हम ठेके पर काम करने वाले मजदूर हैं या पत्रकार!

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:अपनी पहचान के लिए आगे आएं स्ट्रिंगर : यशवंत जी, मैं भड़ास के माध्यम से पूरे देश में काम कर रहे स्ट्रिंगरों से आह्वान करना चाहता हूं कि वे अपनी पहचान के लिए, अपने अस्तित्व के लिए आगे आये और वे जिस संस्थान में काम कर रहे हैं उस संस्थान से लिखित रूप से मांगें कि वे क्या ठेके पर काम करने वाले मजदूर हैं या पत्रकार. यह सवाल पूछने पर मैं इसलिए विवश हुआ हूं कि सिवनी के जनसंपर्क विभाग ने माननीय हाईकोर्ट जबलपुर में मेरे ऊपर पुलिस प्रशासन द्वारा बनाये गये फर्जी मामलों के जबाब में एक पत्र लगाया है कि स्ट्रिंगर पत्रकार की श्रेणी में नहीं आते हैं,  वो एक अनुबंध के आधार पर संस्थानों के साथ काम करते है.

अत: सिवनी के जिला प्रशासन ने उस पत्र को माननीय हाईकोर्ट में लगा कर हम सभी स्ट्रिंगरों के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. मेरा आग्रह प्रदेश के सभी स्ट्रिंगर भाइयों से है कि हम क्या हैं?  इस बात पर खुल कर बहस हो और हमसे काम लेने वाले संस्थान इस बात को स्पष्‍ट करें कि वे हमें पत्रकार का दर्जा देते हैं कि नहीं या फिर ये भी हमारा शोषण ही कर रहे हैं?  आखिर हम हैं क्या यह तो तय हो.  मैं तो माननीय हाईकोर्ट में लड़ ही रहा हूं.  मैं चाहता हूं कि इस मुद्दे पर आप सब भी मेरे साथ हों.

राजेश स्थापक

सिवनी म. प्र.

मोबाइल - 09329766651

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