दिलीप मंडल को पच नहीं रहा अन्ना का आंदोलन

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सीएनईबी के नए शो 'जनता मांगे जवाब'  में उस समय बहस काफी गरम हो गई जब एक वक्ता ने अन्ना हजारे के अनशन के औचित्य पर ही सवाल उठा दिया। एंकर अनुरंजन झा के हस्तक्षेप के बाद वक्ताओं को शांत कराया गया। पिछले सप्ताह शुरू हुए इस शो में इस बार एनसीपी नेता तारिक अनवर, समाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश, बीजेपी नेता अमिताभ सिन्हा, मैनेजमेंट गुरू अरिंदम चौधरी और पत्रकार एवं आईआईएमसी के प्रोफेसर दिलीप मंडल शरीक हुए।

तारिक अनवर ने इस बात पर सहमति जताई कि आंदोलन का मुद्दा महत्वपूर्ण है और भ्रष्टाचार को समाप्त किया जाना चाहिए। लेकिन जो संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि देश के तमाम नेता और राजनीतिक दल भ्रष्ट है उससे मैं सहमत नहीं हूं। स्वामी अग्निवेश ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में एक सही कानून बने क्योंकि जो जांच एजेंसियां है उनमें दम नहीं है। जनलोकपाल से यह काम बेहतर तरीके से होगा।

जनता

अरिंदम चौधरी ने अन्ना के आंदोलन पर कहा कि कोई तो आया सामने अगर चुनी हुई सरकार करप्शन करेगी तो जनता सड़क पर आएगी। दिलीप मंडल ने आंदोलन के तौर तरीको पर ऐतराज जताते हुए कहा कि यह आंदोलन उतना बड़ा नही था जितना इसे बताया गया। अमिताभ सिन्हा ने कहा कि यह जन आंदोलन है और मैं इससे सहमत हूं लेकिन अन्ना के आंदोलन को सही दिशा में रखा जाना चाहिए वरना यह सरकार के लिए सेफ्टी वाल्व का काम करेगी।

सीएनईबी के इस शो का प्रसारण 16 अप्रैल शनिवार रात 8 बजे होगा और इसका दोबारा प्रसारण रविवार सुबह 11 बजे होगा। 'जनता मांगे जवाब' के पहले शो का प्रसारण शनिवार 9 अप्रैल 2011 को किया गया था जिसमें वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मोहन, बीबीसी के भारत के पूर्व प्रमुख मार्क टली और बीजेपी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने हिस्सा लिया था। प्रेस रिलीज


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