अमित सिन्हा के खिलाफ किशोर मालवीय ने दर्ज कराया मुकदमा

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: चारसौबीसी का मुकदमा दर्ज : पुलिस कभी भी कर सकती है गिरफ्तार : क्राइम सेल ने घर पर छापेमारी की : एक था वायस आफ इंडिया. संक्षेप में वीओआई कहा जाता था. अब तो लोग इस नाम, इस शब्द को भी नहीं सुनना चाहते. किसी दुखती रग की तरह है यह नाम. सैकड़ों लोगों की जिंदगियों और करियर को तबाह करने वाला यह नाम. सैकड़ों अरमानों के टूटने का कारण बनने वाला यह नाम. पर इस वीओआई की कहानी खत्म नहीं हुई है.

अदालत में मधुर मित्तल और अमित सिन्हा के बीच वीओआई पर कब्जे को लेकर मामला चल रहा है लेकिन कई नई सूचनाएं इस वीओआई से जुड़े मधुर मित्तल और अमित सिन्हा के बारे में मिल रही हैं. सबसे बड़ी खबर ये है कि अमित सिन्हा पर चारसौबीसी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. यह मुकदमा वैसे तो पिछले साल दर्ज कर लिया गया लेकिन ताजी खबर ये है कि दिल्ली पुलिस का एक एसीपी स्तर का अधिकारी अमित सिन्हा को गिरफ्तार करने के लिए लगा दिया गया है.

पूर्वी दिल्ली जिली की क्राइम सेल को चारसौबीसी का यह मामला हैंडल करने के लिए दे दिया गया है. पुलिस की एक टीम अमित सिन्हा को गिरफ्तार करने के कुछ दिन पहले उनके दिल्ली स्थित आवास पर गई थी लेकिन वहां कोई नहीं मिला. माना जा रहा है कि दिल्ली में अगर अमित सिन्हा अपने आवास पर आए तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. अमित सिन्हा का मोबाइल भी सर्विलांस पर लगाए जाने की सूचना है. यही नहीं, अमित सिन्हा के कारोबार, कामकाज और आर्थिक गतिविधियों पर भी पुलिस अलग से नजर रखे हुए है.

सूत्रों के मुताबिक अमित सिन्हा पर चारसौबीसी का मुकदमा किशोर मालवीय ने दर्ज कराया है. किशोर मालवीय कभी अमित सिन्हा के बेहद करीबी हुआ करते थे और वीओआई में ग्रुप एडिटर थे. लेकिन खुद की सेलरी मारे जाने से खफा किशोर मालवीय ने अमित सिन्हा का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए पुलिस में केस कर दिया है. ये जो पुलिस केस है, उसमें बताया गया है कि अमित सिन्हा ने जब कथित रूप से वीओआई का टेकओवर मित्तल बंधुओं से किया तो उन्होंने मित्तल बंधुओं को बचाने और कर्मियों को संतुष्ट करने के लिए सभी से अलग अलग एक एग्रीमेंट कर चेक सौंपा.

स्टांप पेपर वाले एग्रीमेंट में सभी से लिखवाया गया कि उनका मित्तल बंधुओं पर अब कोई बकाया नहीं है और जो बकाए की रकम थी उसे अमित सिन्हा ने मित्तल बंधुओं की तरफ से हमें चेक के जरिए दे दिया है. सभी ने खुशी खुशी स्टांप पेर युक्त एग्रीमेंट पर साइन कर दिया और चेक ले लिया. कहानी अब यहीं से शुरू होती है. एग्रीमेंट वाली कापी को लोगों ने जब गहराई से देखा तो एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. एग्रीमेंट जिस बैक डेट में दिखाया गया, उसके बाद की तारीख स्टांप पर पड़ी हुई थी. जो स्टांप लगा था, पर एग्रीमेंट के बाद की तारीख पड़ी थी.

मतलब कि एग्रीमेंट वाले दिन स्टांप था ही नहीं. या फिर स्टांप नकली था. कई तरह के सवाल हैं. दूसरा बड़ा जो मामला हुआ कि लोगों ने जब अमित सिन्हा की सर्चलाइट मूवीज के चेक बैंक में लगाए तो सारे चेक बाउंस हो गए. मतलब कि अमित सिन्हा ने बेहद सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी स्टांप पेपरों के जरिए एग्रीमेंट कराए और ऐसे चेक दिए जो बाउंस हो गए. मतलब, सभी से लिखवा लिया कि उनका कोई बकाया नहीं है और बदले में किसी को कुछ मिला नहीं क्योंकि चेक तो बाउंस हो गए थे. तब लोगों को कहना पड़ा कि मधुर मित्तल जैसे ठगों का बाप निकला यह अमित सिन्हा.

ठगे गए मीडियाकर्मियों में से ज्यादातर तो चुप लगा गए या नई नौकरी तलाशने में लग गए. कुछ एक लोगों ने चेक बाउंस होने का केस दर्ज कराया लेकिन किशोर मालवीय ने अमित सिन्हा पर चारसौबीसी का केस कर दिया. इस केस में अमित सिन्हा का फंसना तय है. उधर, चर्चा है कि वीओआई को लेकर कोर्ट में चल रहे केस में जल्द ही कुछ निर्णायक होने वाला है. कोर्ट के बाहर मधुर मित्तल और अमित सिन्हा में समझौते की खबर है. मित्तल्स का कहना है कि वे फिर से वीओआई को लांच करेंगे, किस फारमेंट में करेंगे और कब करेंगे, अभी तय नहीं है. अमित सिन्हा का कहना है कि वीओआई से मुक्त होकर वह जल्द ही एक नया चैनल लाने वाले हैं.

अगर आप वीओआई से किसी रूप में जुड़े रहे हैं और किसी रूप में इन महाठगों से ठगे गए हैं तो अपनी राम कहानी नीचे दिए कमेंट बाक्स के जरिए लिख सकते हैं या फिर This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it पर मेल कर सकते हैं.


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