आजतक से हटाए गए भुप्पी अब तिवारी जी की सेवा में जुटे

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को ब्लैकमेल करने के आरोप में आजतक से भगाए गए भूपेंद्र नारायण सिंह उर्फ भुप्पी की क्रांतिकारिता धरी की धरी रह गई. अंततः उन्हें एक विवादित शख्स के शरणों में जाना पड़ा. खबर है कि भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी ने महुआ ग्रुप में बतौर आपरेशन हेड ज्वाइन कर लिया है. वे सीधे मालिक पीके तिवारी को रिपोर्ट करेंगे. कंटेंट हेड के बतौर राणा यशवंत आजतक से इस्तीफा देकर महुआ ज्वाइन कर ही चुके हैं.

सूत्रों के मुताबिक भुप्पी के पास पीके तिवारी के लायजनिंग के सभी काम हैं. पीके तिवारी और भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी, दोनों एक ही गाजीपुर जिले के निवासी हैं और इनके बीच पहले से अच्छे संबंध रहे हैं. बताया जाता है कि महुआ चैनल की शुरुआत के वक्त पीके तिवारी ने भुप्पी को ज्वाइन करने का आफर दिया था लेकिन तब भुप्पी ने बड़े चैनल में कार्य कर रहे होने के कारण ज्वाइन करने से मना कर दिया. सूत्रों के मुताबिक तब भुप्पी ने अंशुमान तिवारी को रिकमेंड किया और पीके तिवारी ने अंशुमान को नियुक्त भी कर दिया. अब जबकि भुप्पी खुद बेरोजगार हो गए तो अंततः अंशुमान तिवारी को कई वर्ष तक महुआ की सेवा करने के बाद भी बेआबरू होकर इस समूह से जाना पड़ा.

उधर, आजतक से नौकरी जाने के बाद भुप्पी ने मीडिया की दुनिया को अलविदा कहकर पायलट की डिग्री का इस्तेमाल करने का ऐलान कर दिया था. और कुछ दिनों तक इन्होंने जहाज उड़ाया भी. लेकिन मन न लगा. पीके तिवारी के हिलते-डुलते साम्राज्य को बचाने के लिए ऐसे लोगों की जरूरत थी जो शीर्ष स्तर पर दांवपेंच लगा सकें और कंपनी के हर कमजोर मोर्चे को मजबूत बना सकें. पंजाब के एक बड़े पुलिस अधिकारी के परिवार की पुत्री से शादी होने के कारण भुप्पी का कई प्रदेशों के शीर्ष लोगों से अच्छा खासा परिचय है. इस तरह पीके तिवारी को भुप्पी की और भुप्पी को पीके तिवारी की जरूरत महसूस हुई और अंततः दोनों मिल गए. अब देखना है कि ये यारी कितने महीने चल पाती है. भुप्पी महुआ के आपरेशन हेड का काम संभाल चुके हैं और नोएडा में बैठने लगे हैं.


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