ये लीपापोती का खेल है, मुझे इस सरकार की नीयत पर ही शक है

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: भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर 'जनता मांगे जवाब' : '2जी मामले और कॉमनवेल्थ घोटाले में मंत्री और अधिकारी भले ही जेल में हों लेकिन इसमें सरकार से बहुत उम्मीद नहीं की जा सकती। भ्रष्टाचार को लेकर तो मुझे सरकार की नीयत पर ही शक है।'  ये बाते कहीं बीजेपी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सीएनईबी के 'शो जनता मांगे जवाब' में। इस शो में नकवी समेत पूर्व ओलंपियन असलम शेर खां, विजलेंस के पूर्व अधिकारी सुधीर कुमार, पूर्व एथलीट और इंडिया अगेंस्ट करप्शन की सदस्य सुनीता गोदारा और पत्रकार देवांशु ने शिरकत की।

नकवी ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोप में कई मंत्रियों को अपना पद गंवाना पड़ा है और अधिकारियों की तो गिनती ही नहीं है, ऐसे में सरकार थोड़ी बहुत कार्रवाई का दिखावा करके लीपापोती करना चाहती है। असलम शेर खां ने कहा कि भ्रष्टाचार का आलम यह है कि हमलोग नल से पानी पीकर गोल्ड मेडल लाते थे, अब 700 करोड़ खर्च करके एक मेडल आता है। खेल संगठनों में बैठे आकाओं को खेल से कोई मतलब नहीं, वे तो महज अय्याशी करने की खातिर खेलों से जुड़ते हैं। अगर उनकी जिम्मेदारी तय कर दी जाय तो वैसे लोग भाग खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों की दुनिया में बहुत अहमियत नहीं है, लेकिन हमारे यहां इसके आयोजन पर बहुत बड़ी रकम खर्च की गयी। अगर इस रकम का पांच फीसदी हिस्सा भी खिलाड़ियों और खेलों की सुविधाओं पर खर्च किया गया होता तो दुनिया के खेल मंच पर भारत की तस्वीर कुछ अलग होती।

असलम शेर खां ने जब कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उन्हें भारत की युवा पीढ़ी से बहुत उम्मीद है तो इसपर शो को होस्ट और संपादक अनुरंजन झा ने सवाल उठाया कि जिस देश में 400 सीटों के लिए 7लाख युवा परीक्षा देने जुटते हैं, लेकिन उसी देश में अन्ना के आंदोलन में एक लाख लोग भी नहीं पहुंचते तो ऐसे में क्या उम्मीद की जा सकती है? इसपर असलम शेर खां ने कहा कि आज की फेसबुक और ट्वीटर वाली हाईटेक युवा पीढ़ी से बहुत उम्मीदे हैं और इसकी शुरुआत हो चुकी है।

पूर्व विजलेंस अधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में जिस तरह से मंत्री और अधिकारी जेल गए हैं उससे नहीं लगता है कि अब लोग बच पाएंगे, सुप्रीम कोर्ट, मीडिया और जनता का दबाव इतना बढ़ चुका है कि जांच एजेंसियां अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए यह बेहद अहम है कि विश्वसनीयता के साथ जिम्मेदारी भी तय हो। अब हर खर्चे का जनता को जवाब चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन घोटालों की जांच चल रही है, उसे अंजाम तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है।

पूर्व एथलीट और इंडिया अगेंस्ट करप्शन की सदस्य सुनीता गोदारा ने कॉमनवेल्थ घोटाला में जेल गए लोगों के बारे में कहा कि कल के ये चिंदी चोर आज इतने बड़े घोटालेबाज बन गए। 1984 में ये लोग खिलाड़ियों को मिलने वाले 10 डॉलर भी खुद हजम कर जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि घोटालेबाजों को महज जेल में बंद करने से काम नहीं चलने वाला बल्कि ऐसे लोगों से संबंधित रकम भी वसूल की जानी चाहिए, तभी इनपर लगाम लगेगा।

पत्रकार देवांशु ने कहा कि 2002 में कॉमनवेल्थ खेल के घोटाले की जो कहानी लिखी गई थी वह 2010 में उपन्यास के रुप में हमारे सामने आई। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि चुनाव में जनता के पास साफ-सुथरी छवि के उम्मीदवार का विकल्प नहीं होता और जो उम्मीदवार होते हैं चाहे जैसे भी हों उन्हीं मे से चुनना होता है। सीएनईबी के इस शो का प्रसारण 30 अप्रैल शनिवार रात 8 बजे और रविवार सुबह 11 बजे होगा। प्रेस विज्ञप्ति


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