बरखा दत्त की नजर में प्रदर्शनकारियों की औकात- Lumpens and rowdies

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ट्विटर पर बरखा दत्त ने मुंह खोला है. उन्हें दोष प्रदर्शनकारियों में नजर आया. खुद को महान और पवित्र माने बैठी हैं. उन्होंने ट्विटर पर प्रदर्शनकारियों को उनकी औकात बताते हुए उन्हें “Lumpens and rowdies” करार दिया. एनडीटीवी अंग्रेजी की ग्रुप एडिटर बरखा दत्त को इंडिया गेट पर जिस तरह से युवाओं ने खदेड़ दिया, वह बेमिसाल रहा. अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के परवान चढ़ने के बाद लोग अब अपने-अपने आसपास के भ्रष्टाचारियों पर भी नजर डालने लगे हैं और उन्हें सरेआम हूट करने लगे हैं.

ताजा शिकार हुई हैं बरखा दत्त. नीरा राडिया टेपकांड में बुरी तरह फंसी इस जर्नलिस्ट को उनके संस्थान एनडीटीवी ने अभयदान दे रखा है, इसी कारण बरखा भी खुद को सुपरमैन समझे बैठी हैं. फिलहाल हम यहां ट्विटर के कुछ स्क्रीनशाट दे रहे हैं जिससे बरखा की दिमागी हालत के बारे में पता चलता है. एक ट्विट में बरखा अपने महिला प्रोड्यूसर को कथित रूप से पीटे जाने को लेकर भीड़ को कोस रही हैं. उन्होंने अपने भ्रष्टाचारी होने या न होने को लेकर कोई सफाई नहीं दी है, वे दूसरे इशू को उठा रही हैं और उसके जरिए भीड़ को “Lumpens and rowdies” साबित कर रही हैं.

बरखा के ट्विट पर एक ब्लाग मीडिया वाच ने कुछ सवाल उठाए हैं, जो इस प्रकार हैं-

Media Watch would like to understand from Barkha Dutt following -

1. In her opinion were all the protestors at India Gate Lumpens and Rowdies or only the people who protested against NDTV were lumpen and rowdies?

2. NDTV in its reports prominently mentioned the protestors also booed and protested against Uma Bharati. And to the best of knowledge of author NDTV did not classify those protestors as lumpen and rowdies. How is this different from the protest against NDTV?

3. If the people involved in this incident were Lumpens and Rowdies. Has NDTV registered a FIR against them

4. According to your tweet “they punched the show producer” which is a very serious allegation. Has NDTV registered a FIR against the people who were involved in this assault?

5. It is well accepted practice that Media reports to nation any incident involving physical attack on its employees. Also, we would like to understand why has NDTV not yet carried this news item? wont it help expose these so called “Lumpens and Rowdies”.

6. We are a bit confused by conflicting claims in two different tweets.

You tweeted to @amishra77 mentions

@amishra77 yes they punched the show producer. Abhorrent behaviour. We shifted camera and resumed show.

This was again reconfirmed in a subsequent tweet

@StealthPwr @primary_red really? The female producer was hit in the face. The men were assaulted. Lumpenism.

However, your tweet to @sonaliranade says

@sonaliranade at india gate a group of vandals tried to hit one of our show producers. The so called civility of discourse ! Abhorrent

In your first tweet you have confirmed a physical attack while the second indicates an attempt. Could you please clarify which one is the truth?


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Comments (12)Add Comment
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written by vinay pathak, May 15, 2011
Hi Yashwant Ji,
Barkha dutt ke kilaaf mumbai main india geat par bhi prdaresan hua ta ager aap boley to load kar du
vinay pathak
mumbai
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written by DINESH RAMAN , April 18, 2011
बरखा इंसानों की माफिक शर्म आती है या नहीं ! साली डूब मर, तुम जैसे लोग पत्रकारिता की माँ बहन करने में लगे है, तुमसे तो कोठे की वेश्या भली जो सरेआम धंधा करती है, शर्म कर, अंग्रेज की औलाद ! सवाल भ्रष्टाचार का है तो इस दलदल में फंसी है और शामिल है तो इस बात को मानने में शर्म आती है क्या ? सोच एक दिन मरना है और भगवान के आगे इन बातों की सच्चाई का जवाब भी देना है ! वो तो अच्छा हुआ की उस दिन इंडिया गेट पर लोगों ने जूते नहीं मारे ! हाँ एक बात और इस पवित्र काम को तुम जैसे दलालों ने मण्डी बना दिया है और एक दिन तुम्हे भगवान को जवाब जरुर देना होगा ! हो सकता है इस दुनिया में ही तुम्हारा पाप का घड़ा भर जाए और ................सब खलास !!!!!!
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written by I M INDIAN, April 13, 2011
tumhaare to tum sub choor ho burkha ko gaale dene sai pehle aapne aapne gerabaan mai jhaank ker dekho. tum sub nai bhi kai kaand aaise keya hai keugar you tube pur daal du to tum sub kaa band bajega. media mai aaye 2 deen hua hai our SHEAKH CHEELE bun rahe ho tum sub. sub naam kai bhukhai ho. tum sub ko 1 line sai goole maar dene chahea.
BURKHA nai kya keeya hai yai baatnai ke tumhaare oukaad hai.
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written by neeraj, April 12, 2011
बरखा दत्त को पत्रकारिता की क ख ग नहीं आती.....ये लोग तो चैनल V के सहारे आगे बढे हैं...और बरखा तो वैसे भी ATM जैसी जगहों को अपने हिसाब से ढाल लेती हैं...और जहा लोग पैसे निकालते है उस जगह का इस्तेमाल बरखा किसी और ही कार्य में करती है...लगी रहो बरखा....
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written by adarsh, April 11, 2011
barkha dutt niralj aur basarm journalist hai
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written by anu, April 11, 2011
she is more than radia, only a parasite and servile of power
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written by Love Thakur, April 11, 2011
I cogratulate Bhadas4media for exposing Barkha and all other brokers inside media. best wishes.
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written by Gopal Samanto , April 11, 2011
barkha u are very right this ppl who were fighting for the nation can be termed as lumpens and rowdies but there is 1 question what should we call ppl like you talking on phone with nira radia and selling the interests of our country....might be we call u a hypocrite for ur actions...
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written by Bijender Sharma, April 11, 2011
media dalaon ko yahan jagah mat do,yeh chor hain
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written by bijay singh, April 11, 2011
barkha should better think about your self first.
what you have done in past just think?
was it a professional ethic?
the great TATA'S who talk about ethics ,have shown this type of ethics ,what a corporate and media (barkha) ethics?????????
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written by Brij B. Bahuguna, April 11, 2011
महानुभाव,
यहाँ पर आप क्यूँ बरखा दत्त को कोस रहे हैं , जबकि गलती आपकी और हमारी है , हम वो अभागे हैं जो किसी शख्शियत का इतना महिमामंडन कर देते हैं की अंत में वोही हमें तुच्छ समझ बैठता है , एक समय प्रीटी जिंटा के लक्ष्य में निभाये किरदार को हमने बरखा दत्त के जीवन से जोड़ कर देखा था और आज वोही सोच हमारे अभागेपन पर हंस रही होगी , यही नियति है हमारी और हमारी सोच की ! अंत हमारा “Lumpens and rowdies” के रूप में होता है !
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written by raj, April 11, 2011
इतनी बेज्जती के बाद बरखा का ये रिएक्शन नॉर्मल है..बरखा कांग्रेस के रास्ते पर है जिसने पूरे 50 साल तक इस देश में भ्रष्टाचार का बीज को बोने के बाद बड़ा किया अब उसके फल खा रही है...उसी फलों की एक टोकरी बरखा को मिली है..जिसका मज़ा लेकर खाते हुए लोगों को गालियां बक रही हैं...

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