मैं सिर्फ एक बार ईडी के अधिकारी राजेश्वर सिंह से मिला : उपेंद्र राय

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प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के चक्कर में बुरी तरह घिर चुके सहारा मीडिया के डायरेक्टर न्यूज उपेंद्र राय ने कहा है कि उनकी मुलाकात प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी राजेश्वर सिंह से सिर्फ एक बार हुई है और वह भी कुछ मिनटों के लिए. बात जुलाई-अगस्त 2010 की है. तब तक नीरा राडिया के पास कोई नोटिस नहीं भेजा गया था. इस एक मुलाकात के अलावा मेरी कोई मुलाकात किसी प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी से नहीं हुई है, इसलिए रिश्वत देने का सवाल ही नहीं उठता.

जहां तक नीरा राडिया से संबंधों की बात है तो जब मैं एक चैनल में एडिटर इनवेस्टीगेशन के पद पर काम कर रहा था तो सिविल एविएशन से संबंधित स्टोरीज के लिए थोड़ी बहुत बातचीत नीरा राडिया से हुई. राडिया से अब तक मेरी आठ-दस बार मुलाकात हुई होगी लेकिन ये सारी मुलाकात बतौर प्रोफेशनल जर्नलिस्ट की और स्टोरीज के लिए जानकारी जुटाने के मकसद से की.  उपेंद्र राय ने कहा कि सीबीआई को मेरी ईडी के अधिकारी राजेश्वर सिंह के साथ सभी कथित बैठकों और फोन पर बातचीत की पूरी जांच करनी चाहिए. राजेश्वर और मुझसे, हम दोनों से पूछताछ होनी चाहिए. मुझे कोई दिक्कत नहीं है. मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगा. मैं जरूर चाहूंगा कि प्रवर्तन निदेशालय के उन अधिकारियों को भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए जिन्होंने मेरे पर आरोप लगाए हैं.

उपेंद्र राय ने बताया कि ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह से मेरी मीटिंग पांच मिनट के करीब हुई. मेरे पर आरोप एक गहरी साजिश का हिस्सा है ताकि मेरी छवि खराब की जा सके. जो कुछ फैलाया जा रहा है, वह सब झूठ है. यह सब मेरे विरोधी करा रहे हैं. किसी भी जांच या मामले में मैंने कभी किसी व्यक्ति, अथॉरिटी से संपर्क नहीं किया है. ईडी और सीबीआई के अधिकारी आरोपों को साबित करके दिखाएं.

उपेंद्र राय ने जानकारी दी कि उन्होंने जनवरी 2010 में ईडी के एक अधिकारी की संदेहास्पद गतिविधियों के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय में शिकायत की थी. संभव है, यह सब बदला लेने की कार्रवाई हो. उपेंद्र राय ने बताया कि उन्होंने 2009 में ईडी के कुछ अधिकारियों के खिलाफ खबरें प्रसारित की थीं. पिछले साल नवंबर में मैं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के साथ विदेश यात्रा पर था. 10 दिनों तक देश से बाहर था. ईडी का पत्र नवंबर के अंत में भेजा गया. इसमें यह नहीं कहा गया है कि यह कथित मामला नवंबर में हुआ था. जो कुछ हो रहा है वह मेरे नाम और छवि को खराब करने वाला अभियान है.

(पीटीआई, हेडलाइंस टुडे और इकोनामिक टाइम्स से उपेंद्र राय की हुई बातचीत पर आधारित)


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