पड़ने के चलते मेरा पैसा फंस गया. इसमें मेरा कोई फायदा नहीं था परन्‍तु पैसा दिलाने के लिए बीच में पड़कर मैंने बड़ा गुनाह कर दिया. बैठे-बैठाए लाखों का चपत लग गया. अब मैं मुकुंद शाही और फारुख नवाजे से पैसा वापस पाने के लिए चक्‍कर लगाने लगा. इस बीच मेरे ऊपर ही पैसे लेने का आरोप लगाकर इसकी शिकायत सहारा प्रबंधन से कर दी गई.‍‍ जिसके बाद चैनल ने मुझे निकाल दिया. मेरे सामने पैसों की दिक्‍कत हो गई. बार बार मैं पैसे वापस करने के लिए गिड़गिड़ाता लेकिन दोनों कोई ना कोई बहाना बनाकर टाल देते.

जरीन ने बताया कि लगातार दबाव बनाने के बाद फारुख नवाजे ने मुझे 44 हजार रुपये वापस कर दिए. इसके बाद बोल दिया कि बाकी पैसा मुकुंद शाही के पास है. मैं मुकुंद शाही के पास पैसे के लिए दौड़ने लगा. इस बीच मुकुंद शाही ने मुझे बीस हजार रुपये वापस किया. फोन पर जब भी बात करता तो फोन नहीं उठाते या मीटिंग का बहाना कर देते थे. एक बार मैं अपने बीबी बच्‍चों के साथ दिल्‍ली गया. मेरे पास पैसे नहीं थे. मैं जब रोया-गिड़गिड़ाया तो मुझे चार हजार रुपए दिए.

जरीन ने बताया कि चार हजार देने के बाद मुकुंद ने मुझे तमाम तरह से हड़काया और कहा कि मैं क्राइम रिपोर्टर हूं अगर आगे से परेशान किया तो एक बार में बोरिया-बिस्‍तर बंधवा दूंगा. आगे से कभी आना होगा तो बता के आना नहीं तो ठीक नहीं होगा. मैं पारिवारिक दिक्‍कतों के चलते पहले ही परेशान हूं तुम और परेशान कर रहे हो. इस बीच उन्‍होंने अपना संस्‍थान बदलकर पी7 में चले गए. अब मेरी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. परेशान होकर मैंने मुख्‍यमंत्री को भी पत्र लिखा था.

इस संदर्भ में जब इंडिया टीवी के फारुख नवाजे से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि इस मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है. इसमें सारी गड़बड़ी जरीन की ही है. ना तो मैंने किसी को पैसा दिलवाया है और ना ही इसमें मेरा कोई रोल है. किसी के कह देने से मैं दोषी थोड़ी ही हो जाऊंगा. आरोप तो कोई किसी पर लगा सकता है, मैं आप पर भी आरोप लगा सकता हूं. जरीन सरासर झूठ बोल रहा है. पैसे का गोलमाल खुद उसने ही किया है.

जब इस संदर्भ में मुकुंद शाही का पक्ष जानने के लिए बात की गई तो उन्‍होंने कहा ऐसी कोई बात नहीं है. अगर कोई मुझे पैसा दिया है तो उसके पास प्रूफ तो होना चाहिए ना. कोई साबित करके देखे. कह देने से थोड़े ही मैंने किसी का पैसा ले लिया है. कोई ऐसे पैसा नहीं देता है, अगर वो प्रूफ लाकर दे दे तो मैं मानने के लिए तैयार हूं. आरोप तो कोई किसी पर लगा सकता है, लेकिन सच्‍चाई के लिए सबूत की आवश्‍यकता होती है.


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Comments (23)Add Comment
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written by i cant say , July 14, 2011
ye admi jo keh raha hai! such hai mukund sahi aisa hi hai! usne kafi logon se paise liye hai !
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written by Aditya singh, April 06, 2011
zareen siddiqui na to aap itni badi shakshiyat hain jinka naam itni baar liya jaye aur na hi aapne koi bahut bada karnama saranjam diya hai jise duniya yaad rakhey.
Aap log stringer banney key itne ikshuk hote hi kyun hain. Paisey ke bl pr reporter bananey ka dm bhartey hain kabliyat se bn ke dikhaiye.
Paisey leney wala jitna bada gunehgar hai usse kahin bada gunehgar paisa dene wala ha
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written by Arun Srivastava, April 04, 2011
मै कोई चैनेल का पदाधिकारी नहीं और न ही कोई तो हूँ हाँ भाई मै भी आप की तरह ही स्ट्रींगर ही हूँ. मेरे पास ज्यादा दिन का तो नहीं पर कुछ ही दिन का अनुभव जरुर है मुकुंद शाही जी के साथ काम करने का मै ने बिहार इलेक्शन में मुकुंद भाई के साथ काम किया है और उन अनभवों को बताना चाह रहा हूँ मुकुंद जी में एक अच्छे पत्रकार के सारे गुण है हाँ यह जरूर है की वह किसी गलत बात को बरदाश्त नहीं करते और रफ एंड टफ है
मुकुंद जी को अगर सिगरेट खरीद के कोई ला कर देता है तो वह गारी में बैठते ही उसका पैसा वापस कर देते है. रही बात उगाही की तो यह सारा सर गलत है.मुकुंद सही के घर पर जा कर देखो साले झूठे वह उसका उपज दूसरा फ्री में खता है.
अगर तुम में क़ाबलियत है तो गाड मड़ाने के लिए पैसा देने गए थे साले सर्म करो किसी पर तोहमत लगाने के पहले अपने जमीर से पूछो .झूठा रोआं कलपवगे तो बाल बच्चों पर कदेगा.
अगर एक .... के हो तो जाव मुकुंद के पास और बोलो क्या कस्ट है.साले लिखने नहीं आता है और स्ट्रींगर बनोगे पैसा दे कर.
मुजफ्फरपुर बिहार से बे वाक् बात यशवंत भाई निष्पक्ष रूप से मेरे कथन को जरूर और लाइन करे.आप का भाई.arun
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written by Arun Srivastava, April 04, 2011
मै कोई चैनेल का पदाधिकारी नहीं और न ही कोई तो हूँ हाँ भाई मै भी आप की तरह ही स्ट्रींगर ही हूँ. मेरे पास ज्यादा दिन का तो नहीं पर कुछ ही दिन का अनुभव जरुर है मुकुंद शाही जी के साथ काम करने का मै ने बिहार इलेक्शन में मुकुंद भाई के साथ काम किया है और उन अनभवों को बताना चाह रहा हूँ मुकुंद जी में एक अच्छे पत्रकार के सारे गुण है हाँ यह जरूर है की वह किसी गलत बात को बरदाश्त नहीं करते और रफ एंड टफ है
मुकुंद जी को अगर सिगरेट खरीद के कोई ला कर देता है तो वह गारी में बैठते ही उसका पैसा वापस कर देते है. रही बात उगाही की तो यह सारा सर गलत है.मुकुंद सही के घर पर जा कर देखो साले झूठे वह उसका उपज दूसरा फ्री में खता है.
अगर तुम में क़ाबलियत है तो गाड मड़ाने के लिए पैसा देने गए थे साले सर्म करो किसी पर तोहमत लगाने के पहले अपने जमीर से पूछो .झूठा रोआं कलपवगे तो बाल बच्चों पर कदेगा.
अगर एक .... के हो तो जाव मुकुंद के पास और बोलो क्या कस्ट है.साले लिखने नहीं आता है और स्ट्रींगर बनोगे पैसा दे कर.
प्रकाश श्रीवास्तव
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written by Arun Kumar, April 03, 2011
bhai abhi avamulyan ka daur hai. samaj ke sabhi chhetron me. media me bhi - print aur electronic donon me. paison ki adla badli sahit aur bhi bahut kuch ho raha hai. magar yeh sab iktarfa nahin hai.is paap me bhagi kai log hain kyonki taali dono hathon se bajti hai. baki log charcha ke siwa kar bhi kya sakte ? ajib styhiti hai.
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written by Arun Kumar, April 03, 2011
isme nai koi baat nahi hai. media jagat me abhi jis tarah ka avamulyan ka daur chal raha hai usme itni kahaniyan janam le rahi hain jinko kahin darj tak nahin kiya ja sakta hai. hamlog apni ankhon ke samne dekh rahe hain - magar is liye nahin bol sakte ki agla admi bhi apne interest ke liye usme shamil hai, gawahi kaun dega. dekhiye aur ghutte rahiye. yehi alam hai - print aur electronic dono me. monetary aur monetary ke itar bhi bahut kuch chal raha hai magar kuch kar nahin sakta.
arun kumar
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written by Arvind jha, April 03, 2011
Darsal ye maamla aaj ka nahi hai, mukund sahi ki shaadi hotey hi unhey is baat ki chinta sataney lagi ki ab aagey ka jeevan kaisey chalega. In sahab ne man bana liya ki jaisey taisey aur kaisey bhi logon ko topi pehnakar paisey lena shuru kar do. aur jab murga phas jaata aur paisey de deta to phir ye sahab unka phone uthana band kar detey aur hamarey bihar main aek bada pyara shabd hai, BABU. yahi shabd keh kar logon se kehtey ki babu abhi ho nahi paya, pls kal ph karo. aur aisey kartey kartey na jaaney kitno ne to apney paison ki umeed hi chod di.
Darsal ye sindicate anuranjan jha aur mukund sahi ka joint syndicate tha jismey dono milkar media main strugle kar rahey logon ka paisa martey they. Mukund sahi shikar kartey aur anuranjan jha saath main khatey. India tv main dono ne badhiya pari kheli. Koi bhi strugler ya acchey ghar ka ladka ya ladki dikh jaatey to bas paisey nikalwaney ki scheme de detey. Mere aek dost se bhi inhoney 1 lakh rs liye they lekin wo media kay majboot logon main honey karan insay saara paisa wasool liya. wo inka baap tha inhey pata nahi tha. khair sab log milkar iskay office main, ghar main dabaav banaiye. ye chor hain aur choron ko police main deney se pehley maarna chahiye. dono chacha bhatijey bihar ka baat kartey hain lekin bihariyon ko sabsey jyada shoshan kartey hain.
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written by harsh, April 02, 2011
आदरणीय श्री मुंकुद शाही जी आप के नाम स्ट्रिगर शिप दिलाने के नाम पर रुपये लेने के कई कीर्तिमान रिकार्ड है। उतने तो शायद सचिन तेंदुलकर के नाम भी रिकार्ड ना हो।आप ने तो सै 15 में जिस माकन पर कब्जा किया था। वो भी स्ट्रिगरों के दम पर किया। कोर्ट में केस हाराने के बाद भी मकान मालिक से लाखों रुपये ले कर मकान खाली किया था। उसके बाद इदिरा नगर में जाकर मकान लिया। उसको बनवाने कि लिए बकायाद स्ट्रिगरों ने अपनी जेंब के मुताबिक रकम दी। किसी ने सीमेंट तो किसी ने रेंत और ईट का इंतजाम किया।और शान दिखाने के लिए कार जो ली वो भी फाईनेंस करवाई नोएड़ा को ही एक स्ट्रिगर ने जिसकी किस्त आधी ही जमा की गई।इसलिए कार नोएड़ा के अलावा कहीं और नहीं जा सकती।आदरणीय मुंकुद शाही ही काले कारनामे की फरिस्त यही खत्म नहीं होती उस पर मैं किताब तक लिख सकता हूं।क्राईम ब्रांच का एसीपी राजवीर मारा गया। नहीं तो आज मेरे जैसे पीड़ित लोगों को उससे निजात मिल गई होती। राजवीर का नाम पढ़ने के बाद मुंकुद को पता चल गया होगा। कि मैं किस बात का जिक्र कर रहा हू।भड़ास से मेरा विन्रम निवेदन है। कि मेरे इस आर्टिकल को छाप कर मेंरे दर्द पर मलहम लगाने की कृपा करे।मुंकुद जी अगर आप में थोड़ी सी शर्म बाकी है। तो चुल्लू भर पानी में डूब जाओ।या फिर कहों तो तुम को गधें पर काला मुंह करके धुमाया जाये। आप का सेवक..................
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written by Sunil, April 02, 2011
jfsjjsvjkd
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written by Sunil, April 02, 2011
ये मीडिया पर कंलक है इनकों जूते मारने चाहिए ............
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written by rohit singh, April 02, 2011
agar paisa le liya to achha kiya, patrkarita ko randi samajh rakha hai jo paise ke dam par patrkar banne chale the
aise logo ka yahi hasr hona chahiye , lekin paise lene wale ko bhi biradari nikal bahar karna chahiye
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written by Sonu Singh South delhi , April 01, 2011
राधेश्याम रसिया.....जी सबसे पहले आपको नमस्कार ....

आदरणीय मुकुंद शाही जी के बारे में जो लाईने अपने लिखी है वो वाकई सत प्रतिशत सही है ये कहकर आप अपने विश्वाश को धोखा दे रहे है ..... ( पिछले दस साल के अनुभव के आधार पर मैं इतना तो कह ही सकता हूं कि जो आदमी दूसरे के पैसे का चाय सिगरेट पीने में भी परहेज करता हों.. भला वो किसी को भी चूना कैसे लगा सकता है।) ...शायद आप मुकुद शाही की P 7 न्यूज़ में शनिवार को दिल्ली NCR के स्ट्रिंगर की होने वाली साप्ताहिक मीटिंग को भूल गए ! जिसमे मीटिंग के बहाने हर शनिवार को स्ट्रिंगर को ज़बरदस्ती ऑफिस बुलाया जाता था और मीटिंग के बाद स्ट्रिंगर द्वारा मुकंद शाही को शराब पिलाई जाती थी ! इतना ही नहीं मुकुंद शाही की ऑल्टो कार की किस्त भी स्ट्रिंगर द्वारा ही भरी जाती थी और रही बात मुकुंद शाही के .....स्वाभिमा।नी ईमानदार और दबंगई की तो ये बिलकुल ठीक बात है मुकुंद शाही सच में दबंग है ! दिल्ली के जिस स्ट्रिंगर ने भी मुकुंद शाही को शराब की पार्टी नहीं दी या कार की किस्त भरने से मना किया उस स्ट्रिंगर को किसी न किसी बहाने P 7 न्यूज़ से मुकुंद शाही के फरमान के बाद निकाल दिया गया ! अकेले साउथ दिल्ली में 2 साल के भीतर P 7 न्यूज़ ने मुकुंद शाही की दुआ से 5 स्ट्रिंगर को बदल दिया ! इन स्ट्रिंगर को इसलिए निकाल दिया गया क्यूंकि ये मुकुंद शाही की सेवा नहीं कर सके ! ये सभी स्ट्रिंगर पढ़े लिखे थे लेकिन अब P 7 न्यूज़ में मुकुंद शाही ने ऐसे लोगों को स्ट्रिंगर बना दिया है जो आठवी तक पास नहीं है ...जिन्हें हिंदी टायपिंग तक नहीं आती.....लेकिन मुकंद शाही की दुआ से दिल्ली के अलग अलग इलाके में काम कर रहे है ! मुकुंद शाही किस तरह का इंसान है ये P 7 न्यूज़ के दिल्ली NCR स्ट्रिंगर से पूछिए ! मै खुद भी भुगतभोगी हूँ !मुझे भी मुकुंद शाही ने कार की किस्त न देने की वजह से चैनल से निकाल दिया ! जरीन भाई आप के पास जो भी रेकॉर्डिंग है भड़ास 4 मीडिया को जरुर दीजिये ताकि सब लोगों को मुकुंद शाही की सच्चाई का पता लग सके ! हिम्मत रखिये मुकुंद शाही के सताये इंडिया न्यूज़ और P 7 न्यूज़ के कई स्ट्रिंगर है जो वक़्त आने पर आपको कई सबूत देंगे ! आप आगे आइये हम सब आपके साथ है ...यदि इसी तरह से हम लोग मुकुंद शाही जैसे लोगों को सहते रहे तो ये लोग न जाने कितने और स्ट्रिंगर के पेट पर लात मारेंगे !
मेरा P 7 न्यूज़ के प्रबंधन से भी अनुरोध है की आखिर आप लोग इतना सब कुछ होने के बाद भी मुकुंद शाही के खिलाफ कोई करवाई क्यूँ नहीं है कर रहे है ! P 7 न्यूज़ के सीनियर से मेरा अनुरोध है की एक बार दिल्ली से निकाले गए अपने पुराने स्ट्रिंगर को ऑफिस बुलाकर उनसे मिल ले ....वो खुद आपको सबूत दे देंगे और सच्चाई सामने आजायेगी
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written by Sonu Singh South delhi , April 01, 2011
राधेश्याम रसिया.....जी सबसे पहले आपको नमस्कार ....

आदरणीय मुकुंद शाही जी के बारे में जो लाईने अपने लिखी है वो वाकई सत प्रतिशत सही है ये कहकर आप अपने विश्वाश को धोखा दे रहे है ..... ( पिछले दस साल के अनुभव के आधार पर मैं इतना तो कह ही सकता हूं कि जो आदमी दूसरे के पैसे का चाय सिगरेट पीने में भी परहेज करता हों.. भला वो किसी को भी चूना कैसे लगा सकता है।) ...शायद आप मुकुद शाही की P 7 न्यूज़ में शनिवार को दिल्ली NCR के स्ट्रिंगर की होने वाली साप्ताहिक मीटिंग को भूल गए ! जिसमे मीटिंग के बहाने हर शनिवार को स्ट्रिंगर को ज़बरदस्ती ऑफिस बुलाया जाता था और मीटिंग के बाद स्ट्रिंगर द्वारा मुकंद शाही को शराब पिलाई जाती थी ! इतना ही नहीं मुकुंद शाही की ऑल्टो कार की किस्त भी स्ट्रिंगर द्वारा ही भरी जाती थी और रही बात मुकुंद शाही के .....स्वाभिमा।नी ईमानदार और दबंगई की तो ये बिलकुल ठीक बात है मुकुंद शाही सच में दबंग है ! दिल्ली के जिस स्ट्रिंगर ने भी मुकुंद शाही को शराब की पार्टी नहीं दी या कार की किस्त भरने से मना किया उस स्ट्रिंगर को किसी न किसी बहाने P 7 न्यूज़ से मुकुंद शाही के फरमान के बाद निकाल दिया गया ! अकेले साउथ दिल्ली में 2 साल के भीतर P 7 न्यूज़ ने मुकुंद शाही की दुआ से 5 स्ट्रिंगर को बदल दिया ! इन स्ट्रिंगर को इसलिए निकाल दिया गया क्यूंकि ये मुकुंद शाही की सेवा नहीं कर सके ! ये सभी स्ट्रिंगर पढ़े लिखे थे लेकिन अब P 7 न्यूज़ में मुकुंद शाही ने ऐसे लोगों को स्ट्रिंगर बना दिया है जो आठवी तक पास नहीं है ...जिन्हें हिंदी टायपिंग तक नहीं आती.....लेकिन मुकंद शाही की दुआ से दिल्ली के अलग अलग इलाके में काम कर रहे है ! मुकुंद शाही किस तरह का इंसान है ये P 7 न्यूज़ के दिल्ली NCR स्ट्रिंगर से पूछिए ! मै खुद भी भुगतभोगी हूँ !मुझे भी मुकुंद शाही ने कार की किस्त न देने की वजह से चैनल से निकाल दिया ! जरीन भाई आप के पास जो भी रेकॉर्डिंग है भड़ास 4 मीडिया को जरुर दीजिये ताकि सब लोगों को मुकुंद शाही की सच्चाई का पता लग सके ! हिम्मत रखिये मुकुंद शाही के सताये इंडिया न्यूज़ और P 7 न्यूज़ के कई स्ट्रिंगर है जो वक़्त आने पर आपको कई सबूत देंगे ! आप आगे आइये हम सब आपके साथ है ...यदि इसी तरह से हम लोग मुकुंद शाही जैसे लोगों को सहते रहे तो ये लोग न जाने कितने और स्ट्रिंगर के पेट पर लात मारेंगे !
मेरा P 7 न्यूज़ के प्रबंधन से भी अनुरोध है की आखिर आप लोग इतना सब कुछ होने के बाद भी मुकुंद शाही के खिलाफ कोई करवाई क्यूँ नहीं है कर रहे है ! P 7 न्यूज़ के सीनियर से मेरा अनुरोध है की एक बार दिल्ली से निकाले गए अपने पुराने स्ट्रिंगर को ऑफिस बुलाकर उनसे मिल ले ....वो खुद आपको सबूत दे देंगे और सच्चाई सामने आजायेगी
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written by zareen siddiqui, April 01, 2011
एक शिरिमान ने लिख है शयद मई वोही हूँ जिसे चार साल पहले ऍम. ऍम. एस कांड में था तो मई तुम्हारी जानकारी के लिए बता दू दिल्ही से लेकर देश के हर हिसू में काम कर चुक हूँ लेकिन कभी भी इस तरह का कोई कार्य नहीं किया आपने शयद शब्द का इस्तेमाल भी किया है जिससे पता चलता है की आप खुद कटने कन्फ्य्जे है
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written by Aditya singh, April 01, 2011
Zarin Siddiqui Shayad aap wahi hain jinhey Mumbai police ne 4 saal pehley MMS kand me pakad kar tabiyat se dhoya tha. Khud ke girebaan me bhi jhankie.............................
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written by ,,,,singh suraj singh,,,,, April 01, 2011
............जूतों से स्वागत करो मीडिया मे बैठे दलालों का .......................

ओधों पर बैठे ऐसे शाहियों को जूते मारने चाहिए , मीडिया को कलंकित कर रहे है कुछ ऐसे लोग,,,,,,,,,,,,,, डूब कर मर जाना चाहिए ऐसे लोगो को अब चेनल को अपना स्टैंड लेना चाहिए की जब ये लोग अपने पीछे ये गुल खिला कर आए है तो आगे चैनल को शिवाए बदनामी के कुछ नहीं दे सकते, मीडिया का सब से मुश्किल दोर यहीं है ground लेवल पर मीडिया की इसलिए भीद पीटने लगी है की कुछ इस तरह के लोग नोच रहे है डेमोक्रेसी के चोथे पिल्लर को | zareen siddiqui ने जो अपनी बात कही वो मे निचे डाल रहा हूँ................................
written by zareen siddiqui, March 31, 2011

श्रीमान मुकुंद साही अभी तक मुझसे चिंतामणि से फारूक से जितनी भी बात हुई है | क्या मैउनकी रिकार्डिंग दू चलो भड़ास की ऑफिस में जब बोलोगे तब मै आता हु और यही बात फारूक से भी कह रहा हूँ साथ ही तुमने जो बीस हजार का चेक दिया था उसका भी बैंक statmsnt है कब आरहे हो ... ज़रीन सिद्दीकी |
ज़रीन सिद्दीकी जी आप के साथ जो भी हुआ वो गलत है और मे इस की कड़े शब्दों मे आलोचना करता हूँ , लेकिन अब इस लड़ाई को आप को लड़ना होगा जो आप रिकार्डिंग और बीस हजार के चेक की बात कर रहे है वो सामने ले कर आए Bhadash 4 media के जरिये जो लोग आप से सबूत मांग रहे है उन को आप देते क्यूँ नहीं? आप अपने घर बैठे चेक को स्केन कर भेज सकते है और रिकार्डिंग को मेल मे attach कर भेज दे, अब एक बात आप भी समज लो की अगर आप पीछे हटते है तो इस मे आप की जायदा बदनामी होगी बशर्ते जिन लोगो को आप कटघरे मे खड़ा कर रहे हो, आप ने जो आवाज उठाई है मीडिया मे फैली इस गंदगी के खिलाफ उस की गूंज सुनाई देनी चाहिए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
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written by manu, April 01, 2011
yasi galtiya to aksar aam logo se hoti rahti hai. lekin logo ko sachai se awgat karane wala media karmi is tarah ki galtiya karte hai to ek tarph vo khud corpution ko khatm karne ki baat karte hai aur dusri taraph vo khud isko badhwa de rahe hai. yase me logo ka media se viswash khatam ho jayega.
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written by pushpendra mishra, April 01, 2011
pasa le kar kam dena koi nai parikalpna nahi hai . sarkari tantra me to ye lambe samay se chalta aa raha hai lekin ab yah malaidar niji sansthano ki me bhi khub ho raha hai . ye kabar bhi hamare pas tab aa rahi hai jab pasa dene ke bad kam nahi hua. yadi kam ho gaya hota to bat to samundar ke kokh me dab gai hoti ......................
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written by harsh, March 31, 2011
Bhai sahab mukund shahi aur uska chela jayant chaddha is samay P7 mein bhi kuch aisa karne mein lage hain ...Dono guru chela milkar kahin P7 ko sharabkhana na bana de...inki is harkat se har koi Noida ofc mein wakif hain. Dono dalal hain....aur purane bewade.Bus ab P7 mein aise hi logo ko bharti kiya ja raha hain.
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written by vivek , March 31, 2011
This is true...Mukund Shahi is truely such person. He is the friend of Prakash Singh( of Live India fame....who was booked for that) and very dirty man. He once abused a girl from NDTV in such indecent way that people were ashamed of his behavior. He is a criminal.
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written by राधेश्याम रसिया, छपरा, March 31, 2011
आदरणीय मुकुंद शाही जी की ईमानदारी पर मुझे शत प्रतिशत यकीन है। हालांकि मैं ये भी नहीं कह रहा कि शिकायतकर्ता के आरोप गलत होगें.. लेकिन पैसा मुकुंद जी ने नहीं खाया होगा। पिछले दस साल के अनुभव के आधार पर मैं इतना तो कह ही सकता हूं कि जो आदमी दूसरे के पैसे का चाय सिगरेट पीने में भी परहेज करता हों.. भला वो किसी ।को भी चूना कैसे लगा सकता है। मुझे लगता है कि स्वाभिमा।नी ईमानदार और दबंग मुकुंद जी को बदनाम करने के लिए उनके विरोधियों ने कुछ साजिश की है। मुकुंद जी हम आपके साथ हैं। और आपका कहना सही है कि आरोप तो कोई भी लगा सकता है लेकिन सबूत हो तो दिखाए।
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written by zareen siddiqui, March 31, 2011
श्रीमान मुकुंद साही अभी तक मुझसे चिंतामणि से फारूक से जितनी भी बात हुई है | क्या मैउनकी रिकार्डिंग दू चलो भड़ास की ऑफिस में जब बोलोगे तब मै आता हु और यही बात फारूक से भी कह रहा हूँ साथ ही तुमने जो बीस हजार का चेक दिया था उसका भी बैंक statmsnt है कब आरहे हो ... ज़रीन सिद्दीकी
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written by girish kesharwani, March 31, 2011
mukund ji aur farukh ji ki baton se mai puri tarah se sahmat hun. bagair kagji karyvahi ke koi kisi ko do lakh rupye kaise de sakta hai. vo bhi ele.media ke stringar ke liye. agar sahi dhang se padtal kiya jaye to sthiti saf ho sakta hai. aarop lagana aasan hai use sabit karna utna hi mushkil hai. jarin ke pas koi sabut ho to use samne laye. lacchedar shabdon me likh dene se kisi ko aaropi man lena galat hai.

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