कई पत्रकारों की इच्छा- ये खबर भड़ास पर जरूर छापें

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आमतौर पर हम लोग जिलों की इंटरनल मीडिया पालिटिक्स से बचते हैं. वजह यह कि हर जिले में कुछ महा भ्रष्ट पत्रकार होते हैं, कुछ भ्रष्ट पत्रकार होते हैं, कुछ कम भ्रष्ट पत्रकार होते हैं, कुछ अवसरवादी पत्रकार होते हैं, कुछेक संतुलित भ्रष्ट व संतुलित ईमानदार पत्रकार होते हैं, कुछ एक बेहद ईमानदार होते हैं और कई सारे मौका देखकर बेईमान और ईमानदार बनते-बदलते रहते हैं. इसी कारण हर जिले में पत्रकारों में आपस में टांग-खिंचव्वल होती रहती है.

जिसने ज्यादा माल पीट लिया, उसके खिलाफ कम माल पीट पाने वाले इकट्ठे हो जाते हैं और ज्यादा माल पीटने वाले को बदनाम करने या उसे उसके मीडिया संस्थान से निकलवाने के लिए फर्जी मेलों के जरिए यहां वहां शिकायतें खबरें भेजा करते हैं. कई बार ये शिकायतें फर्जी व मनगढ़ंत भी होती हैं तो कई दफे नमक-मिर्च लगाकर छोटे सी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर भेजा जाता है. हां, कई एक बार खबरें बिलकुल सच भी होती हैं. आमतौर पर भड़ास के पास सूचना भेजने वाले इसकी अपेक्षा नहीं करते कि खबर छपी या नहीं छपी. क्योंकि सूचना भेजने वाले मीडिया के ही साथी होते हैं और वे जानते हैं कि छापना या न छापना संपादक का विवेकाधिकार होता है. और मैं तो अक्सर कहता हूं कि भइये, खुद का एक ब्लाग बना लो, फ्री में बनता है, और जमकर भड़ास निकालो, किसी के भी खिलाफ, सिर्फ भड़ास से ही ये उम्मीद क्यों रखते हो कि आपने जो कुछ भेज दिया वह हूबहू छप जाए. तो, जिलों की इनटरनल मीडिया पालिटिक्स से संबंधित आने वाले सूचनाओं को जांच पाना और सही गलत का पता कर पाना बड़ा मुश्किल होता है और सबसे बड़ी बात की इन खबरों का दायरा सिर्फ एक जिले तक सीमित होता है. अब बात मुद्दे की करते हैं.

बाराबंकी के करीब आधा दर्जन जर्नलिस्टों ने एक खबर भड़ास पर प्रकाशित कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है. हद तो ये कि इसमें से दो ने खुद मुझे फोन कर धमकाया कि अगर ये खबर न छापी तो अंजाम बुरा होगा. सोचिए आप. भड़ास पर क्या छपे और क्या न छपे, इसका निर्णय भी मुझे करने का हक नहीं रह गया है.  कुछ लोग चाहते हैं कि वे जो भी आंय बांय सांय लिखकर भेज दें उसे हूबहू उसी तरह छाप दिया जाए और भेजने वाले की पहचान को भी उजागर न किया जाए. जब इन लोगों से मैंने कहा कि वे अपने नाम पहचान व परिचय के साथ सामने आकर दूसरे पर आरोप लगाएं तो वे लोग मुकर गए. दो लोगों की धमकियों के बाद भी भड़ास पर खबर छपवाने के लिए मेल भेजने और फोन करने का सिलसिला कम नहीं हुआ. हां, ये जरूर हुआ कि अब फोन उसने किया जो खबर में पीड़ित पक्ष है. उससे मैंने उसकी तस्वीर और परिचय आदि भेजने को कहा तो उसने भेज भी दिया. फिर मैंने तय किया है कि अब इस खबर को छाप देता हूं, लेकिन उन सभी लोगों के नाम सामने लाकर, जिन जिन लोगों ने खबर मेल कर छापने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है और धमकाने जैसी आपराधिक कृत्य तक पहुंच गए थे.

इन महानुभावों के नाम हैं- डीके सिंह (आईबीएन7 के स्ट्रिंगर, बाराबंकी... इन्हीं महोदय ने सबसे पहले धमकाया कि खबर न छापने का अंजाम बुरा होगा... मजेदार यह कि ये सज्जन एक बार दिल्ली आकर मुझसे मिले भी हैं और तब आशीर्वाद बनाए रखने की अपील भी की थी.. लेकिन आशीर्वाद लेते लेते ये अचानक धमकाने लगे... वाह रे आदमी... इनके चूतियापे के एसएमएस मिलने का क्रम जब दूसरे दिन भी जारी रहा तो इन्हें फोन पर ही दौड़ाया और इनके एकाध बासेज से शिकायत की.. तब जाकर इनकी अकल ठिकाने आई), विशान सिंह (लाइव इंडिया के स्ट्रिंगर, बाराबंकी... इन महोदय ने फोन कर कहा कि अगर ये खबर नहीं छाप सकते तो भड़ास बंद कर दो... लेकिन जब बाद में इन्हें फोन पर ही मैंने दौड़ाया तो इन्होंने एक लंबा एसएमएस भेजकर माफी मांगी...), राजकुमार सिंह एक पत्रकार हैं बाराबंकी के, उन्होंने भी फोन किया और बताया कि उन्होंने खबर को अपनी मेल आईडी से भड़ास के पास भेज दी है, जरूर छाप दें. भूपेंद्र मिश्रा हैं राष्ट्रीय सहारा बाराबंकी के, इन्होंने भी फोन किया और बताया कि वे ही खबर में एक पीड़ित पात्र हैं. कहे जाने पर इन्होंने अपनी तस्वीर और मोबाइल नंबर भी भेज दिया. एक-दो अन्य पत्रकारों ने भी मेल व फोन किए खबर छापने के लिए पर उनका नाम मुझे याद नहीं रहा.

अब बात ये कि इस खबर को क्यों नहीं छाप रहा था और अब क्यों छापने जा रहा. खबर में किसी एक पत्रकार पर जमकर आरोप लगाया गया है. आरोप काफी गंभीर व संगीन हैं. जिसके खिलाफ खबर है उसका मोबाइल नंबर भी नहीं भेजा गया है ताकि उसका वर्जन लिया जा सके. और, खबर भेजने वाले अपनी पहचान गुप्त रखकर खबर छपवाना चाहते हैं... तीसरे जिले जिले में ऐसी राजनीति है और रोजाना दो चार खबरें भिन्न भिन्न जिलों से इसी तरह की आती हैं कि फलां बड़ा चोर है, तो फलां बड़ा भ्रष्ट है. ऐसे जनरलाइज किस्म के आरोपों को छापा नहीं जा सकता और तब तो बिलकुल नहीं जब आरोप लगाने वाले अपने नाम पहचान के साथ सामने न आना चाहते हों. इसी कारण इस खबर को छापने से बचता रहा. दूसरे, ऐसी खबरें छप भी सकती हैं बशर्ते मामला किसी दिग्गज किस्म के पत्रकार का हो. जिलास्तरीय मीडिया राजनीति के खेल में पड़ने से हम लोग बेचने की कोशिश करते हैं.

और अब इसलिए छाप रहा हूं क्योंकि इस खबर को न छापना भी एक खबर बन चुकी है. बाराबंकी के आईबीएन7 के स्ट्रिंगर डीके सिंह ने दो दिन लगातार एसएमएस भेजकर धमकाया, और यह भी आरोप लगाया कि जिनके खिलाफ खबर है, उनसे मैं मिल चुका हूं. लाइव इंडिया वाले स्ट्रिंगर ने कहा कि अगर ये खबर नहीं छाप सकते तो भड़ास बंद कर दो. इन दोनों के फोन व एसएमएस रात दस बजे के आसपास आए थे. संभव है कि उस वक्त ये लोग दारू पिए हों और उसी रौ में फोन व एसएमएस कर रहे हों. मुझे लगता है कि हर किसी से धधा कर मिल लेने और बतिया लेने की जो मेरी आदत है उसके कारण कई नीच मानसिकता के लोगों को लगता है कि यशवंत तो चिरकुट व चूतिया है, उसे जब चाहे व जहां चाहे दौड़ा लो. अब इन्हें मैं क्या बताऊं कि मुझे एलीट बनकर रहना कतई पसंद नहीं और सहज जीवन जीना कोई मजबूरी नहीं बल्कि स्वभाव का हिस्सा है.

जिस खबर को छपवाने के लिए इतने दबाव व धमकियां आई हों, तो उस खबर की पूरी कहानी बयान करके अब मूल खबर छाप ही देना चाहिए. लीजिए पढ़िए वो खबर, मैं चाहूंगा कि ईटीवी के जिस दीपक के खिलाफ ये पूरी खबर है, वे अपना पक्ष विस्तार से जरूर भेजें और उनसे एडवांस में माफी चाहता हूं उनका पक्ष लिए बिना खबर प्रकाशित करने के लिए. यह खबर इतनी बार भड़ास के पास भेजी गई कि बाद में मैं खबर वाली मेल को आर्काइव करने की जगह डिलीट करने लगा था. सो कई मेल आईडीज न मिल पाई हैं. जो दो मेल आईडीज उपलब्ध हैं, जिनके जरिए ये खबर भड़ास के पास भेजी गई, वो This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it और This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it है. खबर के एक पात्र भूपेंद्र मिश्रा की तस्वीर भी आई है जिस पर उनका नाम व मोबाइल नंबर अंकित है, उसे भी प्रकाशित कर रहा हूं. बाकी इस खबर व इस घटनाक्रम के बारे में फैसला सुधी पाठकगण करें. संभव है ये खबर सही हो पर क्या न्याय पाने के लिए धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन, एफआईआर आदि का सहारा लेने की जगह भड़ास का ही सहारा लेने की इतनी जिद क्यों? ये भी संभव है कि लोग भड़ास को प्रभु मान बैठे हों और मैं अब भी इसे चिरकुट पोर्टल मान रहा होऊं. कुछ तो है. कोई तो पेंच है. मैं भी आत्मविश्लेषण करूंगा. फिलहाल सारा कुछ बताकर लिखकर खुद को अब हलका पा रहा हूं.

यशवंत

एडिटर

भड़ास4मीडिया


एक असंपादित मेल...

(एक गरीब और कम पहुच वाले पत्रकार का दर्द ) आदरनीय यशवंत जी पूरी बात पढ़ जरूर लीगियेगा... इन दिनों कई पत्रकार पत्रकारिता की आड़ में करोड़ों के वारे - न्यारे  करने में लगे हैं. ताज़ा मामला बाराबंकी जिले के ईटीवी रिपोर्टर का है. बाराबंकी के पुलिस कप्तान की मदद से पत्रकारों की जमीन भी हड़पने की कोशिशें  जारी है. ऐसी रिपोर्ट है की  राष्ट्रीय सहारा के बाराबंकी  के  पत्रकार भूपेंद्र मिश्र और बाराबंकी के ईटीवी के पत्रकार दीपक मिश्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी बेशकीमती जमीन का रजिस्टर्ड अग्रीमेंट करवाया था. लेकिन समय के साथ दीपक मिश्र की नीयत ख़राब हो गयी यह कहने पर कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति खुद सामने आऐ और अपना परिचय व तस्वीर भेजे तो ये तस्वीर संभवतः परसों भड़ास के पास आईऔर उसने पूरी जमीन अपने भाई के नाम से नियम कानून की धज्जिय उड़ाते हुए लिखवा ली. इस जमीन की कीमत कई करोड़ में बताई जाती है. और इस ज़मीन से विवाद भी जुड़े हुए है. ईटीवी के पत्रकार ने जमीन की चारदीवारी कराई तो सम्बंधित पक्ष मौके पर  पहुंचा लेकिन  बाराबंकी के पुलिस कप्तान ने जेल में बंद कर हाथ पैर तोड़ने की धमकी दी और भगा दिया. रही बात भूपेंद्र मिश्र की तो दो लाख से अधिक खर्च कर एग्रीमेंट कर जमीन पाने का सपना टूटने से बेहद आहत हैं. पुलिस कप्तान की दलाली करने वाले ईटीवी के पत्रकार दीपक से वे भयभीत हैं. उन्हें भी खामोश रहने की धमकी दी जा रही है. इस बात का लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी और ईटीवी के अधिकारयो को  प्रार्थना पत्र भेजा है. लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. हद तो ये है की दीपक मिश्र पर इस से पहले भी धोखाधड़ी और हेराफेरी के मुक़दमे लंबित हैं. कुछ समय पूर्व ही जिलाधिकारी के बंगले से सटी ए एम किदवई  के  करोड़ों की जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास इसी दीपक मिश्र ने किया था .ए एम किदवई पहुँच  वाले व्यक्ति हैं नहीं तो उनकी जमीन भी इस शख्स के  हत्थे चढ़ गयी होती .  इसी मामले में ई टी वी के इस बदनाम पत्रकार ने किसी सत्यप्रेमी नगर के अमरेश शुक्ल के पते से नोटिस जारी  जिस के बाद अमरेश शुक्ल ने जिलाधिकारी से शिकायत भी की थी . ए एम किदवई ने भी चार सौ बीस का मामला दर्ज करने हेतू प्रार्थना पत्र दिया है| जिलाधिकारी ने इस मामले की जाँच के आदेश दे दिए हैं| आदरणीय यशवंत मैं भूपेंद्र मिश्र सहारा में नगर सम्वाद सूत्र हूँ सुबह चार बजे से अखबार बाँटने के अतिरिक्त रात गयेः बजे तक पत्रकारिता करता हूँ तम कहीं जा कर अपने परिवार का भरण पोषण कर पा रहा हूँ महोदय एक एक पैसा जोड़ कर मैंने दीपक मिश्र ईटीवी रिपोर्टर बाराबंकी के साथ जमीन का अग्रीमेंट कर लिया और सोचा की इस जमीन से बाल बच्चो  के लिए कुछ ईंतजाम कर लूँगा | लेकिन उसे भी  दीपक मिश्र ने धोका देकर हड़प लिया है | भाई आप से अनुरोध है की इस आदमी की बातो में न आये | बाराबंकी में इसे लोग मंदी का चार्ल्स शोभराज भी कहते हैं क्योकी इसकी सम्मोहक बातो में आकर कई लोग अपने पैसे रुपये और जमी जायदाद खो चुके हैं| यशवंत जी मै भी इसी आदमी का शिकार हूँ कृपया मेरी मदद करे... मेरी समस्या को जरूर प्रकाशित करें मै जानता हूँ आप के यहाँ प्रकाशन का असर जरूर होगा आप का भूपेंद्र मिश्रा मोबा नंबर :09415774324

एक अन्य असंपादित मेल

इन दिनों कई पत्रकार पत्रकारिता की आड़ में करोड़ों के वारे - न्यारे करने में लगे हैं .ताज़ा मामला बाराबंकी जिले के ईटीवी रिपोर्टर का है . बाराबंकी के पुलिस कप्तान की मदद से पत्रकारों की जमीन भी हड़पने की कोशिशें  जारी है. ऐसी रिपोर्ट है की  राष्ट्रीय सहारा के बाराबंकी  के पत्रकार भूपेंद्र मिश्र और बाराबंकी के ईटीवी  के पत्रकार दीपक मिश्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी बेशकीमती जमीन का रजिस्टर्ड अग्रीमेंट  करवाया था . लेकिन समय के साथ दीपक मिश्र की नीयत ख़राब हो गयी और उसने पूरी जमीन अपने भाई के नाम से नियम कानून की धज्जिय उड़ाते हुए लिखवा ली  .इस जमीन की कीमत  कई करोड़ में बताई जाती है . और इस ज़मीन  से विवाद भी जुड़े हुए है. ईटीवी के पत्रकार ने जमीन की   चारदीवारी कराई तो सम्बंधित पक्ष मौके पर  पहुंचा भूपेंद्र मिश्र की तो दो लाख से अधिक खर्च कर एग्रीमेंट कर जमीन पाने का सपना टूटने से बेहद आहत  हैं . पुलिस  कप्तान की दलाली करने वाले ईटीवी के पत्रकार दीपक से वे  भयभीत  हैं . . उन्हें भी खामोश रहने की धमकी दी जा  रही है . इस बात का लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी और ईटीवी के अधिकारयो को  प्रार्थना पत्र भेजा है . लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं  हुई है . हद तो ये है की दीपक मिश्र पर इस से पहले भी धोखाधड़ी  और  हेराफेरी के मुक़दमे  लंबित हैं .कुछ समय पूर्व ही जिलाधिकारी के बंगले से सटी ए एम किदवई  के  करोड़ों की जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास इसी दीपक मिश्र ने किया था .ए एम किदवई पहुँच  वाले व्यक्ति  हैं  नहीं तो उनकी जमीन भी इस शख्स के  हत्थे चढ़ गयी होती .  इसी मामले में ई टी वी के इस बदनाम पत्रकार ने किसी सत्यप्रेमी नगर के अमरेश शुक्ल के पते से नोटिस   जारी  जिस के बाद अमरेश शुक्ल ने जिलाधिकारी  से शिकायत भी की थी . ए एम किदवई ने भी चार सौ बीस का मामला दर्ज करने हेतू प्रार्थना पत्र दिया है .

एक और असंपादित मेल

बाराबंकी ई टी वी का रिपोर्टर बना भूमाफिया

बाराबंकी के पुलिस कप्तान की मदद से पत्रकारों की जमीन भी हड़पने की कोशिश जारी है | भले ही अन्य जिलो के ई टी वी रिपोर्टर फत्र्हाल हो बाराबंकी का रिपोटर नैतिकता की सभी सीमाए  पार कर पैसा कमाने और कमवाने की फ़िराक में है | कर  दरअसल मामला ये है की राष्ट्रीय सहारा के बाराबंकी एक पत्रकार भूपेंद्र मिश्र और बाराबंकी के ईटी वे के पत्रकार दीपक मिश्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी बेशकीमती जमीन का रजिस्टर्ड अग्रीमेंट किया था | लेकिन समय के साथ दीपक मिश्र की नीयत ख़राब हो गयी और उसने पूरी जमीन अपने भाई के नाम से नियम कानून की धज्जिय उड़ाते हुए लिखवा ली  | इस जमीन की मलियत कई करोड़ में बताई जाती है | और इस जमी से विवाद भी जुड़े हुए है |  ई टी वी के पत्रकार ने जमीन की बौन्दरी कराइ तो सम्बंधित पक्ष मौके पर पहुचे जीने बाराबंकी के पुलिस कप्तान ने जेल में बंद कर हाथ पैर तोड़ने की धमकी दी और भगा दिया | रही बात भूपेंद्र मिश्र की तो दो लाख से अधिक खर्च कर एग्रीमेंट कर जमीन पाने का सपना टूटने से बेहद आहात  हैं | पलिस कप्तान की दलाली करने वालेई टी वी के पत्रकार दीपक से वे भैभीत हैं | उन्हें भी खामोश रहने की धमकी दी हा रही है | इस बात का लिए उन्होंने मिख्यमंत्री से लेकर डी जी  पी और ई टी वी के अधिकारयो को  प्रार्थना पत्र भेजा है | लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहि हुई है | हद तो ये है की दीपक मिश्र पर इस से पहले भी  धोकाधडी  और  हेराफेरी के मुक़दमे  लंबित हैं | कुछ समय पूर्व ही जिलाधिकारी के बंगले से सटी ए एम किदवई  के  करोडो की जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास इसी दीपक मिश्र ने किया था | ए तो ए एम किदवई पहुच वाले व्यक्ति थे नहीं तो उनकी जमीन भी इस सख्श के हत्थे चढ़ गयी होती | इसी मामले में ई टी वी के इस बदनाम पत्रकार ने किसी सत्यप्रेमी नगर के अमरेश शुक्ल के पते से नोटिस   जारी  जिस के बाद अमरेश शुक्ल ने जिलाधिकारी  से शिकायत भी की थी  | ए एम किदवई ने भी चार सौ बीस का मामला दर्ज करने हेतू प्रार्थना पत्र दिया है | RAJ KUMAR SINGH

मेल के साथ अटैच्ड एक अखबार में प्रकाशित खबर की तस्वीर

मेल के साथ निष्पक्ष प्रतिदिन अखबार में प्रकाशित खबर की कटिंग भी प्रेषित किया गया था


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Comments (50)Add Comment
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written by Sushil, June 13, 2011
kyo bhai Bhupendra abhi bhi GARIB ho' Plotting karne wale ne 30 jan k bad khabar dabane k paise oure nahi diye kya?
chalo kosis karo abhi barabanki me bahut zameen bikni hai sari khabre daba dena aur paise pahle lena feer mat kahna mai GARIB PATRKAR hu
besaram soch samajh dusre ko paresan karega to tere bhi danda jarur hoga, hua na
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written by Ek Akhbar Wala ''Patrakar'', April 13, 2011
Are Mere Sero Karwa Li Na Jag Hasai... Ab Chullu Bhar Pani Me Doob Maro. Tum Log Patrakar Ke Nam Par Kalank Ho., Ab Mudde Par Aata Hun. Mujhe Gopal Ki Coment Acchhi Lagi. Aur Mera Farj Hai Ki Jawab Diya Jaye. To Sun Abe Gopal Tujhe Pata Nahi Hai Kya Ki Teri Maa Bhi Patrakar Rupi Randi Ajay,DK Aur Vishan Ke Giroh Ki Sadasya Thi Aur Usi Ka Bhadwe Tu Natija Hai, Na Mane To Poochh Le Apni Maa Se Ki Tera Asli Bap Kaun Hai, Sayad Use Bhi Sahi se Nahi Maloom Hoga Ki Tera Asli Bap Kaun Hai.. Mujhe To Sak Horaha Hai.. Kahi Kalu Kalan Kalia Mishra To Nahi.
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written by Mahant B. P. Dass Baba, April 13, 2011
Yashwant singhji,Namashkar,Apne kuch mitron ki soochna par aap ka comment 47 aap ke blog par padha. Bhari aaghat pahuncha.Bina kisi saboot wa aspasht sandesh ko aap samachar bana dete hain,Nihayat ghair zimmedarana wa ashobhniya harkat hai.Woh bhi is sthiti mein jab comment mein ashobhniya bhasha ka pryog kiya gaya ho.Prakashit sandesh se mera koi sambandh nahin hai.Kripya iska khandan prakashit karen,aur mail bhejne wale ki email i.d.se sheeghra augat karain.teen din intezar karne ke uprant vidhik karwahi mera antim vikalp hoga
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written by Baba (Aaj News Paper), April 13, 2011
Yaswant Ji Parnaam
Kai Dino Se Bhadas Par Dk, Deepak, Bhupendar Ki news Padh Raha Hu.Waise Tow In Jaise Logo Ka Koi Sthan Patrakaro Ke Beech me nahi Hai,Par Aapne In Choro Ko High Light Kar Diya Hai.
Dk Singh Sharabi Hai,Deepak Bhumafia Hai,Bhupender In Sab Ka Latak Hai.
Dk Singh Itna Gira Hua Hai Ki Apna Koi Bhi Kaam Karwane K Liye Adhikario K Samaksh Apni Patni Tak Ko Legaya.Jiska Kafi Bawal Tehsil Fatehpur Me Charchit hai.Waise Tow Kuch Gire Hue Adhikario Ko Yeh Sharab Aur Ladkiya Supply Karta Hai.

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written by shushil, April 12, 2011
ये भूपेंद्र मिश्र जो की राष्ट्रीय सहारा का कथित पत्रकार है, सभी पत्रकारों को और भड़ास के पाठको को किस तरह से गुमराह कर रहे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की जिस अखबार की कटिंग उन्होंने दिखाई है उसमे इनका भाई ही खबर लिखता है यानि दोनों भाई मिलकर पत्रकारिता को कलंकित कर धंधेबाजी कर रहे है ! और राष्ट्रीय सहारा के अधिकारी भी अपनी प्रतिष्ठा को दरकिनार करते हुए इसकी हरकतों को नजरंदाज कर रहे है ! जबकि इनसे पीड़ित बुजुर्ग किसान मनोहरलाल शासन प्रशासन और राष्ट्रीय सहारा के संपादक से भी इनके खिलाफ दबंगई करके ज़मीन हड़पने का आरोप लगा चुके है ! भूपेंद्र झूठ और लालच में डूब कर पथभ्रस्ट हो चूका है !
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written by vinod pandey, April 12, 2011
बाराबंकी के जो भी प्रतिष्ठित पत्रकार है वो जानते है की दीपक मिश्र एक ईमानदार और तेजस्वी पत्रकार है ! उनके विरूद्ध षड्यंत्र करने वाले कुछ स्तरहीन और झूठे किस्म के लोग है यह जान ले की एक बार फिर ये साजिशे बेअसर है और विरोधी बेनकाब हो चुके है !
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written by Ajay, April 12, 2011
Gopal beta ek to mai tumhe janta nahi dosre mai tumhare muh nahi lagna chata.………………
rahi bat mere upper zaidpur me FIR ki to pura barabanki ka media aur police vibhag janta hai ki mamla kiya tha.
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written by मनोज सेठी , April 12, 2011
प्रिय भाई अजय. हालाँकि स्तर विहीन लोगों से बात करने का मै आदी नहीं ,फिर भी तुमसे मिलने कि एकाएक इच्छा जाग्रत हो गयी है. बाराबंकी में हर सन्डे कों मिल सकते है मुझसे आप. और इससे पहले मिलने के लिये आप कपूरथला,अलीगंज स्थित opinion today के लखनऊ ऑफिस आके मिल सकते है .पहचान भी लोगे फिर कभी भूलोगे भी नहीं. पहचान छुपाने की जरुरत क्यों और किसको पड़ती है, ये तुम से बेहतर कौन जानता होगा. रामनगर के हमारे संवाद सहयोगी राहुल से आपका गिरोह पहले से ही परिचित है
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written by ravi verma, April 12, 2011
यसवंत भाई नमस्कार सर क्या हाल चाल है आपको एक बात पहले भी भड़ास में कैमरा मेन और पत्रकार के बीच मार पीट लिखा था आपको याद ही होगा कि दीपक मिश्रा ई टी वी एक दब्बंग टाइप का पत्रकार है उसने १६ /१०/ २०१० को कल्याण सिंह कि byte के बाद इंडिया टी वी के कैमरा मेन नागेन्द्र मिश्रा और रिपोटर मोहसिन रजा को कार से घसीट कर मार पीट किया उसके साथ में उसका कैमरा मेन जीतेन्द्र मौर्या (जो इस समय सहारा समय utter pradesh देख रहा है ) जहा तक की मै दीपक के घर के बारे में जनता हू उनका एक छोटा भाई अभी पढाई कर रहा उसके पास जमीन खरीदने के पैसे कहा से आया ? क्या ई टी वी के जिला संवादाता के पास इतना पैसा है की वो कुअलिश गाड़ी से चले उसके पास खुद की गाड़ी है जो की अपने घर इलाहाबाद आता जाता है आपको इससे पता चल ही गया होगा की ई टी वी का रिपोटर कितना बड़ा भ्रष्ट है ! धन्यबाद
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written by Sumant rao, April 12, 2011
Dk aur deepak mat lado beta tum dono tejashvi riportar ho dk tum bade ho tumhe deepak ko samjha kar is mamle ko sulta lena chahiye jab do sher ladte hain aur kamjor hote hain to siyaro ki pau barah ho jati jo tum logo se baat karne layak nahi vo bhee kya kya comment likh kar maje le rahe hain kuch nahi hoga sirf tum dono ka nuksaan hoga barabanki ke jahil aur dalal type ke patrkar tum dono ko bhida kar apna rasta saaf kar rahe hain pls ye turant band karo
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written by ajay gupta 7800563265, April 12, 2011
मनोज सेठी किस जात का है तू क्या शिल्पा सेठ्ठी की जात का है अबे भड़वे अपने असली नाम से कमेन्ट किया कर और जहा कह वहा मै आकर मिलता हू अबे चोर साले
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written by राहुल वर्मा , April 12, 2011
यशवंत जी ,बिलकुल यही बात है , बंटवारे के माल के लेकर चोरों का झगडा सड़क पर आ गया है. डीके और बिशन जैसे चिंदीचोरों कि असलियत आप किसी भी सम्मानित संसथान से जुड़े पत्रकार से स्वयं पूछ सकते है. इनकी बौखलाहट का आलम ये है कि अब सबको मिलकर और sms भेजकर बता रहे की यशवंत ने अपनी गलती मानी ,खबर झूठी निकली. आप अपनी प्रतिक्रिया भी दे इस मामले में.
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written by GOPAL, April 12, 2011
Partkar rupi Randi
Ajay Awasthi tu to khud partkar rupi randi hai chor hai,Patrkaro ko Kya Kis Muhn se Kahega zaidpur me dhanugahi karte fir hue the pakda gaya tha,ab bhi isi dhandhe me laga hai tu,dusre ko kya bolega tu sabse bada kamina hai,dk ,bishon bhupendar k giroh ka hai tu tera kaam hi dhandha dhan ughai ka hai tu kisi partkar rupi randi se kam nahi ,Ab bhadwa DK ,Bishon,Bhupendar Chor Kaha Gaya ab kuy nahi aata tuchcha,pol kholne ek dusre ki.partkar rupi randi
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written by Ajay Awasthi ''LIVE NEWS'', April 11, 2011
Patrakar.? ThekeDaro,Bhoo Mafiyon & Bhrast Adhikariyo Ki Bheekh Par Jinda Hai Filhal Barabanki Ke Kuchh Patrakar.., Sabhi Nange... Ek Dusare Ki Kamiya Nikalne Walo Sab Ke Bare Me Sabhi Jante Hai Ki Kaun Kitne Pani Me Hai... Yaha Tak Ki Apni Maa Ki Jhoothi Bimari Ke Naam Par IPS Se Thage Jate Hai 10-10 Hajar Rupees., Dhan Ugahi Ka Dhandha Ban Gai Hai Patrakarita. Maine Kahi Padha Tha Ki 8% Bhrast Hai Media. Lekin Galat Yaha To 80% Bhrast Hai Media. Thx. B4Media Isi Bahane Mujhe Bhi Bhadas Nikalne Ka Mauka Mila.
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written by Ajay Awasthi ''LIVE NEWS'', April 11, 2011
Patrakar.? ThekeDaro,Bhoo Mafiyon & Bhrast Adhikariyo Ki Bheekh Par Jinda Hai Filhal Barabanki Ke Kuchh Patrakar.., Sabhi Nange... Ek Dusare Ki Kamiya Nikalne Walo Sab Ke Bare Me Sabhi Jante Hai Ki Kaun Kitne Pani Me Hai... Yaha Tak Ki Apni Maa Ki Jhoothi Bimari Ke Naam Par IPS Se Thage Jate Hai 10-10 Hajar Rupees., Dhan Ugahi Ka Dhandha Ban Gai Hai Patrakarita. Maine Kahi Padha Tha Ki 8% Bhrast Hai Media. Lekin Galat Yaha To 80% Bhrast Hai Media. Thx. B4Media Isi Bahane Mujhe Bhi Bhadas Nikalne Ka Mauka Mila.
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written by Ajay Awasthi ''LIVE NEWS'', April 11, 2011
Patrakar.? ThekeDaro,Bhoo Mafiyon & Bhrast Adhikariyo Ki Bheekh Par Jinda Hai Filhal Barabanki Ke Kuchh Patrakar.., Sabhi Nange... Ek Dusare Ki Kamiya Nikalne Walo Sab Ke Bare Me Sabhi Jante Hai Ki Kaun Kitne Pani Me Hai... Yaha Tak Ki Apni Maa Ki Jhoothi Bimari Ke Naam Par IPS Se Thage Jate Hai 10-10 Hajar Rupees., Dhan Ugahi Ka Dhandha Ban Gai Hai Patrakarita. Maine Kahi Padha Tha Ki 8% Bhrast Hai Media. Lekin Galat Yaha To 80% Bhrast Hai Media. Thx. B4Media Isi Bahane Mujhe Bhi Bhadas Nikalne Ka Mauka Mila.
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written by chandrkant, April 11, 2011
Yashwant ji,
Aap ka Sahas Barabanki ki rajniti me barbaad ho raha hai,
ye lutiya chor hai DK SIngh,Bishon Aur Bhupendar, inka guru ban gaya Deepak Mishra,Wo Kahawat Hai Na Sau Sunar Ki ek Lohar ki ,ye aapsi batware ka mamla hai,ye sab dalal hai,partrkarita par badnuma daag hai,
bhupendar Sahara ka Agent Hai Hawkar,Ban Gaya Patrkar,Iski Dalali Par Iski Kai Baar Rly Stn par pitayee ho chuki hai,Iske photo se pata chal jata hai
abhi kuch din pahle isne apne ghar par chori ka natak racha,baad me police par dabav banakat chulha cylindar ek kabadi se le liya,isne apne ghar par phatakhe ka visfot kar bawal kata kaptan ko ghar bula liya
jo lutiya chor ho wo 2
lakh kaha se laye ga aur agriment karega
darasl ye zamin farzi roop se patte ki the gram obri ki jo ab labe sadak hai,is par kisi yadav ka kabza tha,aapas me mamla patte wale ka aur kabze wale ka jab jhagde me pahucha to dm k yaha shiqayat par patrkar mafiya yani bhupendar k kaan tak pahucha,deepak se milkar aadehe ka sauda hua ,patte wale se regd karli deepak ne apne bhai k naam aur kabza parshasan ki madad se kara liya,zamin caroro ki the
bus yahi se shuru ho gaya deepak aur bhupendar ka jhagda,dk to isliye jaan diye hai ki itne din se Patrkarita ki Dalali Kar Rahe hai Sirf Sharab K Pauch Ya Botal Se Zayda Kama Nahi Pata,Deepak Ghagh Tha Usne Kabza Kar Caroro Ka sauda chupchap hazam kar liya,
Ye Sab Chor Hai,Dalal hai Makkar Hai Patrkarita K Namm Par Kalank Hai,In Sabki Jaanch honi chahiye,FIR Honi Chahiye
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written by Mazhar, April 11, 2011
yashwant bhai.. alag alag naamo se aa rahe comments ki hamari padtaal me to DK Giroh Ka khel samajh aa gaya. ap ki padtaal kya kahti hai.? ye bhi bataye
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written by Mazhar, April 11, 2011
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written by Mazhar, April 11, 2011
Mahan samajsevi aur patrakar, Barabanki ke Anna hajare shri shri DK Singh ke giroh dwara chalaye ja rahe abhiyan ke tahat yahan achanak comments ki to badh aa gayi hai. lekin khud vadi no2 Deepak Mishra aur yashwant ji ki chuppi rahsyamayi jarur lag rahi hai.
DK Giroh Ka haal bura hai, chhatpatahat aur dhoortata ka andaja is tarah lagaya ja sakta hai ki in janab ne sabse kahna shuru kar diya hai ki bhadas ke yashwant ne inse maafi maangi, aur koi karwai na karne ki gujarish ki hai.
sms alert sewa dwara bhi isi aashay ke sandesh bheje ja rahe hai. ki yashwant ne apni galti mani aur DK ,Bisshan par lage arop jhute nikale. agrah karne ke baad ye sandesh mujhe bhi mere ek patrakar mitra ne apne mobile se forward kiya, tab mujhe kahin yakin hua.
Kai naamo se bheje in comments ki bhasa padhne ke baad kisi bhi anubhavi ke liye andaj lagana mushkil nahi ki inke piche kaun hai. shayad IP add se aur spasht ho jayega
ab baat ye bhi hai ki agar etv patrakar imandar hai to wo samne kyu nahi aate.kal tak ke apne in sathi rahe logo ko DAGGA bantne me beimani ki hai kya bhai. jo ye log pasar gaye is tarah
badi vikat stithi hai yashwant ji..ab ap hi kuch kahe...jai ho in mahan patrakaro(?) ki

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written by asghar, April 11, 2011
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written by मदन कुमार तिवारी , April 11, 2011
भाई लोग १० तारीख को यह खबर छपी और एक साथ इतनी सारी प्रतिक्रिया ? क्या बात है दोस्तों यह कैसा गेम खेल रहे हो तुम सब ? रही बात भडास की तो भाई यह शुरु हीं हुआ था पत्रकारों के भडास के लिये यानी अपने साथ हो रहे जुल्मों सितम को उठाने के एक प्लेटफ़ार्म के रुप में । हां एक गलती यशवंत ने जरुर की है , ये खुद इतने दिनों से पत्रकार रहे हैं क्या इनको आप हिंदी के महान पत्रकारों की मानसिकता का पता नही है । भाई यशवंत जी आप एक छोटा सा पत्रकार कोर्ट भी स्थापित करें जहां पत्रकारो के बीच के व्यवसायिक लेनदेन , वसुली के बटवारे में हुई बेईमानी , बीबी के साथ मारपीट जैसे मामलों का निपटारा हो सके । मैं उस कोरट का जज बनने के लिये तैयार हूं । फ़ैसला भी पत्रकार की हैसियत और खर्च करने की क्षमता के आधार पर दुंगा और यह भी वादा करता हूं की पुरी बेईमानी के साथ अपना फ़र्ज निभाउंगा ।
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written by Rohit K Gupta, April 11, 2011
अरे इन हराम के लोगो को कोई दिक्कते नही आयेंगी क्योंकि इस तरह के हेरा-फेरी में इनके बॉस भी शामिल होते है ! इन्ही कारणों से पूरा मिडीया जगत बदनामी झेलता है ! और रही IBN Etv तो आपको मालूम होना चाहिए की वहां ही नही ये लोग बड़ा बैनर होने के नाते हर जगह लुटने का काम करते है ! इस तरह के लोगो को बिच चौराहे पर खड़ा कर के पुलिस से नही बल्कि आम लोगो से पिटवाना चाहिए !
रोहित गुप्ता
महुआ न्यूज़
भदोही सरन UP
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written by Rinku Watts, April 11, 2011
इस कहानी में सच्चाई क्या है ये भगवान जानता है लेकिन ये मामला अगर सही है तो समझे की वाक्य ही आने वाला समय मीडिया को भी भ्रष्टाचार के बड़े दलदल में ले जाएगा शायद उस समय अन्ना हजारे जैसा महान इन्सान भी चाह कर भी कुछ नहीं कर सकेगा
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written by AMIT verma, April 11, 2011
BHAI YASWANT JI, AAP YE KYA KAR RAHE HO BHADAS 4 MEDIA PAR YE SHAYAD YE PAHLI BAAR HO RAHA HAI KI COMMENT PEHLE AA RAHA HAI AUR KABAR BAAD ME. PHONE PER KI BATEIN TO AAP KI AUR PATAKARO VAYKTIGAT HAI.VO BATAIN AAP KO SARVJANIK NAHI KARNI CHAHIYE,AUR YE BHI SAHI HAI KI BAATAIN TO JAROOR HUYI HONGI, LEKIN AAP TO VARAIST AUR ANUBAVI HAI. AYSI BAATO KO NAJARANDAJ KAR SIRF KHABAR LIKHNE KA KAAM KARIN. KYO KI PATRAKAITA SHABD KA ARTH VAYAPAK JANHIT HAI AUR AAP IS KABAR ME AYASA LAGTA HAI KI AAP VAKTIGAT HO GAYE HO. AB TO SHAYAD PATRAKAAR AAP SE PHONE PER BAAT KAR NE SE KATRAYENGE. MERA MANNA HAI KI E TV KA JALJALA TO JILE ME RAH TA HI HAI AUR BAQI KE PATRAKARO KO PRASHASAN GAAS NAHI DALTA HAI VAJAH YE BAI HAI KI KUTTA BHI MAR JAYE TO BHI KHABAR CHAL JATI HAI AUR ISKA FAYEDA E TV KE PATRAKAR HAMESHA UTHTE HAI .IS VAJAH SE KUCH SHATIR AUR CHAALAK REPORTER BAKOOBI UTHATE HAI. E TV SANSTHAN TO BAHUT ACCHA HAI AUR VO VYAPAK JANHIT ME KAAM KARTA HAI,AUR APNE PATKAARO PAR BHROSA BHI KARTA HAI, LEKIN KUCH PATRAKAAR IS KA BAKUBI FAYDA BHI UTATE HAI. ETV SANSTHAN KO BHI APNE PATRAKARO PAR NAJAR RAKHNI CHAHIYE,SAMPPTI KI JAANCH BHI KARATE RAHNI CHAHIYI TAQI PATRAKAAR QABU AUR ANKUS ME RAHIN
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written by भूपेन्द्र मिश्रा (बाराबंकी) 9415774324 , April 11, 2011
प्रिय यशवंत जी ,
खबर चलाने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद किन्तु खेद इस बात का है की आपने जिस व्यक्ति से माफ़ी मांगी है वह कहीं से भी इस लायक नहीं है आपको बुरा जरूर लगेगा किन्तु यह कडवी सच्चाई है की कहना चाहता हूँ की यदि पत्रकारों की पीड़ा लिखते हैं तो फिर निजी कमेन्ट लिखने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए जैसा की आपके द्वारा किया गया है माफ़ करियेगा आपने तो उन्ही की खिंचाई कर दी और छवि धूमिल कर दी जिन डीके सिंह व विशन सिंह ने तमाम विरोधो की परवाह न कर मुझ जैसे गरीब व पीड़ित पत्रकार का साथ दिया है ऐसे मुझे महसूस हो रहा है की कहीं उस ईटीवी पत्रकार दीपक मिश्र ने आपको तो धमकी नहीं दे डाली एक बार फिर आपको बहुत बहुत धन्यवाद...........
भूपेन्द्र मिश्रा (बाराबंकी) 9415774324 .....
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written by Pintu swami, April 11, 2011
श्री यशवत जी
मै पिंटू स्वामी, मेरा इस दुनिया में कोई नहीं पहुत पढ़ा लिखा भी नहीं हूँ लेकिन मै इंसानों को खूब पहचानता हूँ मेरा बचपन बाराबंकी रेलवे स्टेसन पर बीता है | मै वर्ष 2002 में डी के सिंह से मिला था उस वक़्त वो ई टी वी में थे| मेरे हाल पर तरस खाकर उब्न्होने मुझे आसरा दिया| मुझे कैमरा सिखाया और वेतन भी दिया | पहले बार मैंने पेट भर खाना -खाना सीखा | मै पहली बार डीके भाई से अपनी तनख्वाह लेकर अपनी बहन से मिलने पंजाब गया गे एक सप्ताह बाद जब मै लौटा तो मुझे पीलिया और टाईफायेड दोनों हो गया था | एक महीना मै डी के भाई के घर पर पड़ा रहा डी के भाई ने मेरा इलाज लखनऊ से कराया | मै बिस्तर पर ही शौच इत्यादि करता था | इसी डी के भाई ने में कपडे धोये कमरा रोज फिनाइल से धुला | आज मै जिन्दा हूँ तो डी के भाई के बदौलत | इस सब के बाद मुझे कभी ताना नहीं मारा | बीमारी के दौरान इलाज का पैसा भी नहीं काटा | आप जान लें के डी के सिंह पत्रकारिता अपने मजबूत पारिवारिक प्रस्थ्भूमि के दम पर करते हैं | न की पत्रकारिता के आड़ में किसी तरह का धब्धा कर के आज 12 साल बाद भी इन की छवि बेदाग़ है | कितने लोगो पर इनके एहसान हैं आप को क्या पता इन्होने हमेशा गरीबो का साथ दिया | इसी के चलते एक स्टिंग ओपेरेसन में ८० हजार घूस मांग रहे पुलिस वालो का इन्होने फ़ोन टेप कर लिया | उस वक़्त मै ही कैमरा मैन था | एस बी सिरोड़कर एस पी थे | लूट में बेगुनाह नाबालिग के माता पिता के के कहने पर डी के भाई पुलिस से भीड़ गए | स्टिंग ओपेरेसन ई टी वी पर चला | पुलिस ने डी के भाई और मुझ मसौली थाने पर मुकदमा दर्ज करा दिया | डी के भाई हार नहीं मानी उनको हर तरीके से प्रताड़ित करने के कोशिश के गए | पुलिस ने मामले को हाईकोर्ट मर चुनौती दी| इस दौरान मैंने ही डी के भाई से कहा पुलिस आप को झूठे कही फसा सकती है | आप कुछ दिन कही और किसी जिले में ट्रांसफर करा लो | उस वक़्त ब्रजेश मिश्र जी ने दी के भाई को आगरा कुछ दिन के लिए भेजा था डी के भाई के कहने पर ही दीपक बाराबंकी आ गया था | लेकिन ये देख कर मै उस वक़्त बहुत दुखी हुआ की हाई कोर्ट में जीतकर डी के भाई आगरा से बाराबंकी वापस आना चाहते थे लिकिन इसी दीपक ने वापस जाने से साफ़ इनकार कर दिया और डी के भाई ने आई बी एन ७ ज्वाइन कर लिया | लेकिन दीपक ने डी के भाई के जड़ो में मट्ठा डालना शुरू कर दिया इसी के बावजूद इस का कोई नुक्सान डी के भाई ने नहीं किया यहाँ तक दीपक ने आई बी एन में फ़ोन कर डी के भाई के फर्जी शिकायत की ..आज आप के पोर्टल पर डी के भाई के बारे में पढ़ कर मुझे दुःख हुआ मै अब ठेकेदारी का काम कर रहा हूँ | मोटरसाइकिल से चलता हूँ एक लावारिस इंसान का सहारा बन कर नई जिन्दगी देने वाले डी के भाई के बारे में आप को पहले जानकारी कर लेनी चाहिय्र थी | मै बाराबंकी में ही हूँ | मेरा नंबर :09305703427
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written by Vardhman Jain, April 11, 2011
I wanna say only one thing if some one involve in this act let him expose. Please do not vilify the Journalism.
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written by arshi, April 10, 2011
yashwant ji kuch baate mere paas bhi hai agar zaroory samajhiyega to mujhse baat kariyega jaisa ki aap likhte hai ki aap sahaj vyakti hai dikhava nahi karte hai..... mai aapse kabhi mila nahi hoon han apka portel mai niymit padhta hoon kai dard mere bhi hai jo mai apse share karna chahta hoon agar behtar samajhiyega to mail kariyega
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written by arshi, April 10, 2011
आदरणीय यशवंत जी ये कोई नई कहानी नहीं है लगभग कई जिलो में etv के पत्रकार दलाली कर रहे है etv वैसे तो एक्शन बहुत तेज़ लेता है अब देखिये इसमें क्या करता है वैसे अब etv की valu गिर रही है इसमें मठाधीस टाइप के लोग बैठे है जो शायद इन सब बातो पर आँख बंद किये बैठे है
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written by Vijay yadav, April 10, 2011
Yashwant sir mai barabanki me chturth sreni ke karchari kabeta hoon deepak mishra ne mujhe etv me caimara main ki naukari dilane ke naam par meera do saal tak har tarah ka shoshan kiya jab mujhe hakeekat pata chali to maine is se baat kee to me pita ji ko naukari se nikalwane kee dhamki dene laga mai dar gaya tha lekin aaj mai apni baat kahi bhee kah sakta hoon is ne mera kareer barbaad kar diya
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written by Vijay yadav, April 10, 2011
Yashwant sir mai barabanki me chturth sreni ke karchari kabeta hoon deepak mishra ne mujhe etv me caimara main ki naukari dilane ke naam par meera do saal tak har tarah ka shoshan kiya jab mujhe hakeekat pata chali to maine is se baat kee to me pita ji ko naukari se nikalwane kee dhamki dene laga mai dar gaya tha lekin aaj mai apni baat kahi bhee kah sakta hoon is ne mera kareer barbaad kar diya
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written by मनोज सेठी, April 10, 2011
agar sare patrakar mil kar bhi stahniy prashashan se apni sunwai nahi karwa pa rahe hai ,aur unko yashwant ji jaise patrakar ko dhamki dene ka sahara lena pad raha hai ,to ye unki vishawasniyta par bada sawal hai
baki ye dono patrakar kitne prasiddh hai ,ye barabanki ke kisi bhi sthapit patrakar se puchne par pata chal jayega,agar inke naam se parichit hua to....
phir bhi yashwant ji deepak mishra ka no. (9838477772) mil nahi raha, is gorakhdhande me unki kya sahbhagita hai .tabhi pata chal payega
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written by KT, April 10, 2011
yashwant ji parnam
aap ka bhadas dekha,kafi takleef hue
aap ko bata doon jo aap ne dk singh -bishon ke bare me likha hai wo bilkul sahi hai ,barabanki ki patrkarita me gandagi phailane wale yahi dono dalal hai,roz nashe me choor rahna aur dalal adhikario ki ji huzuri karna inka kaam hai,apni site ko inka naam ya inki khabar likhkar ganda na karein
dk singh,,bishon singh kahi bhi stringer nahi hai
ye patrkarita ki aad me dalali karte hai aur sharab peete hai
adhikario ko ibn k naam par darate dhamkate rahte hai
in choro se patrkar hi nahi pura zila pareshan hai
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written by pankaj , April 10, 2011
yashwant ji ...
barabanki me ye arop pratyaropon ke bina kisi patrakar ki roti nahi pachti... lekin pidit patrakar bhupendra ki sthit aur mehnat dekh kar aapko bhi lagega ki patrakarita me aaj bhi bhookh mari ki kagar par hhai jo din bhar majdooro ki tarah kam karte hai lekin paisa mnrega majdoor se bhi kam milta hai. khair galti bhopendra ki bhi hai jo usne jagjahir badnam beiman dipak ki niyat ko samjh na saka . ab e tv se hi kuchh ummid hai jo dipak par karyawahi karte huye bhoopendra ko nyaya dila sake. lekin aisa lagta nahi hai.
rahi aapko dhamkane ki bat to d.k. ibn. aur vishun live india. ki kartoot unke charitra aur bhav ko vyakt karne ke liye kafi hai. aur in sab ki kargujariya aam janta ke sath-sath adhikariyo ko bhugatni padti hai. par bhupendra bhai hame aapse sahanbhooti hai. yashwant ji aapko dk aur vishun ki shikayat shalabh mani tripathi se aur shrey shukla ji se jaroor karni chahiye nahi to aap inke khilaf mukadma darj bhi kara sakte hai kyoki indono ne mafi pane ka adhikar bhi kho diya hai.
rahi bat dipak mishra ki to dipak ke din lad gaye hai bahut jald maiyat nikalne wali hai. shayad bhool gaya hai jis din sansathan ne id jama karayi to gali ke kutte se jyada kisi patrakar ki aukat nahi rah jati jab tap etv hai jalwa hai warna log paniha sanp ki tarah halat ho gi jisse koi darta to hai hi nahi sath hi bachche bhi machchhi dikha kar mar dalega. yashwant ji meri aapse vinamra nivedan hai ki aap apne star se bhupendra ko jitna ho sakta hai nyaya dilane ki kripa kare to ashish milega. bhoopendra mera koi rishtedar ya dost nahi hai. kyoki shayad bhoopendra mujhe janta tak nahi hai par mene jo uski sthiti dekhi hai usme koi shak nahi hai. dipak agar aapne ye meri post padhi hai to samajh lijiye aapka ant nikat aa chuka hai. tnx...ek patrakar...
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written by ---एक बाराबंकी का पत्रकार , April 10, 2011
प्रिय यसवंत भाई ,
दीपक मिश्रा से लग रहा है आपकी कोई सेट्टिंग है उस चोर ,भूमाफिया से आप माफी मांग रहे है ,भाई वो भूपेंद्र को लात मारकर अपनी जात जना दी है..../
अब मेरी ई टीवी के अधिकारियो से अपील है कि अपने संस्थान कि पोजीसन को ध्यान में रखते हुए दीपक मिश्रा की जल्दी से जांच कराकर उचित कार्यवाही करे ताकि संस्थान की रेपोटेसन बनी रहे ...../
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written by Vinod Gangwal, April 10, 2011
Yeshwant Ji, Ye to hota rahta han, Aap apna kam Accha kar rahen han, what ever you published first check authenticity and correctness and than publish. in my case one Jounalist of Navi Mumbai wanted to defamed me and used some portals, but you have really done good job in my case, keep it up, we are always with you, Vinod Gangwal
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written by rajkumar, April 10, 2011
आरे भाई यसवंत जी नमस्कार /
आप ने तो एक भूपेंद्र मिश्र की खबर को बखेड़ा बना दिया भड़ास जैसे निडर पोर्टल को एक गरीब और पीड़ित पत्रकार की सच्ची आवाज उठाने में इतना समय लग गया यसवंत जी अभी तो सिर्फ दीपक मिश्र का एक ही कारनामा सामने आया है अभी तो और परते खुलना बाकी है पत्रकारता जैसे सम्मानित पेशे को बदनाम करने वाले ईटीवी के इस पत्रकार की गुंडा गर्दी के खिलाफ जिले अधिकतर पत्रकार एकजुट है यह अलग बात है कि अन्याय के खिलाफ बुलंदी से आवाज उठाने का आगाज भूपेंद्र मिश्र ने किया जहा तक की डी. के .सिंह और विशन सिंह का सवाल है वो बाराबंकी के हर पत्रकार के साथ में है अभी तक के कोई भूमाफिया का मामला सामने नहीं आया है बाराबंकी के सारे पत्रकार डी. के. सिंह के साथ है
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written by Saroj Chaurasiyan, April 10, 2011
भाई यसवंत जी दर्जनों पत्रकार इससे नाराज है जाहिर है ये भूमाफिया किस्म का इंसान हो गया हैi इसने तो सारे मीडिया को बदनाम कर दिया मै ऐसी उम्मीद कभी नहीं करता था जैसा इसने पूरी मीडिया को बदनाम किया है
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written by Vimal, April 10, 2011
अरे भाई दीपक मिश्रा बाराबंकी में तो खूब तरक्की कर ली है हम लोग दिन रात काम कर हजारो नहीं कमा पाते आप कैसे करोडो में खेल रहे हो ? चर्चाये खूब है लोगो से धमका के पैसा कमाना मीडिया जैसे इमानदार संस्थान में काम करना पूरी मीडिया जगत के लिए शर्मनाक है ये घटनाएं हैI मुझे तो इससे पहले यकी नहीं होता था की आप उन्ही दलालों की श्रेणी में आ जाएंगें जो गरीब को मसल दते है अपने पैसे के खातिर लेकिन जब वहा के अधिकारियों से बात की तो सच्चाई कुछ और ही निकली मेरे मामा जी विकास भवन में करीबन 2 साल से नौकरी कर रहें है उन्होंने मुझें बताया मिश्रा जी के बारे में तो मामला समझ में आ गया हैI मिश्रा जी आपने क्या अपने चेले भी तैयार कर लिए है जो उपर्दरा की आमदनी कराने में काफ़ी सार्थक साबित हो रहे है किसी को अपनी उची पहुच की जरिये से चैनल की आई डी दिया दिया है तो किसी को प्रिंट मीडिया में ही लगवा दिया है चलिए फायदा होना चाहिए दलाली ही सही.....मै तो आगरा में जब से आया हूँ वैसा ही बना हुया हूँI आप मुझे सायद जान गए होंगें हम दोनों ने एक साथ इंटर की पढ़ाई की थी .....
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written by mohd umair, April 10, 2011
up e tv me ek hi stringer ki ye kahani nahi hai yashwant ji agar aap dusre zilon me pata lagaen toh aise darjani udaharan mil jaenge barabanki ki kahani local poletics ki wajh se ujagar hui hai agar aur zilon me ye poletics ujagar ho gayi to aur naam judege jisme thele aur khonche wale aise aarop lagarge
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written by ashutosh bajpai, April 10, 2011
very good yashwant ji. aap ne accha kam kiya hai. is tarah ke jhutta logon ko benakab kar diyahai. ek bar phir badhi
ashutosh bajpai
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written by devendrnath,barabanki, April 10, 2011
जिला पंचायत के गेस्ट हाउस को ईटीवी पत्रकार दीपक मिश्रा ने बनाया अपना आशियाना ,बदले में घोटालों की खबर न चलाने का वायदा /

जहाँ एक तरफ पूरे देश की मीडिया भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अन्ना हजारे के आन्दोलन को प्रमुखता से प्रचारित कर रही है वही बाराबंकी में ईटीवी का पत्रकार घोटालो व भ्रष्टाचार की सौदेबाजी कर रहा है जिस जिला पंचायत गेस्ट हाउस पर वह सपरिवार निवास करता है वह उसे सम्बंधित विभाग के घोटालो व भ्रष्टाचार को चैनल पर न चलाने का ईनाम मिला है जिला पंचायत का गेस्ट हाउस किसी मेहमान के आने पर उसके दो चार दिन ठहरने के लिए होता है न की एक पत्रकार के दबाव में आकर उसे स्थाई निवास बनाने के लिए शयद यह जनपद में पहली ऐसी मिशल है की इस पत्रकार को सरकारी भवन रहने को मिल जाता है जिस में परिवार सहित रहकर यह सब पर रौब गांठता है वाह रे जिला प्रशासन एक तरफ तो सैकड़ो पत्रकारों के आवाज़ उठाने पर भी प्रेस क्लब की जमीन की व्ययवस्था वाह नहीं करा पाया वहीँ एक अकेले पत्रकार को पूरा गेस्ट हाउस ईनाम में दे दिया क्या दीपक मिश्रा से ज्यादा योग्य व अनुभवी पत्रकार जिले में दूसरा कोई नहीं है या फिर कोई और ही बात है......................
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written by sanjeev mishra ,allahabad, April 10, 2011
राष्ट्रीय सहारा के पीड़ित गरीब पत्रकार भूपेन्द्र मिश्रा को न्याय दिलाने वाले पत्रकारों पर लगाये गए आरोप सिर्फ विद्वेष भरी मानसिकता का सूचक /

बाराबंकी में देश के सम्मानित प्रादेशिक चैनल ईटीवी में खबर चलने की धमकी देकर जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियो पर नाजायज रौब गांठने वाले दलाल और ब्लैकमेलर पत्रकार दीपक मिश्रा के खिलाफ आवाज़ न उठाकर राष्ट्रीय सहारा के पीड़ित गरीब पत्रकार भूपेन्द्र मिश्र को न्याय दिलाने वाले पत्रकारों पर घ्रणित आरोप लगाना बेहद शर्मनाक हैं और वह भी तब जब इस दलाल पत्रकार के खिलाफ एक नहीं कई लोग सबूत सहित आरोप लगाकर जिले के डीएम और एसपी से न्याय दिलाने की गुहार लगा चुके हैं ऐसा नहीं की इस ईटीवी पत्रकार ने पहले ऐसा नहीं किया हमेशा से यह यही करता रहता है जो अधिकारी इसकी बातों में फंस कर इसे पैसा कमवाता है उसके खिलाफ यह खबर नहीं चलाता है और जो सख्त होता है उसके खिलाफ यह षड्यंत्र रचता है पूर्व में जिले के डीएम रहे रविन्द्र नायक और एस पी आलोक सिंह की ईमानदार व बेबाक कार्यशैली के चलते इस ईटीवी पत्रकार की एक न चली और वह भरी मीटिंग में डीएम नायक से झगडा कर बैठा / यह ईटीवी पत्रकार जिसका खाता है पेट भर जाने पर उसी को गुर्राकर काटने दौड़ पड़ता है पहले यह परिवार सहित जिला प्रशासन के अधिकारियो व स्थानीय नेताओ की चमचागिरी कर सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में रहता था और हर दूसरे दिन वही की खबर चलाने की धमकी अधिकारियो को देता था वर्तमान में जिले के एसपी को अपनी वाकपटुता के जाल में फंसकर इसने पूरी तरह से सम्मोहित कर रखा है और एस पी महोदय दीपक मिश्रा के सात खून माफ़ भी माफ़ करने को प्रतिज्ञा बढ़ हैं और हो भी क्यों न इसी की बदौलत तो ईटीवी जैसे सम्मानित चैनल को अपनी दुकान बनाकर चलाने वाला दीपक मिश्रा रोजाना हत्याओ व बलात्कार होने के बावजूद भी एस पी के खिलाफ खबर नहीं चलाता है भूपेन्द्र मिश्रा की जमीन मामले में एस पी का खुलेआम दखल देना व कोई कार्यवाही न कर पीडितो को धमकाना इसी गंठजोड़ की तरफ इशारा करता है /

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written by santosh, April 10, 2011
etv ko jald hi karwai karni chahiye.
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written by sushil Gangwar, April 10, 2011
Hello
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Yaswant Singh na hi chutiya or chirkut hai Wah achhi tareeke se jaante hai ki santulit patrkarita kaise ki jaati hai .. Ese logo ne media ki MC BC kar di hai .ab likhte huye sochna padta hai .. Aakhir Ese logo ka kya hoga .

Sushil Gangwar
www.sakshatkar.com
www.howareyou.in
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written by Mazhar Husain-Journalist , April 10, 2011
bhayiya Nidar hokar aap apna kaam kare Jab hathi jati hai to is tarah ke Kutte Bhaunkte hi hai lekin hathi ispar dhyaan nahi deti aap bhi in haramkhoro par dhyan na de hum aapke saath hai Sachchyi ke liye mera sar Hazir hai
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written by shravan shukla, April 10, 2011
deepak ka paksh? waise iski sachhai kya hai yeh to nahi pata..lekin tahkeekaat jaruri hai.. jis tarah se dhamki wagairah ki baat aai hai wah waakai sharmnaak hai.. yeh bhadas4media ek pavitra manch hai..ladai karne evam doosro par arop lagane ka adda nahi... aapne sahi kiya jo sabhi ke mail dal diya...ab sari baat samajhne me aasaan hogi..

thanx yashwant sir ji
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written by Harishankar Shahi, April 10, 2011
यशवंत भाई जी इस प्रकार का काम करीब हर जिले में इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारों द्वारा किया जा रहा है. चूँकि यह लोग कैमरे में बाईट लेने के नाम पर हमेशा अधिकारियों के पास बैठे रहते हैं तो अधिकारियों पर दबाव भी काफी हद तक बना ले जाते हैं. प्रादेशिक न्यूज़ चैनलों के स्ट्रिंगरो को न्यूज़ चलाने के काफी मौके रहते हैं जिससे बचने के लिए अधिकारी इन लोगो को खुश रखते हैं. एक बात और पत्रकारों के रूप में कैमरे वालो को ही मात्र पत्रकार पुलिस और प्रशाशन मानता हैं. जिसके पास कैमरा वही पत्रकार इसी प्रकार आप जानते ही होंगे कि करीब हर चैनल के रिपोर्टर दिन भर बाईट के नाम पर डीएम एसपी के यहाँ दरबार करते हैं. जब तक चैनल या अधिकारी इन लोगो कि जबरदस्ती को नियंत्रित करने का उपाय नहीं खोजते ऐसा होता रहेगा. हर जिले कि यही कहानी है.

हरीशंकर शाही, बहराइच
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written by मनोज सेठी , April 10, 2011
यशवंत भाई , ये दोनों (DK Singh, & Bisahn Singh) बाराबंकी के फतेहपुर तहसील के रहने वाले है, चोली दामन का साथ है .आपका अनुमान एकदम सही है सूर्यास्त के बाद इन दोनों कों कभी भी होश में नहीं पाएंगे. कई बार पीटे जा चुके है,कैमरा भी छीना जा चुका है,jजबरन उगाही के कई मामले है . लेकिन कोई सुधार नहीं. खुद कों etv समेत कई चैनलों के भी स्वयम्भू स्ट्रिंगर घोषित करते रहे है. ताज़ा मामला क्या है ये मै वहाँ के वरिष्ठ पत्रकारो से पूछ के बताता हूँ.

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