ईटीवी ने बांड मूल्‍य एक लाख पचहत्‍तर हजार किया

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ईटीवी में काम करने वालों को नौकरी से पहले बंधन पत्र यानी बांड भरना होता है. यह बांड तीन सालों के लिए भरा जाता है. पहले इस बांड का मूल्‍य एक लाख रुपये था. यानी तीन सालों से पहले आप ईटीवी का साथ छोड़कर जाते हैं तो आपको नियमानुसार साल के हिसाब से पैसे प्रबंधन को देने होते थे. पहले ईटीवी की नौकरी आराम की नौकरी मानी जाती थी, परन्‍तु बीते दिनों में जब यहां काम का बोझ बढ़ने लगा तो भागने-छोड़ने वालों की संख्‍या भी तेज हो गई.

काम के दबाव, काम का माहौल, सैलरी आदि मामलों को लेकर पिछले दिनों काफी लोगों ने ईटीवी से मुं‍ह मोड़ लिया था तथा दूसरे संस्‍थानों से जुड़ गए थे. इसको देखते हुए प्रबंधन ने बंधन पत्र यानी बांड का मूल्‍य सवा लाख कर दिया था. अब खबर है कि प्रबंधन ने इसका मूल्‍य सवा लाख से बढ़ाकर एक लाख पचहत्‍तर हजार रुपये कर दिया है. यानी जो तीन साल से पहले ईटीवी को छोड़कर जाएगा वो नियमत: उतने पैसे संस्‍थान में जमा करेगा.

नई खबर यह है कि नए बांड मूल्‍य के बाद अब पत्रकार ईटीवी जाने से कतराने लगे हैं. सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले 12 लोगों की ईटीवी में ज्‍वाइन होने वाली थी.  इन लोगों को ज्‍वाइनिंग लेटर वगैरह भी दे दिए गए थे, परन्‍तु बांड मूल्‍य और बाध्‍यता देखने के बाद इन लोगों ने ईटीवी ज्‍वाइन करने से इनकार कर दिया. अब ईटीवीयन्‍य की मुश्किल यह है कि अगर बांड भरते हैं तो मजबूरी में उन्‍हें तीन साल काम करना पड़ेगा या बीच में छोड़ते हैं तो मेहनत की कमाई गंवानी पड़ेगी.


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